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Sonipat News: मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल बंद, 60 हजार से ज्यादा किसान पंजीकरण से वंचित
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सोनीपत। खरीफ सीजन में फसल पंजीकरण के लिए अनिवार्य किए गए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल के हो गया है। पोर्टल बंद होने से जिले के 60 हजार से अधिक किसान पंजीकरण से वंचित रह गए हैं। जिले में चार लाख एकड़ से अधिक भूमि दर्ज होने के बावजूद अब तक 38,890 किसानों की 2,13,718 एकड़ भूमि का ही पंजीकरण हो पाया है। किसानों का कहना है कि पंजीकरण नहीं होने से खाद लेने और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की सब्सिडी का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है।
किसानों ने सरकार से पोर्टल दोबारा खोलने की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन ने भी किसानों के पंजीकरण से वंचित रहने पर रोष जताया है। किसानों के अनुसार, पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई थी। इसके बाद पोर्टल 15 अगस्त तक दोबारा खोलने की बात कही गई थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण बड़ी संख्या में किसान पंजीकरण नहीं करा सके।
भाकियू जिला प्रधान वीरेंद्र पहल ने कहा कि 30 और 31 जुलाई को भी पोर्टल सही तरीके से काम नहीं कर रहा था। बाद में इसे दोबारा खोलने की बात कही गई, लेकिन इसका किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। उन्होंने सरकार से पंजीकरण से वंचित सभी किसानों के लिए पोर्टल फिर खोलने की मांग की।
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पंजीकरण नहीं हुआ तो योजनाओं के लाभ में आ सकती है दिक्कत
किसान राजेश, संदीप और महेश ने कहा कि फसल पंजीकरण नहीं होने पर खाद लेने और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। इससे पंजीकरण से वंचित किसानों की चिंता बढ़ गई है।
गोहाना में सबसे अधिक भूमि का पंजीकरण
जिले के ब्लॉकों में फसल पंजीकरण की स्थिति अलग-अलग है। गोहाना में सबसे अधिक 12,784 किसानों की 76,598 एकड़ भूमि का पंजीकरण हुआ है। गन्नौर में 29,993 एकड़, खानपुर में 19,832 एकड़, खरखौदा में 25,249 एकड़ और सोनीपत ब्लॉक में 48,020 एकड़ भूमि का पंजीकरण हुआ है। राई में सबसे कम 2,671 किसानों की 14,025 एकड़ भूमि का पंजीकरण हुआ है।
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जिले में अब तक 38,890 किसानों ने अपनी फसलों का पंजीकरण कराया है। किसानों को लगातार फसल पंजीकरण के लिए जागरूक किया जाता रहा है। मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार विभाग की ओर से कार्य किया जा रहा है।
वीरेंद्र आर्य, कृषि उपनिदेशक सोनीपत
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किसानों ने सरकार से पोर्टल दोबारा खोलने की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन ने भी किसानों के पंजीकरण से वंचित रहने पर रोष जताया है। किसानों के अनुसार, पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई थी। इसके बाद पोर्टल 15 अगस्त तक दोबारा खोलने की बात कही गई थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण बड़ी संख्या में किसान पंजीकरण नहीं करा सके।
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भाकियू जिला प्रधान वीरेंद्र पहल ने कहा कि 30 और 31 जुलाई को भी पोर्टल सही तरीके से काम नहीं कर रहा था। बाद में इसे दोबारा खोलने की बात कही गई, लेकिन इसका किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। उन्होंने सरकार से पंजीकरण से वंचित सभी किसानों के लिए पोर्टल फिर खोलने की मांग की।
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पंजीकरण नहीं हुआ तो योजनाओं के लाभ में आ सकती है दिक्कत
किसान राजेश, संदीप और महेश ने कहा कि फसल पंजीकरण नहीं होने पर खाद लेने और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। इससे पंजीकरण से वंचित किसानों की चिंता बढ़ गई है।
गोहाना में सबसे अधिक भूमि का पंजीकरण
जिले के ब्लॉकों में फसल पंजीकरण की स्थिति अलग-अलग है। गोहाना में सबसे अधिक 12,784 किसानों की 76,598 एकड़ भूमि का पंजीकरण हुआ है। गन्नौर में 29,993 एकड़, खानपुर में 19,832 एकड़, खरखौदा में 25,249 एकड़ और सोनीपत ब्लॉक में 48,020 एकड़ भूमि का पंजीकरण हुआ है। राई में सबसे कम 2,671 किसानों की 14,025 एकड़ भूमि का पंजीकरण हुआ है।
जिले में अब तक 38,890 किसानों ने अपनी फसलों का पंजीकरण कराया है। किसानों को लगातार फसल पंजीकरण के लिए जागरूक किया जाता रहा है। मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार विभाग की ओर से कार्य किया जा रहा है।
वीरेंद्र आर्य, कृषि उपनिदेशक सोनीपत