{"_id":"69b1ca8d622fefcc54094a46","slug":"one-third-of-dhabas-are-in-trouble-due-to-the-stoppage-of-supply-of-commercial-cylinders-sonipat-news-c-197-1-snp1015-150758-2026-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने से एक तिहाई ढाबे संकट में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने से एक तिहाई ढाबे संकट में
विज्ञापन
मुरथल स्थित ढाबा।
विज्ञापन
सोनीपत। अपने पराठों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध मुरथल के ढाबों की रौनक कम हो सकती है। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने का असर यहां के ढाबों पर भी पड़ने वाला है क्योंकि यहां के एक तिहाई ढाबों पर पाइपलाइन से गैस की सप्लाई नहीं है।
एनएच-44 के दिल्ली से पानीपत जाने वाले लेन के किनारे पीएनजी की पाइपलाइन डाली गई है। इस तरफ के ढाबों में ही उसका कनेक्शन है। इसके दूसरी ओर के सभी ढाबे कॉमर्शियल गैस सिलिंडर से ही चलते हैं।
हालांकि, ढाबा संचालकों का कहना है कि अभी उनके पास तीन-चार दिन की गैस है लेकिन समस्या तो जरूर आएगी। कुछ ढाबा संचालकों ने तो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी शुरू कर दी है।
मन्नत हवेली ढाबा के मैनेजर सचिन ने बताया कि मुरथल में रोड के दोनों ओर पीएनजी की पाइपलाइन ही नहीं बिछाई गई है। केवल दिल्ली-पानीपत लेन के किनारे ही पाइपलाइन है। उसी तरफ के बड़े ढाबों में इसका कनेक्शन है। मुरथल में 100 से ज्यादा ढाबे हैं। 25 के करीब बड़े ढाबे हैं जिनमें पीएनजी कनेक्शन हैं। कॉमर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई बंद होने से दूसरे ढाबों पर संकट उत्पन्न हो गया है।
उन्होंने बताया कि उनके यहां एक दिन में 15 सिलिंडरों की खपत है। दो से तीन का बैकअप लेकर चलते हैं। सिलिंडर की स्थिति को देखते हुए उन्होंने इंडक्शन भट्ठी, डीजल भट्ठी का इंतजाम किया है। उनका कहना है कि इसकी भी तत्काल उपलब्धता नहीं है।
ऑर्डर देने के बाद भी तुरंत इसकी सप्लाई भी नहीं हो रही है। आनन-फानन इसे लगवाना भी सभी के लिए संभव नहीं है। इससे यह तो तय है कि यदि लंबे समय तक यही स्थिति रही तो मुरथल के ढाबा संचालकों के समक्ष संकट खड़ा हो जाएगा।
Trending Videos
एनएच-44 के दिल्ली से पानीपत जाने वाले लेन के किनारे पीएनजी की पाइपलाइन डाली गई है। इस तरफ के ढाबों में ही उसका कनेक्शन है। इसके दूसरी ओर के सभी ढाबे कॉमर्शियल गैस सिलिंडर से ही चलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
हालांकि, ढाबा संचालकों का कहना है कि अभी उनके पास तीन-चार दिन की गैस है लेकिन समस्या तो जरूर आएगी। कुछ ढाबा संचालकों ने तो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी शुरू कर दी है।
मन्नत हवेली ढाबा के मैनेजर सचिन ने बताया कि मुरथल में रोड के दोनों ओर पीएनजी की पाइपलाइन ही नहीं बिछाई गई है। केवल दिल्ली-पानीपत लेन के किनारे ही पाइपलाइन है। उसी तरफ के बड़े ढाबों में इसका कनेक्शन है। मुरथल में 100 से ज्यादा ढाबे हैं। 25 के करीब बड़े ढाबे हैं जिनमें पीएनजी कनेक्शन हैं। कॉमर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई बंद होने से दूसरे ढाबों पर संकट उत्पन्न हो गया है।
उन्होंने बताया कि उनके यहां एक दिन में 15 सिलिंडरों की खपत है। दो से तीन का बैकअप लेकर चलते हैं। सिलिंडर की स्थिति को देखते हुए उन्होंने इंडक्शन भट्ठी, डीजल भट्ठी का इंतजाम किया है। उनका कहना है कि इसकी भी तत्काल उपलब्धता नहीं है।
ऑर्डर देने के बाद भी तुरंत इसकी सप्लाई भी नहीं हो रही है। आनन-फानन इसे लगवाना भी सभी के लिए संभव नहीं है। इससे यह तो तय है कि यदि लंबे समय तक यही स्थिति रही तो मुरथल के ढाबा संचालकों के समक्ष संकट खड़ा हो जाएगा।

मुरथल स्थित ढाबा।