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आर्य समाज ने सामाजिक क्रांति और राष्ट्रीय चेतना जगाई : स्वामी शांतानंद
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 11 Apr 2026 09:41 PM IST
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गोहाना में महर्षि दयानंद सरस्वती पार्क में स्वामी शांतानंद सरस्वती हवन यज्ञ करते हुए। स्रोत : स
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। सेक्टर-7 स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती पार्क में आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा की ओर से आर्य समाज का स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हवन से हुई। मुख्य अतिथि स्वामी शांतानंद सरस्वती (सुंदरपुर, रोहतक) रहे।
उन्होंने कहा कि आर्य समाज स्थापना दिवस हमें याद दिलाता है कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने समाज में फैले अंधविश्वास, मूर्ति पूजा, कर्मकांड और पाखंड के खिलाफ आवाज उठाई और वेदों की ओर लौटो का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने बाल विवाह, सती प्रथा, छुआछूत और जातिवाद जैसी कुरीतियों का विरोध किया। साथ ही विधवा विवाह और नारी शिक्षा का समर्थन कर समाज में महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव रखी।
मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने कहा कि आर्य समाज ने देश में राष्ट्रवाद की भावना जगाने का काम किया है। लाला लाजपत राय, भगत सिंह, रामप्रसाद बिस्मिल और स्वामी श्रद्धानंद जैसे कई महान क्रांतिकारी इसी विचारधारा से प्रेरित थे।
उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद ने सबसे पहले स्वराज का संदेश दिया था। उनके मिशन को आगे बढ़ाते हुए डीएवी स्कूल-कॉलेज और गुरुकुलों की स्थापना हुई जहां लाखों युवाओं को वैदिक और आधुनिक शिक्षा मिली।
इस अवसर पर जगबीर कुंडू, धर्मवीर मलिक, अशोक आर्य, सुरेश पवार, शिवचरण पांचाल, धर्मपाल आर्य, अजीत आर्य, सतनारायण आर्य और राजदेव आर्य मौजूद रहे।
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गोहाना। सेक्टर-7 स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती पार्क में आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा की ओर से आर्य समाज का स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हवन से हुई। मुख्य अतिथि स्वामी शांतानंद सरस्वती (सुंदरपुर, रोहतक) रहे।
उन्होंने कहा कि आर्य समाज स्थापना दिवस हमें याद दिलाता है कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने समाज में फैले अंधविश्वास, मूर्ति पूजा, कर्मकांड और पाखंड के खिलाफ आवाज उठाई और वेदों की ओर लौटो का संदेश दिया।
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उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने बाल विवाह, सती प्रथा, छुआछूत और जातिवाद जैसी कुरीतियों का विरोध किया। साथ ही विधवा विवाह और नारी शिक्षा का समर्थन कर समाज में महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव रखी।
मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने कहा कि आर्य समाज ने देश में राष्ट्रवाद की भावना जगाने का काम किया है। लाला लाजपत राय, भगत सिंह, रामप्रसाद बिस्मिल और स्वामी श्रद्धानंद जैसे कई महान क्रांतिकारी इसी विचारधारा से प्रेरित थे।
उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद ने सबसे पहले स्वराज का संदेश दिया था। उनके मिशन को आगे बढ़ाते हुए डीएवी स्कूल-कॉलेज और गुरुकुलों की स्थापना हुई जहां लाखों युवाओं को वैदिक और आधुनिक शिक्षा मिली।
इस अवसर पर जगबीर कुंडू, धर्मवीर मलिक, अशोक आर्य, सुरेश पवार, शिवचरण पांचाल, धर्मपाल आर्य, अजीत आर्य, सतनारायण आर्य और राजदेव आर्य मौजूद रहे।