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Yamuna Nagar News: ऐसे कैसे होगी पढ़ाई, 805 में से सिर्फ 95 स्कूलों को ही अबतक मिलीं पुस्तकें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2026 02:37 AM IST
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How is learning supposed to happen? Out of 805 schools, only 95 have received textbooks so far.
जिला ​शिक्षा सदन कार्यालय यमुनानगर। आर्काइव - फोटो : arnia news
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जगाधरी। नए सत्र में विद्यार्थियों को पुस्तकें देने की शिक्षा विभाग की योजना धराशायी हो गई है। विभाग की ओर से सत्र से पहले उपलब्ध करवाने का दावा किया जा रहा था लेकिन सत्र के एक सप्ताह बाद तक स्कूलाें में किताबें नहीं पहुंच पाई हैं।
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जिले में अभी केवल दूसरी व आठवीं कक्षा की पुस्तकें आई हैं लेकिन यह भी सभी स्कूलों को नहीं मिली है। जिले के कुल 805 में से सिर्फ 95 स्कूलों को पुस्तकें मिली हैं। रादौर को भी सभी कक्षाओं की नहीं सिर्फ दूसरी और आठवीं की पुस्तकें मिली हैं।
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दाखिले के साथ ही विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध करवाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। आलम यह है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को पुरानी पुस्तकें दी जा रही हैं।
कई स्कूल तो ऐसे हैं, जिनके पास पुरानी पुस्तकें भी नहीं हैं और विद्यार्थियों को बिना किताबें ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। इसका सीधा असर विभाग के प्रवेश उत्सव कार्यक्रम पर पड़ रहा है। एक तरह विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, ऊपर से विद्यार्थियों को पुस्तकें भी नहीं मिल रही हैं। इससे अभिभावक बच्चों का दाखिला करवाने से परहेज कर रहे हैं।
विभाग की ओर से विद्यार्थियों को दाखिले के साथ ही पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए जनवरी में डिमांड मांगी थी, जो समय पर निदेशालय भेज दी गई है। योजना के तहत 31 मार्च तक जिले के सभी स्कूलों में पुस्तकें पहुंचाई जानी थी लेकिन प्रवेश उत्सव के एक सप्ताह बाद भी सिर्फ 95 स्कूलों को पुस्तकें मिली हैं, इससे अध्यापकों, विद्यार्थियों व अभिभावकों को दिक्कत हो रही हैं।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान संजय कांबोज ने बताया कि विभाग की नीतियां शिक्षा के मूलभूत ढांचा आहत कर रही हैं। विद्यालयों में बच्चों को बिना पुस्तकें नहीं पढ़ाया जा है। अभी केवल रादौर में दूसरी और आठवीं की किताबें पहुंची हैं और अन्य स्कूलों के पास वह भी नहीं आई हैं। इसका असर नामांकन प्रक्रिया पर पड़ रहा है। विभाग की शीघ्र ही सभी स्कूलों में पुस्तकें पहुंचानी चाहिए। संवाद
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