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Yamuna Nagar News: 70 करोड़ के धान घोटाले में एएफएसओ और तीन इंस्पेक्टर बर्खास्त
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 19 Mar 2026 02:21 AM IST
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यमुनानगर। जिले की सात राइस मिलों में सामने आए करीब 70 करोड़ रुपये के धान घोटाले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए एएफएसओ देवेंद्र कुमार और तीन इंस्पेक्टर मनोद यादव, सविता व विनोद कुमार को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में ड्यूटी के दौरान गंभीर लापरवाही, मिलीभगत और सरकारी हितों की अनदेखी के ठोस प्रमाण मिलने के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया। निदेशक अंशज कुमार ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि संबंधित कर्मचारियों ने ईमानदारी और निष्ठा का परिचय नहीं दिया, जिससे वे लोक सेवक बने रहने के योग्य नहीं हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, गत वर्ष धान खरीद सीजन से पहले इन अधिकारियों को अलग-अलग अनाज मंडियों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इंस्पेक्टर सविता को छछरौली, विनोद कुमार को प्रतापनगर और मनोद यादव को रणजीतपुर अनाज मंडी अलॉट की गई थी। वहीं एएफएसओ देवेंद्र कुमार को प्रतापनगर मंडी में सुपरवाइजर नियुक्त किया गया था। इनकी निगरानी में ही धान की खरीद, भंडारण और मिलों को आपूर्ति का पूरा सिस्टम संचालित किया गया, जहां बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई।
विभागीय जांच में खुलासा हुआ कि छछरौली मंडी से मैसर्ज सिंगला एग्रो फूड्स को दिए गए धान में 3145.35 मीट्रिक टन की कमी पाई गई, जिसकी कीमत करीब 8.17 करोड़ रुपये आंकी गई। रणजीतपुर मंडी में मैसर्ज श्री बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज को दिए गए धान में 4233.25 मीट्रिक टन की कमी सामने आई, जिसकी कीमत लगभग 11 करोड़ रुपये थी। वहीं प्रतापनगर मंडी में स्थित श्री जी एग्रो फूड्स सहित चार राइस मिलों में कुल 4366.14 मीट्रिक टन धान कम पाया गया, जिसकी कीमत करीब 22.70 करोड़ रुपये बैठती है।
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निदेशक ने खुद पकड़ा था घोटाला:
13 नवंबर 2025 को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक अंशज कुमार ने स्वयं प्रतापनगर स्थित संदीप सिंगला की राइस मिल का औचक निरीक्षण किया था। फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान धान की भारी कमी पाए जाने पर जांच का दायरा बढ़ाया गया, जिसके बाद सात राइस मिलों में फैले इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ। फिलहाल विभाग और एसआईटी दोनों इस मामले की गहराई से जांच में जुटे हैं।
हैफेड के सीनियर मैनेजर से डेढ़ लाख बरामद
यमुनानगर। इसी धान घोटाले में गिरफ्तार किए गए हैफेड के सीनियर मैनेजर सलेंद्र को एसआईटी मंगलवार को उज्जैन लेकर गई थी।एसआईटी बुधवार शाम वापस लौट आई। एसआईटी ने सलेंद्र के गधौली स्थित उनके घर से डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद की है। जांच में सामने आया है कि सलेंद्र ने राइस मिलर संदीप सिंगला से फर्जी गेट पास काटने की एवज में छह लाख रुपये की रिश्वत ली थी। जिसमें से डेढ़ लाख रुपये रिकवर किए गए हैं। बाकी के रुपये उन्होंने खर्च करने की बात कही है। तीन दिन के रिमांड पर लिए गए सलेंद्र को टीम उज्जैन लेकर गई थी, जहां नकदी छिपाए जाने की आशंका थी। अब रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को वीरवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसआईटी इंचार्ज डीएसपी राजीव मिगलानी ने बताया कि अब तक संदीप सिंगला से ली गई रिश्वत में से डेढ़ लाख रुपये की बरामदगी हो चुकी है। कुल छह लाख रुपये लेने का अभी पता चला है। अभी उन्हें एक प्राथमिकी में पूछताछ की गई है। अभी अन्य मामलों में भी उन्हें जांच शामिल किया जाएगा।
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जांच रिपोर्ट के अनुसार, गत वर्ष धान खरीद सीजन से पहले इन अधिकारियों को अलग-अलग अनाज मंडियों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इंस्पेक्टर सविता को छछरौली, विनोद कुमार को प्रतापनगर और मनोद यादव को रणजीतपुर अनाज मंडी अलॉट की गई थी। वहीं एएफएसओ देवेंद्र कुमार को प्रतापनगर मंडी में सुपरवाइजर नियुक्त किया गया था। इनकी निगरानी में ही धान की खरीद, भंडारण और मिलों को आपूर्ति का पूरा सिस्टम संचालित किया गया, जहां बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई।
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विभागीय जांच में खुलासा हुआ कि छछरौली मंडी से मैसर्ज सिंगला एग्रो फूड्स को दिए गए धान में 3145.35 मीट्रिक टन की कमी पाई गई, जिसकी कीमत करीब 8.17 करोड़ रुपये आंकी गई। रणजीतपुर मंडी में मैसर्ज श्री बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज को दिए गए धान में 4233.25 मीट्रिक टन की कमी सामने आई, जिसकी कीमत लगभग 11 करोड़ रुपये थी। वहीं प्रतापनगर मंडी में स्थित श्री जी एग्रो फूड्स सहित चार राइस मिलों में कुल 4366.14 मीट्रिक टन धान कम पाया गया, जिसकी कीमत करीब 22.70 करोड़ रुपये बैठती है।
निदेशक ने खुद पकड़ा था घोटाला:
13 नवंबर 2025 को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक अंशज कुमार ने स्वयं प्रतापनगर स्थित संदीप सिंगला की राइस मिल का औचक निरीक्षण किया था। फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान धान की भारी कमी पाए जाने पर जांच का दायरा बढ़ाया गया, जिसके बाद सात राइस मिलों में फैले इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ। फिलहाल विभाग और एसआईटी दोनों इस मामले की गहराई से जांच में जुटे हैं।
हैफेड के सीनियर मैनेजर से डेढ़ लाख बरामद
यमुनानगर। इसी धान घोटाले में गिरफ्तार किए गए हैफेड के सीनियर मैनेजर सलेंद्र को एसआईटी मंगलवार को उज्जैन लेकर गई थी।एसआईटी बुधवार शाम वापस लौट आई। एसआईटी ने सलेंद्र के गधौली स्थित उनके घर से डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद की है। जांच में सामने आया है कि सलेंद्र ने राइस मिलर संदीप सिंगला से फर्जी गेट पास काटने की एवज में छह लाख रुपये की रिश्वत ली थी। जिसमें से डेढ़ लाख रुपये रिकवर किए गए हैं। बाकी के रुपये उन्होंने खर्च करने की बात कही है। तीन दिन के रिमांड पर लिए गए सलेंद्र को टीम उज्जैन लेकर गई थी, जहां नकदी छिपाए जाने की आशंका थी। अब रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को वीरवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसआईटी इंचार्ज डीएसपी राजीव मिगलानी ने बताया कि अब तक संदीप सिंगला से ली गई रिश्वत में से डेढ़ लाख रुपये की बरामदगी हो चुकी है। कुल छह लाख रुपये लेने का अभी पता चला है। अभी उन्हें एक प्राथमिकी में पूछताछ की गई है। अभी अन्य मामलों में भी उन्हें जांच शामिल किया जाएगा।