{"_id":"6a6e348198d1291976097582","slug":"private-ambulances-camp-at-district-hospital-rules-being-violated-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-160537-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: जिला अस्पताल में निजी एंबुलेंस का डेरा, नियमों का हो रहा उल्लंघन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: जिला अस्पताल में निजी एंबुलेंस का डेरा, नियमों का हो रहा उल्लंघन
Sat, 01 Aug 2026 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:31 PM IST
विज्ञापन
जिला नागरिक अस्पताल में खड़ी निजी एंबुलेंस। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल में निजी एंबुलेंस चालकों की सक्रियता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बावजूद अस्पताल परिसर में सुबह से देर रात तक निजी एंबुलेंस खड़ी रहती हैं। निजी एंबुलेंस संचालक खुलेआम नियम का उल्लंघन कर रहे हैं।
इतना ही नहीं कई एंबुलेंस अस्पताल के मुख्य मार्ग और प्रवेश द्वार के आसपास खड़ी रहने से मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निजी एंबुलेंस चालक पूरे दिन अस्पताल परिसर में डेरा जमाए रहते हैं। जैसे ही किसी मरीज को छुट्टी मिलती है या उसे किसी अन्य अस्पताल में रेफर किया जाता है, एंबुलेंस चालक तुरंत मरीज के परिजनों से संपर्क कर लेते हैं।
इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर निजी एंबुलेंस चालकों को मरीजों की जानकारी इतनी जल्दी कैसे मिल जाती है। सूत्रों के अनुसार लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि कुछ अस्पताल कर्मियों और निजी एंबुलेंस चालकों के बीच मिलीभगत है।
विज्ञापन
आरोप है कि अस्पताल स्टाफ को पहले से पता होता है कि किस मरीज की छुट्टी होने वाली है और किसे रेफर किया जाना है। ऐसे मामलों में कुछ कर्मचारी खुद मरीज के परिजनों को निजी एंबुलेंस चालकों से मिलवाते हैं। इसके बदले एंबुलेंस चालक किराये का लाभ कमाने के साथ संबंधित कर्मचारियों की भी सेवा-सत्कार करते हैं।
इस तरह की शिकायतें पहले भी अधिकारियों तक पहुंच चुकी हैं। बताया जाता है कि शिकायत मिलने के बाद विभागीय स्तर पर कुछ कर्मचारियों की पहचान भी की गई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि कोई भी निजी एंबुलेंस अस्पताल परिसर के अंदर खड़ी नहीं होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला अस्पताल परिसर में अनधिकृत रूप से खड़ी निजी एंबुलेंसों पर कार्रवाई की जाएगी। निजी एंबुलेंस अस्पताल में आती हैं तो उन्हें बाहर कराया जाएगा। - डॉ. सुशीला सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन एवं नोडल ऑफिसर आपात सेवाएं।
विज्ञापन
यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल में निजी एंबुलेंस चालकों की सक्रियता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बावजूद अस्पताल परिसर में सुबह से देर रात तक निजी एंबुलेंस खड़ी रहती हैं। निजी एंबुलेंस संचालक खुलेआम नियम का उल्लंघन कर रहे हैं।
इतना ही नहीं कई एंबुलेंस अस्पताल के मुख्य मार्ग और प्रवेश द्वार के आसपास खड़ी रहने से मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निजी एंबुलेंस चालक पूरे दिन अस्पताल परिसर में डेरा जमाए रहते हैं। जैसे ही किसी मरीज को छुट्टी मिलती है या उसे किसी अन्य अस्पताल में रेफर किया जाता है, एंबुलेंस चालक तुरंत मरीज के परिजनों से संपर्क कर लेते हैं।
विज्ञापन
इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर निजी एंबुलेंस चालकों को मरीजों की जानकारी इतनी जल्दी कैसे मिल जाती है। सूत्रों के अनुसार लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि कुछ अस्पताल कर्मियों और निजी एंबुलेंस चालकों के बीच मिलीभगत है।
विज्ञापन
आरोप है कि अस्पताल स्टाफ को पहले से पता होता है कि किस मरीज की छुट्टी होने वाली है और किसे रेफर किया जाना है। ऐसे मामलों में कुछ कर्मचारी खुद मरीज के परिजनों को निजी एंबुलेंस चालकों से मिलवाते हैं। इसके बदले एंबुलेंस चालक किराये का लाभ कमाने के साथ संबंधित कर्मचारियों की भी सेवा-सत्कार करते हैं।
इस तरह की शिकायतें पहले भी अधिकारियों तक पहुंच चुकी हैं। बताया जाता है कि शिकायत मिलने के बाद विभागीय स्तर पर कुछ कर्मचारियों की पहचान भी की गई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि कोई भी निजी एंबुलेंस अस्पताल परिसर के अंदर खड़ी नहीं होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला अस्पताल परिसर में अनधिकृत रूप से खड़ी निजी एंबुलेंसों पर कार्रवाई की जाएगी। निजी एंबुलेंस अस्पताल में आती हैं तो उन्हें बाहर कराया जाएगा। - डॉ. सुशीला सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन एवं नोडल ऑफिसर आपात सेवाएं।