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Sonipat News: आपदा तैयारियों के आकलन के लिए मॉक ड्रिल
Fri, 07 Aug 2026 07:35 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 07 Aug 2026 07:35 PM IST
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फोटो: सोनीपत के डीआरडीए हॉल के पास मॉक ड्रिल के दौरान घायलों का उपचार करते डॉ. राकेश फोगाट। स्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। डीआरडीए परिसर में शुक्रवार को आपदा तैयारियों का आकलन करने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें हवाई हमले की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसमें लोग घायल हुए और मलबे में फंसे दिखाए गए। सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य, अग्निशमन और रेडक्रॉस सहित कई विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं।
नोडल अधिकारी एवं गन्नौर तहसीलदार ललिता ने इस मॉक ड्रिल की अध्यक्षता की। विभिन्न सरकारी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने इसमें संयुक्त रूप से भाग लिया। राहत दलों ने घायलों को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार दिया। सिविल डिफेंस के कमांडेंट अधिकारी सुरेंद्र हुड्डा ने राहत कार्यों का सफल संचालन किया।
अग्निशमन विभाग ने संभावित आग पर नियंत्रण पाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभ्यास किया। पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने आपदा के दौरान पशुओं के बचाव, उपचार और सुरक्षा संबंधी तैयारियां दिखाईं। उन्होंने बताया कि पशुधन की सुरक्षा भी आपदा प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रेडक्रॉस, यूथ रेडक्रॉस, सिविल डिफेंस और होमगार्ड ने घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। उन्होंने प्राथमिक उपचार दिलाने और भीड़ नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभाई।
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सोनीपत। डीआरडीए परिसर में शुक्रवार को आपदा तैयारियों का आकलन करने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें हवाई हमले की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसमें लोग घायल हुए और मलबे में फंसे दिखाए गए। सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य, अग्निशमन और रेडक्रॉस सहित कई विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं।
नोडल अधिकारी एवं गन्नौर तहसीलदार ललिता ने इस मॉक ड्रिल की अध्यक्षता की। विभिन्न सरकारी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने इसमें संयुक्त रूप से भाग लिया। राहत दलों ने घायलों को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार दिया। सिविल डिफेंस के कमांडेंट अधिकारी सुरेंद्र हुड्डा ने राहत कार्यों का सफल संचालन किया।
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अग्निशमन विभाग ने संभावित आग पर नियंत्रण पाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभ्यास किया। पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने आपदा के दौरान पशुओं के बचाव, उपचार और सुरक्षा संबंधी तैयारियां दिखाईं। उन्होंने बताया कि पशुधन की सुरक्षा भी आपदा प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रेडक्रॉस, यूथ रेडक्रॉस, सिविल डिफेंस और होमगार्ड ने घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। उन्होंने प्राथमिक उपचार दिलाने और भीड़ नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभाई।
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