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Sonipat News: खेलों से सीखते हैं बच्चे, आंगनबाड़ी में लगा स्कूल रेडिनेस मेला
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गोहाना में आंगनबाड़ी में लगा स्कूल रेडिनेस मेला। स्रोत : प्रवक्ता
- फोटो : samba news
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गोहाना। गांव जौली के आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में स्कूल रेडिनेस मेले का आयोजन किया गया। मेले में ग्रामीण महिलाओं और तीन से छह वर्ष आयु के बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी में चल रहे प्ले स्कूल की सुविधाओं और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई।
महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी सुशीला देवी ने बताया कि छोटे बच्चों को खेलकूद के माध्यम से शिक्षा देने से उनके शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और सामाजिक विकास में मदद मिलती है। इसलिए आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूलों को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि बच्चे खेल-खेल में सीख सकें।
मेले में बच्चों को पढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सहायक सामग्री की किट की प्रदर्शनी भी लगाई गई। महिलाओं को बताया गया कि खेल के जरिए बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ती है और पढ़ाई उन्हें बोझ नहीं लगती।
उन्होंने कहा कि बचपन में बच्चों को सबसे ज्यादा खुशी खेलते हुए मिलती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्ले स्कूलों में खेल के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है, ताकि बच्चे मनोरंजन के साथ प्राथमिक शिक्षा भी हासिल कर सकें। अभिभावकों ने भी बच्चों को मिलने वाले पौष्टिक भोजन, खेल की सुविधाओं और पढ़ाई को लेकर संतोष जताया।
इस मौके पर सीएमजीजीए प्राखर सचैन, सर्कल सुपरवाइजर नीलम, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर प्रीति, आंगनबाड़ी वर्कर सुदेश, निर्मला, कौशल्या, धनपति और कृष्णा के अलावा महिलाएं व बच्चे मौजूद रहे।
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महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी सुशीला देवी ने बताया कि छोटे बच्चों को खेलकूद के माध्यम से शिक्षा देने से उनके शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और सामाजिक विकास में मदद मिलती है। इसलिए आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूलों को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि बच्चे खेल-खेल में सीख सकें।
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मेले में बच्चों को पढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सहायक सामग्री की किट की प्रदर्शनी भी लगाई गई। महिलाओं को बताया गया कि खेल के जरिए बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ती है और पढ़ाई उन्हें बोझ नहीं लगती।
उन्होंने कहा कि बचपन में बच्चों को सबसे ज्यादा खुशी खेलते हुए मिलती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्ले स्कूलों में खेल के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है, ताकि बच्चे मनोरंजन के साथ प्राथमिक शिक्षा भी हासिल कर सकें। अभिभावकों ने भी बच्चों को मिलने वाले पौष्टिक भोजन, खेल की सुविधाओं और पढ़ाई को लेकर संतोष जताया।
इस मौके पर सीएमजीजीए प्राखर सचैन, सर्कल सुपरवाइजर नीलम, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर प्रीति, आंगनबाड़ी वर्कर सुदेश, निर्मला, कौशल्या, धनपति और कृष्णा के अलावा महिलाएं व बच्चे मौजूद रहे।