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हरियाणा में मरीजों का नहीं रुकेगा इलाज: सरकारी अस्पतालों में 160 करोड़ के आएंगे उपकरण व दवाएं, मंजूरी मिली

अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: नवीन दलाल Updated Sun, 18 Jan 2026 08:32 AM IST
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सार

स्पेशल हाई-पावर्ड परचेज कमेटी ने लगभग 30 करोड़ की महत्वपूर्ण और आवश्यक दवाओं के कांट्रैक्ट को भी मंजूरी दी है। इनमें मुख्य रूप से कुत्ते के काटने के मामलों के प्रभावी मैनेजमेंट के लिए एंटी-रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन शामिल है।

Treatment for patients in Haryana not be interrupted Equipment and medicines procured for government hospitals
अस्पताल में लाइन में लगे मरीज - फोटो : संवाद
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विस्तार

हरियाणा के सिविल अस्पतालों में अब रोगियों को दवाइयों और जांचों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की अध्यक्षता में स्पेशल हाई-पावर्ड परचेज कमेटी ने 160 करोड़ रुपये के उपकरण व दवाइयों की खरीद को मंजूरी दे दी है।

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कमेटी ने टीबी मरीजों की जांच के लिए छह ऑटोमेटेड हाई थ्रूपुट नाट मशीन (पैथोडिटेक्ट मशीन) के लिए 4 करोड़ रुपये व 40 ट्रूनेट मशीनों के लिए 6 करोड़, सिविल अस्पतालों के लेबोरेटरी विभागों के लिए 36 ऑटोमैटिक हेमेटोलॉजी एनालाइजर (फाइव पार्ट) के लिए 9.79 करोड़ रुपये, सिविल अस्पताल के आईसीयू के लिए 1156 सिरिंज इन्फ्यूजन पंप के लिए 5.22 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
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एनसीआर क्षेत्र में मौजूदा ट्रॉमा सेवाओं के लिए 26 ऑर्थोपेडिक बैटरी ऑपरेटेड कॉर्डलेस ड्रिल सिस्टम के लिए 4.64 करोड़ रुपये, जिला सिविल अस्पतालों के लिए 24 फ्लैट पैनल C-आर्म (लोअर एंड) के लिए 5.80 करोड़ रुपये, जिला सिविल अस्पतालों की हिस्टोपैथोलॉजी लैब के लिए आवश्यक 11 ग्रॉसिंग स्टेशनों के लिए 2.34 करोड़ रुपये, एनसीआर में मौजूदा ट्रॉमा सेवाओं के अपग्रेडेशन के लिए आवश्यक 22 डिजिटल रेडियोग्राफी सिस्टम के लिए 24.95 करोड़ रुपये, एनसीआर क्षेत्र और अन्य सिविल जिला अस्पतालों में मौजूदा ट्रॉमा सेवाओं के अपग्रेडेशन के लिए आवश्यक 134 रेट्रोफिट डिजिटल रेडियोग्राफी सिस्टम के लिए 14.76 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।

वहीं, सभी जिला सिविल अस्पतालों के नेत्र विज्ञान विभागों के लिए आवश्यक 28 ऑटो रिफ्रेक्टोमीटर विद केराटोमीटर के लिए 2 करोड़ रुपये, सभी जिला सिविल अस्पतालों के लिए 100 इलेक्ट्रो हाइड्रोलिक ऑपरेशन थिएटर टेबल के लिए 15.34 करोड़ रुपये और एनसीआर क्षेत्र के लिए आवश्यक 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के लिए 33.78 करोड़ रुपये के ठेके को मंजूरी दी गई।

रेबीज वायरस से बचाव के लिए एंटी-रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन भी खरीदी
कमेटी ने लगभग 30 करोड़ की महत्वपूर्ण और आवश्यक दवाओं के कांट्रैक्ट को भी मंजूरी दी है। इनमें मुख्य रूप से कुत्ते के काटने के मामलों के प्रभावी मैनेजमेंट के लिए एंटी-रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन शामिल है। रेबीज वायरस से होने वाले संक्रमण को रोकने के लिए एंटी-रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन का इस्तेमाल रेबीज वैक्सीन के साथ किया जाता है। यह शरीर को रेबीज वायरस से बचाने के लिए आवश्यक एंटीबॉडी प्रदान करके काम करता है। वहीं, दर्द निवारक दवाओं व एंटीबायोटिक्स के खरीद को भी मंजूरी दी गई है। आरती सिंह राव ने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक की उपलब्धता बनी रहे, इसलिए खरीद को मंजूरी दी गई है।

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