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Yamuna Nagar News: कॅरियर डिफेंस स्कूल पर प्राथमिकी

संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 15 May 2026 01:26 AM IST
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FIR Filed Against Career Defence School
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जगाधरी स्थित कॅरियर डिफेंस स्कूल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। जिला प्रशासन की जांच में स्कूल परिसर में अवैध मेडिकल क्लीनिक चलाने, एक्सपायर्ड दूध और बिना अनुमति एनडीए, आइआइटी और सैनिक स्कूल की रेजिडेंशियल कोचिंग चलाने सहित कई खुलासे हुए हैं।
मामले में शहर जगाधरी थाना पुलिस ने स्कूल प्रबंधन और मेडिकल स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलता और डीईईओ अशोक कुमार ने इस स्कूल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान छात्रों और अभिभावकों ने फीस वसूली, पीने के पानी की कमी, खराब भोजन, चिकित्सा सुविधाओं के अभाव, अस्वच्छ माहौल और स्टाफ के दुर्व्यवहार की शिकायतें दीं। निरीक्षण में सामने आया कि मान्यता प्राप्त विद्यालय परिसर में अवैध रूप से आवासीय कोचिंग चलाई जा रही थी।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कूल परिसर में बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल क्लीनिक का भी खुलासा किया। जांच के दौरान एलोपैथिक दवाइयों का स्टॉक, आईवी फ्लूइड, इस्तेमाल की गई सिरिंज और तीन बेड मिले। मौके पर मौजूद राजेश सैनी, मंजुला, साक्षी राणा और खुद को एमडी बताने वाले पंकज यादव कोई वैध मेडिकल डिग्री या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके।
टीम ने नौ प्रकार की दवाओं के नमूने लिए और अन्य सामग्री जब्त कर पुलिस को सौंप दी। इसके अलावा मेस में एक्सपायर्ड दूध के पैकेट और हॉस्टल में बेहद खराब साफ-सफाई भी मिली। प्रशासन ने स्कूल को पहले भी सितंबर 2025 और जनवरी 2026 में कमियां दूर करने के निर्देश दिए थे, लेकिन सुधार नहीं हुआ। पुलिस ने विनय राय, पंकज यादव, परवीन विज, राजेश सैनी, मंजुला और साक्षी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच टीम ने पाया कि स्कूल के हॉस्टल कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनके जरिए छात्रों की लगातार निगरानी की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार इन कैमरों की लाइव फीड स्कूल प्रबंधन के मोहाली स्थित मुख्यालय भेजी जा रही थी। इसे बच्चों की प्राइवेसी का सीधा हनन माना गया है। जनवरी 2026 में हुई पिछली जांच के दौरान भी प्रशासन ने कैमरों को हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी कैमरे नहीं हटाए गए।
नया सत्र शुरू होने के बाद कुछ छात्रों का मन हॉस्टल में नहीं लग रहा, जिस कारण वे वहां नहीं रहना चाहते और फीस वापसी के लिए आरोप लगा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे केवल बच्चों की सुरक्षा और निगरानी के उद्देश्य से लगाए गए हैं। - विनय राय, संचालक
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