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Yamuna Nagar News: खेल नर्सरियों की नहीं मिली मंजूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 01 Apr 2026 12:16 AM IST
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जिला खेल अधिकारी का कार्यालय। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। खेल नर्सरियों में निशुल्क प्रशिक्षण लेने के लिए अभी खिलाड़ियों को और इंतजार करना पड़ेगा। अभी तक निदेशालय की ओर से खेल नर्सरियां शुरू करने की अनुमति नहीं मिल पाई है। खेल नर्सरियों की अनुमति न मिलने से खिलाड़ियों में निराशा है। खेल नर्सरियों का कार्यकाल हर वर्ष एक अप्रैल से शुरू होता है और 31 जनवरी तक कुल दस महीने के लिए रहता है। निदेशालय नर्सरियों का परिणाम ऑनलाइन जारी करेगा।
जिला खेल विभाग के अधिकारियों को नर्सरियां शुरू होने की तिथि की सही जानकारी नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि निदेशालय के आदेश आने के बाद ही नर्सरियां शुरू की जाएंगी। वहीं, दूसरी तरफ इस बार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार ज्यादा खेल नर्सरियां खुलने की उम्मीद है। इस बार ज्यादा संस्थानों ने आवेदन किया है।
यदि सब कुछ सही रहा तो संभव है कि जिले को 40 नर्सरियां मिलेंगी। इन नर्सरियों में करीब एक हजार खिलाड़ियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। पिछले वर्ष कुल 30 नर्सरियां मिली थी, जिसमें से पांच बंद हो गई थी। केवल 25 नर्सरियों के सहारे ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था।
खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा उभारने के उद्देश्य से खेल नर्सरियों की योजना चलाई जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को ज्यादा लाभ होता है, चूंकि उन्हें दूर नहीं जाना पड़ता और निशुल्क प्रशिक्षण पास में ही मिल जाता है। इसके साथ खेल नर्सरियों का सबसे ज्यादा लाभ लड़कियों को होता है।
इन खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को सरकार की ओर से हर महीने भत्ता दिया जाता है। इसमें आठ से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ी होते हैं। इसमें आठ से 14 तक के खिलाड़ियों को हर महीने 1,500 रुपये और 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2,000 रुपये का भत्ता दिया जाता है। कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं।
नर्सरियों का कार्यकाल पहली अप्रैल से 31 जनवरी तक रहता है। अभी निदेशालय स्तर पर नर्सरियों के लिए अनुमति आनी शेष है। इस पर विभाग काम कर रहा है। निदेशालय के आदेश पर नर्सरियां चला दी जाएंगी। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।
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जगाधरी। खेल नर्सरियों में निशुल्क प्रशिक्षण लेने के लिए अभी खिलाड़ियों को और इंतजार करना पड़ेगा। अभी तक निदेशालय की ओर से खेल नर्सरियां शुरू करने की अनुमति नहीं मिल पाई है। खेल नर्सरियों की अनुमति न मिलने से खिलाड़ियों में निराशा है। खेल नर्सरियों का कार्यकाल हर वर्ष एक अप्रैल से शुरू होता है और 31 जनवरी तक कुल दस महीने के लिए रहता है। निदेशालय नर्सरियों का परिणाम ऑनलाइन जारी करेगा।
जिला खेल विभाग के अधिकारियों को नर्सरियां शुरू होने की तिथि की सही जानकारी नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि निदेशालय के आदेश आने के बाद ही नर्सरियां शुरू की जाएंगी। वहीं, दूसरी तरफ इस बार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार ज्यादा खेल नर्सरियां खुलने की उम्मीद है। इस बार ज्यादा संस्थानों ने आवेदन किया है।
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यदि सब कुछ सही रहा तो संभव है कि जिले को 40 नर्सरियां मिलेंगी। इन नर्सरियों में करीब एक हजार खिलाड़ियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। पिछले वर्ष कुल 30 नर्सरियां मिली थी, जिसमें से पांच बंद हो गई थी। केवल 25 नर्सरियों के सहारे ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था।
खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा उभारने के उद्देश्य से खेल नर्सरियों की योजना चलाई जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को ज्यादा लाभ होता है, चूंकि उन्हें दूर नहीं जाना पड़ता और निशुल्क प्रशिक्षण पास में ही मिल जाता है। इसके साथ खेल नर्सरियों का सबसे ज्यादा लाभ लड़कियों को होता है।
इन खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को सरकार की ओर से हर महीने भत्ता दिया जाता है। इसमें आठ से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ी होते हैं। इसमें आठ से 14 तक के खिलाड़ियों को हर महीने 1,500 रुपये और 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2,000 रुपये का भत्ता दिया जाता है। कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं।
नर्सरियों का कार्यकाल पहली अप्रैल से 31 जनवरी तक रहता है। अभी निदेशालय स्तर पर नर्सरियों के लिए अनुमति आनी शेष है। इस पर विभाग काम कर रहा है। निदेशालय के आदेश पर नर्सरियां चला दी जाएंगी। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।