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Sonipat News: जिलेभर में मना हरियाली तीज, झूलों पर दिखी हरियाणवी संस्कृति की रंगत
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फोटो : सोनीपत के वेस्ट रामनगर में हरियाली तीज महोत्सव के दौरान झूला झूलती महिलाएं। स्रोत: पाठक
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सोनीपत। जिलेभर में स्वतंत्रता दिवस के साथ हरियाली तीज महोत्सव भी हर्षोल्लास से मनाया गया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर झूले झूले और हरियाणवी लोकगीत गाकर त्योहार की खुशियां मनाईं। कहीं महिलाएं घाघरा, कुर्ता और ओढ़नी में नजर आईं तो कहीं आधुनिक परिधान के साथ भी हरियाणवी संस्कृति के रंग में रंगी दिखीं।
शहर के वेस्ट रामनगर में महिलाओं ने एकत्रित होकर झूला डाला। उन्होंने गुलगुले और सुहाली का स्वाद चखते हुए पारंपरिक गीत गाए और एक-दूसरे को झूला झुलाया। सुनीता, संतोष, मोनिका, मुकेश, प्रमीता, ललिता, पूजा, बाला, इंदु, गुड्डी और अनीता ने बताया कि तीज हरियाणवी संस्कृति का प्रमुख त्योहार है। इसके आगमन के साथ ही अन्य त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाता है।
इसी कारण हरियाणवी बोली में कहा गया है- ‘आगी तीज, बिखेरगी बीज।’ महिलाओं ने झूले पर पींग बढ़ाते हुए पारंपरिक रूप से सास का नाथ भी तोड़ा। वहीं, जटवाड़ा 360 की ओर से भी तीज महोत्सव आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य किया और झूले झूले।
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शहर के वेस्ट रामनगर में महिलाओं ने एकत्रित होकर झूला डाला। उन्होंने गुलगुले और सुहाली का स्वाद चखते हुए पारंपरिक गीत गाए और एक-दूसरे को झूला झुलाया। सुनीता, संतोष, मोनिका, मुकेश, प्रमीता, ललिता, पूजा, बाला, इंदु, गुड्डी और अनीता ने बताया कि तीज हरियाणवी संस्कृति का प्रमुख त्योहार है। इसके आगमन के साथ ही अन्य त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाता है।
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इसी कारण हरियाणवी बोली में कहा गया है- ‘आगी तीज, बिखेरगी बीज।’ महिलाओं ने झूले पर पींग बढ़ाते हुए पारंपरिक रूप से सास का नाथ भी तोड़ा। वहीं, जटवाड़ा 360 की ओर से भी तीज महोत्सव आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य किया और झूले झूले।

फोटो : सोनीपत के वेस्ट रामनगर में हरियाली तीज महोत्सव के दौरान झूला झूलती महिलाएं। स्रोत: पाठक
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