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Yamuna Nagar News: जिला नागरिक अस्पताल के रक्त कोष में सिर्फ 29 यूनिट ही शेष

संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 08 Jun 2026 01:48 AM IST
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Only 29 units remain in the District Civil Hospital's blood bank
जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी

जगाधरी। जिला नागरिक अस्पताल के रक्तकोष में रक्त की इतनी कमी हो गई है कि वहां से एक दिन की आवश्यकता भी पूरी नहीं हो पा रही है। रक्त कोष में रविवार को मात्र 29 यूनिट रक्त ही शेष था। वहीं जिले में रोजाना 35 से 40 यूनिट रक्त की जरूरत पड़ती है।
चिंताजनक स्थिति यह है कि ए-नेगटिव रक्त समूह की एक भी यूनिट शेष नहीं है। सभी रक्त समूह के यूनिट की संख्या दस से कम ही है। ऐसे में सिविल अस्पताल में लोगों को अपना डोनर लाकर रक्त लेना पड़ रहा है। रक्त संकट का सीधा असर उन 123 थैलेसीमिया और 55 हीमोफीलिया बच्चों पर पड़ सकता है, जिनकी जिंदगी नियमित रक्त चढ़ाने पर निर्भर है। इनके अलावा गर्भवतियों, ऑपरेशन वाले मरीजों और सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों के लिए भी समय पर रक्त उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। जिले में थैलेसीमिया और अन्य गंभीर मरीजों को प्रतिदिन 35 से 40 यूनिट रक्त की जरूरत होती है। हर वर्ष गर्मियों में रक्त की कमी होती है। इस स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त प्रबंध नहीं किए गए हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि मई व जून में इस तरह की दिक्कत आती है। इन दिनों स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थानों में छुट्टियां होती हैं और रक्त की सबसे ज्यादा आपूर्ति इन्हीं संस्थानों से होती है। इसके अलावा सामाजिक संस्थाओं के भी इन दिनों शिविर बहुत कम लगते हैं। सरकारी अस्पताल में रक्त न होने के कारण जरूरत पर दूसरे जिलों के ब्लड बैंकों से संपर्क करना पड़ रहा है। यही नहीं लोगों को रक्त के लिए अपना डोनर लेकर जाना पड़ रहा है। जिले में अंतिम रक्तदान शिविर 26 मई को साढौरा में लगा था। इसके बाद अब शिविर नौ जून को जोड़िया में शिविर लगेगा और इसके बाद 14 जून को रक्तदाता दिवस पर लगाया जाएगा। विभाग को उम्मीद है कि इन दो शिविरों से रक्त की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी।
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औद्योगिक ईकाइयों में लगा सकते हैं शिविर
औद्योगिक नगरी यमुनानगर में सैकड़ों औद्योगिक ईकाइयों हैं। इसमें करीब पांच से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। यदि स्वास्थ्य विभाग प्रयास करे तो यहां शिविर लगाए जा सकते हैं। उद्योगपतियों, सामाजिक संस्थाओं और धार्मिक संगठनों को जोड़कर अभियान चलाया जा सकता है। इससे रक्त की कमी दूर करने में काफी राहत मिलेगी।
शिक्षण संस्थानों में अवकाश व शिविर न लगने के कारण रक्त की कमी होती है। युवाओं को अस्पताल आकर रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उद्योगपतियों, सामाजिक संस्थाओं और युवाओं से आगे आकर रक्तदान करना चाहिए। -डॉ. निशा, इंचार्ज जिला रक्त कोष।
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