{"_id":"69d562425f9ab95f7b0a8d61","slug":"server-down-in-the-morning-drizzle-in-the-afternoon-increased-the-moisture-in-the-wheat-sonipat-news-c-197-1-snp1001-152078-2026-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: सुबह सर्वर ठप, दोपहर बाद बूंदाबांदी से गेहूं में बढ़ी नमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: सुबह सर्वर ठप, दोपहर बाद बूंदाबांदी से गेहूं में बढ़ी नमी
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 08 Apr 2026 01:30 AM IST
विज्ञापन
फोटो : सोनीपत की अनाज मंडी में बूंदाबांदी की वजह से तिरपाल के अभाव में भीगी पड़ी गेहूं की ढेरी
विज्ञापन
सोनीपत। नई अनाज मंडी में रबी खरीद सीजन के दौरान मंगलवार को किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ी। पहले तकनीकी खामियों के कारण खरीद प्रक्रिया प्रभावित रही तो दोपहर बाद हुई बूंदाबांदी व हल्की बारिश ने गेहूं भिगो दिया। बढ़ी नमी के चलते गेहूं की खरीद पूरी तरह ठप रही, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंगलवार सुबह से ही अनाज मंडी में अव्यवस्था का माहौल रहा। गेट पास जारी करने के लिए सर्वर ठप हो गया जिसे किसानों की एंट्री प्रक्रिया बाधित हो गई। हालांकि, प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत रजिस्टर में किसानों का विवरण दर्ज करना शुरू किया लेकिन खरीद प्रक्रिया गति नहीं पकड़ सकी।
दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और तेज हवा के साथ हुई बूंदाबांदी व हल्की बारिश ने मंडी में रखे गेहूं को भिगो दिया। गेहूं में नमी बढ़कर 17 से 19 प्रतिशत तक पहुंच गई जिससे खरीद एजेंसियों ने खरीद करने से हाथ खींच लिये। पूरे दिन मंडी में गेहूं नहीं खरीदा जा सका।
विशेषज्ञों का मानना है कि अब नमी कम होने में एक से दो दिन का समय लग सकता है, जिसके बाद ही खरीद प्रक्रिया सामान्य हो पाएगी।
जिले में सरकार ने पहली अप्रैल से खरीद प्रक्रिया शुरू की गई है और करीब 20 केंद्र बनाए गए हैं।
गोहाना मंडी में आढ़तियों की हड़ताल के कारण खरीद प्रभावित रही, लेकिन मंगलवार को हड़ताल समाप्त होने से स्थिति में कुछ सुधार की उम्मीद जगी है।
रजिस्टर में दर्ज हुई किसानों की एंट्री
सर्वर ठप होने के कारण गेट पास जारी नहीं हो सके। ऐसे में मंडी प्रशासन ने रजिस्टर में किसानों का रिकॉर्ड दर्ज किया। बायोमीट्रिक प्रणाली भी प्रभावित रही, जिससे किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ा और खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।
गेहूं के साथ-साथ सरसों की खरीद भी प्रभावित रही। मंडी में करीब 300 क्विंटल सरसों पहुंची, लेकिन 10 से 14 फीसदी नमी के चलते कोई खरीदार सामने नहीं आया।
Trending Videos
मंगलवार सुबह से ही अनाज मंडी में अव्यवस्था का माहौल रहा। गेट पास जारी करने के लिए सर्वर ठप हो गया जिसे किसानों की एंट्री प्रक्रिया बाधित हो गई। हालांकि, प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत रजिस्टर में किसानों का विवरण दर्ज करना शुरू किया लेकिन खरीद प्रक्रिया गति नहीं पकड़ सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और तेज हवा के साथ हुई बूंदाबांदी व हल्की बारिश ने मंडी में रखे गेहूं को भिगो दिया। गेहूं में नमी बढ़कर 17 से 19 प्रतिशत तक पहुंच गई जिससे खरीद एजेंसियों ने खरीद करने से हाथ खींच लिये। पूरे दिन मंडी में गेहूं नहीं खरीदा जा सका।
विशेषज्ञों का मानना है कि अब नमी कम होने में एक से दो दिन का समय लग सकता है, जिसके बाद ही खरीद प्रक्रिया सामान्य हो पाएगी।
जिले में सरकार ने पहली अप्रैल से खरीद प्रक्रिया शुरू की गई है और करीब 20 केंद्र बनाए गए हैं।
गोहाना मंडी में आढ़तियों की हड़ताल के कारण खरीद प्रभावित रही, लेकिन मंगलवार को हड़ताल समाप्त होने से स्थिति में कुछ सुधार की उम्मीद जगी है।
रजिस्टर में दर्ज हुई किसानों की एंट्री
सर्वर ठप होने के कारण गेट पास जारी नहीं हो सके। ऐसे में मंडी प्रशासन ने रजिस्टर में किसानों का रिकॉर्ड दर्ज किया। बायोमीट्रिक प्रणाली भी प्रभावित रही, जिससे किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ा और खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।
गेहूं के साथ-साथ सरसों की खरीद भी प्रभावित रही। मंडी में करीब 300 क्विंटल सरसों पहुंची, लेकिन 10 से 14 फीसदी नमी के चलते कोई खरीदार सामने नहीं आया।

फोटो : सोनीपत की अनाज मंडी में बूंदाबांदी की वजह से तिरपाल के अभाव में भीगी पड़ी गेहूं की ढेरी