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नवरात्र आज से : सजे मंदिर, बाजारों में बढ़ी रौनक
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यमुनानगर। जिले में वीरवार से चैत्र नवरात्र शुरू हो रहे हैं। नवरात्र के लिए शहर और आसपास के क्षेत्रों के मंदिरों को आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ से निपटने के लिए मंदिर समितियों ने साफ-सफाई, सुरक्षा और जल व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं। देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के लिए अलग-अलग दिन विशेष कार्यक्रम भी तय किए गए हैं। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और जागरण की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया है।
नवरात्र शुरू होते ही बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। खासकर नारियल, चुनरी, अगरबत्ती, ज्योत, कलश की दुकानों पर बुधवार को लोगों की भीड़ लगी रही। दुकानदारों के अनुसार इस बार पूजन सामग्री की मांग पिछले साल के मुकाबले अधिक है। हालांकि कुछ वस्तुओं के दामों में हल्की बढ़ोतरी भी देखने को मिली है। महिलाओं ने घरों में घट स्थापना के लिए बुधवार को आवश्यक सामान की खरीदारी की। प्रशासन की ओर से भी बाजारों में साफ-सफाई और व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पूजन विधि व प्रमुख मंदिरों में विशेष तैयारियां
गांव ऊंचा चंदना के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी पुरुषोत्तम दास ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालु प्रातः स्नान कर घर या मंदिर में कलश स्थापना करते हैं। मिट्टी के पात्र में जौ बोकर उस पर कलश स्थापित किया जाता है, जिसे नौ दिनों तक नियमित पूजा जाता है। देवी मां को फल, फूल, नारियल और मिठाई अर्पित की जाती है। यमुनानगर के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में छछरौली स्थित कपाल मोचन मंदिर, व्यासपुर क्षेत्र का प्राचीन देवी मंदिर, जगाधरी का प्राचीन श्री दुर्गा मंदिर और यमुनानगर शहर का मां काली मंदिर प्रमुख है। इन मंदिरों में विशेष सजावट, अखंड ज्योत और भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। उधर, मंदिरों में सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस प्रशासन भी सतर्क है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे भीड़भाड़ के दौरान सावधानी बरतें और नियमों का पालन करें।
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नवरात्र शुरू होते ही बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। खासकर नारियल, चुनरी, अगरबत्ती, ज्योत, कलश की दुकानों पर बुधवार को लोगों की भीड़ लगी रही। दुकानदारों के अनुसार इस बार पूजन सामग्री की मांग पिछले साल के मुकाबले अधिक है। हालांकि कुछ वस्तुओं के दामों में हल्की बढ़ोतरी भी देखने को मिली है। महिलाओं ने घरों में घट स्थापना के लिए बुधवार को आवश्यक सामान की खरीदारी की। प्रशासन की ओर से भी बाजारों में साफ-सफाई और व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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पूजन विधि व प्रमुख मंदिरों में विशेष तैयारियां
गांव ऊंचा चंदना के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी पुरुषोत्तम दास ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालु प्रातः स्नान कर घर या मंदिर में कलश स्थापना करते हैं। मिट्टी के पात्र में जौ बोकर उस पर कलश स्थापित किया जाता है, जिसे नौ दिनों तक नियमित पूजा जाता है। देवी मां को फल, फूल, नारियल और मिठाई अर्पित की जाती है। यमुनानगर के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में छछरौली स्थित कपाल मोचन मंदिर, व्यासपुर क्षेत्र का प्राचीन देवी मंदिर, जगाधरी का प्राचीन श्री दुर्गा मंदिर और यमुनानगर शहर का मां काली मंदिर प्रमुख है। इन मंदिरों में विशेष सजावट, अखंड ज्योत और भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। उधर, मंदिरों में सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस प्रशासन भी सतर्क है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे भीड़भाड़ के दौरान सावधानी बरतें और नियमों का पालन करें।