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Sonipat News: बाल समागम में गूंजे प्रेम, संस्कार और सेवा के संदेश, बच्चों ने प्रस्तुतियों से जीता दिल
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 08 Jun 2026 04:14 AM IST
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फोटो :06 सोनीपत में आयोजित निरंकारी बाल समागम में प्रस्तुति देते बच्चे। स्रोत संस्था
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सोनीपत। संत निरंकारी मिशन की सोनीपत शाखा की तरफ से आयोजित निरंकारी बाल समागम में बच्चों ने अपनी प्रतिभा, संस्कारों और आध्यात्मिक चेतना का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में 5 से 16 वर्ष आयु वर्ग के 70 से अधिक बच्चों ने भक्ति गीत, प्रेरणादायी भाषण, लघु नाटिकाओं और कविताओं के माध्यम से प्रेम, मानवता, सेवा और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया।
समागम की अध्यक्षता भिवानी के क्षेत्रीय संचालक विजय शर्मा ने की। उन्होंने सत्गुरु माता सुदीक्षा महाराज के संदेश को साझा करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही राष्ट्र और समाज का भविष्य हैं। यदि बचपन से उनमें प्रेम, सेवा, विनम्रता और श्रेष्ठ संस्कारों के बीज बोए जाएं तो वह आने वाले समय में समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनेंगे।
संस्कारों और नैतिक मूल्यों का दिया संदेश
बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से माता-पिता के सम्मान, प्रभु स्मरण, सकारात्मक सोच, निस्वार्थ सेवा, आपसी प्रेम, भाईचारे और तकनीक के संतुलित उपयोग जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावुक करने के साथ-साथ जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा भी दी। बाल समागम में राई, कुंडली, गन्नौर, बरोदा, गोहाना तथा नाहरा-नाहरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के बच्चों ने भाग लिया।
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1500 श्रद्धालुओं ने बढ़ाया उत्साह
करीब 1500 श्रद्धालुओं की उपस्थिति में आयोजित इस समागम में बच्चों की रचनात्मकता, अनुशासन और संस्कारों की झलक देखने को मिली। उपस्थित श्रद्धालुओं ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का समापन मानवता, प्रेम और सेवा के संदेश के साथ हुआ। बच्चों की प्रस्तुतियों में आध्यात्मिकता, संस्कार और सामाजिक सरोकारों का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
समागम की अध्यक्षता भिवानी के क्षेत्रीय संचालक विजय शर्मा ने की। उन्होंने सत्गुरु माता सुदीक्षा महाराज के संदेश को साझा करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही राष्ट्र और समाज का भविष्य हैं। यदि बचपन से उनमें प्रेम, सेवा, विनम्रता और श्रेष्ठ संस्कारों के बीज बोए जाएं तो वह आने वाले समय में समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनेंगे।
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संस्कारों और नैतिक मूल्यों का दिया संदेश
बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से माता-पिता के सम्मान, प्रभु स्मरण, सकारात्मक सोच, निस्वार्थ सेवा, आपसी प्रेम, भाईचारे और तकनीक के संतुलित उपयोग जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावुक करने के साथ-साथ जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा भी दी। बाल समागम में राई, कुंडली, गन्नौर, बरोदा, गोहाना तथा नाहरा-नाहरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के बच्चों ने भाग लिया।
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करीब 1500 श्रद्धालुओं की उपस्थिति में आयोजित इस समागम में बच्चों की रचनात्मकता, अनुशासन और संस्कारों की झलक देखने को मिली। उपस्थित श्रद्धालुओं ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का समापन मानवता, प्रेम और सेवा के संदेश के साथ हुआ। बच्चों की प्रस्तुतियों में आध्यात्मिकता, संस्कार और सामाजिक सरोकारों का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

फोटो :06 सोनीपत में आयोजित निरंकारी बाल समागम में प्रस्तुति देते बच्चे। स्रोत संस्था