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Sonipat News: शाबाश छोरी...की गूंज से ग्लासगो में बढ़ा भारतीय खिलाड़ियों का हौसला
Mon, 03 Aug 2026 12:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 03 Aug 2026 12:36 AM IST
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फोटो :: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में मुक्केबाजों के साथ सोनीपत का परिवार। स्रोत परिजन
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सोनीपत। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों को जोरदार समर्थन मिला। दर्शक दीर्घा से शाबाश छोरी... पूरा हरियाणा तेरे साथ है जैसी आवाजें गूंजीं, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा। जीत के बाद कई खिलाड़ी सीधे स्टैंड्स की ओर पहुंचे और भारतीय परिवारों के साथ खुशी साझा की।
सोनीपत मूल निवासी विकास अग्रवाल, उनकी पत्नी नीरू अग्रवाल और बेटे एरॉन अग्रवाल समेत कई भारतीय परिवार हर मुकाबले में तिरंगा लेकर स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने पूरे जोश के साथ भारत और हरियाणा के समर्थन में नारे लगाए, जिससे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा। मुक्केबाजी में हरियाणा की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सात स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
साक्षी चौधरी, प्रीति पंवार और जैस्मीन लंबोरिया जैसी खिलाड़ियों ने पोडियम पर तिरंगा लहराया। दर्शक दीर्घा में बैठे भारतीय परिवार भी गर्व से तिरंगा लहराते नजर आए। मुकाबलों के बाद खिलाड़ियों ने समर्थकों के साथ सेल्फी ली और यादगार तस्वीरें खिंचवाईं। केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के खिलाड़ियों को भी भरपूर समर्थन मिला।
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हरियाणा के प्रवीण हुड्डा और राजस्थान की अरुंधति चौधरी का भी उत्साह से हौसला बढ़ाया गया। मुकाबले से पहले शुभकामना और जीत के बाद तालियों की गड़गड़ाहट ने उन्हें अपनेपन का एहसास कराया।
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विदेशी धरती पर अपनेपन का अनुभव
ग्लासगो में रह रहे विकास अग्रवाल ने बताया कि तिरंगा लहराते भारतीयों को देखकर खिलाड़ियों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। कई खिलाड़ियों ने कहा कि उन्हें ऐसा लगा जैसे वे अपने घर और लोगों के बीच खेल रहे हों। उनके अनुसार, विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए यह देश के प्रति प्रेम व्यक्त करने का अवसर है। यह केवल खेल नहीं, बल्कि देश से जुड़ाव का प्रतीक भी है।
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बेटियों की जीत पर गर्व
नीरू अग्रवाल ने कहा कि जब हरियाणा की बेटियां स्वर्ण पदक जीतकर पोडियम पर पहुंचीं तो उनकी आंखें नम हो गईं। उन्हें महसूस हुआ जैसे परिवार की बेटियां विश्व मंच पर देश और प्रदेश का सम्मान बढ़ा रही हों। उनके बेटे एरॉन अग्रवाल ने भी उत्साह के साथ खिलाड़ियों का स्वागत किया। उन्होंने तिरंगा लहराया और खिलाड़ियों के साथ यादगार तस्वीरें खिंचवाईं।
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सोनीपत मूल निवासी विकास अग्रवाल, उनकी पत्नी नीरू अग्रवाल और बेटे एरॉन अग्रवाल समेत कई भारतीय परिवार हर मुकाबले में तिरंगा लेकर स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने पूरे जोश के साथ भारत और हरियाणा के समर्थन में नारे लगाए, जिससे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा। मुक्केबाजी में हरियाणा की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सात स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
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साक्षी चौधरी, प्रीति पंवार और जैस्मीन लंबोरिया जैसी खिलाड़ियों ने पोडियम पर तिरंगा लहराया। दर्शक दीर्घा में बैठे भारतीय परिवार भी गर्व से तिरंगा लहराते नजर आए। मुकाबलों के बाद खिलाड़ियों ने समर्थकों के साथ सेल्फी ली और यादगार तस्वीरें खिंचवाईं। केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के खिलाड़ियों को भी भरपूर समर्थन मिला।
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हरियाणा के प्रवीण हुड्डा और राजस्थान की अरुंधति चौधरी का भी उत्साह से हौसला बढ़ाया गया। मुकाबले से पहले शुभकामना और जीत के बाद तालियों की गड़गड़ाहट ने उन्हें अपनेपन का एहसास कराया।
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विदेशी धरती पर अपनेपन का अनुभव
ग्लासगो में रह रहे विकास अग्रवाल ने बताया कि तिरंगा लहराते भारतीयों को देखकर खिलाड़ियों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। कई खिलाड़ियों ने कहा कि उन्हें ऐसा लगा जैसे वे अपने घर और लोगों के बीच खेल रहे हों। उनके अनुसार, विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए यह देश के प्रति प्रेम व्यक्त करने का अवसर है। यह केवल खेल नहीं, बल्कि देश से जुड़ाव का प्रतीक भी है।
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बेटियों की जीत पर गर्व
नीरू अग्रवाल ने कहा कि जब हरियाणा की बेटियां स्वर्ण पदक जीतकर पोडियम पर पहुंचीं तो उनकी आंखें नम हो गईं। उन्हें महसूस हुआ जैसे परिवार की बेटियां विश्व मंच पर देश और प्रदेश का सम्मान बढ़ा रही हों। उनके बेटे एरॉन अग्रवाल ने भी उत्साह के साथ खिलाड़ियों का स्वागत किया। उन्होंने तिरंगा लहराया और खिलाड़ियों के साथ यादगार तस्वीरें खिंचवाईं।