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Yamuna Nagar News: बारिश से छह डिग्री लुढ़का तापमान, गेहूं और सरसों की फसल पर संकट
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 21 Mar 2026 01:26 AM IST
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बारिश से बचने के लिए छाता लेकर गुजरते युवक। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में शुक्रवार सुबह से शुरू हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी से शुरुआत हुई, जो दोपहर बाद तेज बारिश में तब्दील हो गई। दो दिनों से हो रही बारिश के चलते अधिकतम तापमान में करीब छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। एक दिन पहले जहां तापमान 25 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शुक्रवार को यह घटकर 19 डिग्री तक पहुंच गया।
तापमान में आई इस गिरावट से एक बार फिर ठंड का अहसास बढ़ गया है। उधर, मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मौसम साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान फिर से 25 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 13 डिग्री तक गिरने का अनुमान है। इससे सुबह और रात के समय ठंड का असर और बढ़ सकता है। शुक्रवार शाम तक जिले में औसतन 12 एमएम बारिश हो चुकी थी।
मौसम में आए बदलाव का असर लोगों की दिनचर्या पर भी साफ दिखा। शुक्रवार को लोग फिर से गर्म कपड़ों में नजर आए। किसी ने जैकेट पहनी तो कोई स्वेटर में दिखाई दिया। बारिश से बचने के लिए लोग यहां वहां आश्रय लेते दिखाई दिए तो कुछ छाता लेकर बाहर निकले। हालांकि, लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को भी प्रभावित किया है। सड़कों किनारे पानी जमा हो गया, जिससे यातायात धीमा पड़ गया। कई जगहों पर वाहन रेंगते नजर आए और जाम जैसी स्थिति बनी रही। सड़कों के किनारे पानी जमा होने से राहगीरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर देखने को मिल रहा है। तेज बारिश के कारण गेहूं के खेतों में पानी भर गया है। किसानों की चिंता इस बात को लेकर बढ़ गई है कि यदि अब तेज हवा चलती है तो फसल खेतों में गिर सकती है। दरअसल, पिछले सप्ताह हुई बारिश और तेज हवा के कारण कई जगहों पर गेहूं की फसल पहले ही गिर चुकी है।
ऐसे में दोबारा बारिश और संभावित तेज हवा से नुकसान और बढ़ सकता है। सरसों की फसल को भी बारिश से नुकसान हुआ है। कटाई के बाद खेतों में पड़ी सरसों बारिश के कारण भीग गई, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। अनाज मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू होनी है, लेकिन इससे पहले ही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
तेज हवा से गेहूं को खतरा : गुंदियाना
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने बताया कि फिलहाल बारिश से फसलों को बहुत अधिक नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि या तेज तूफान आता है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। अब तो तेज हवा भी गेहूं की फसल को गिराने के लिए काफी है।
किसान अपनी फसल पर नजर रखें। अब गेहूं की फसल की सिंचाई की जरूरत नहीं है। यदि किसी खेत में पानी जमा है तो उसकी निकासी का प्रबंध करें। अभी एक-दो दिन मौसम साफ रहेगा। 23 मार्च को फिर बारिश होने की संभावना है। - डॉ. सतीश अरोड़ा, एपीपीओ, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।
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यमुनानगर। जिले में शुक्रवार सुबह से शुरू हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी से शुरुआत हुई, जो दोपहर बाद तेज बारिश में तब्दील हो गई। दो दिनों से हो रही बारिश के चलते अधिकतम तापमान में करीब छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। एक दिन पहले जहां तापमान 25 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शुक्रवार को यह घटकर 19 डिग्री तक पहुंच गया।
तापमान में आई इस गिरावट से एक बार फिर ठंड का अहसास बढ़ गया है। उधर, मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मौसम साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान फिर से 25 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 13 डिग्री तक गिरने का अनुमान है। इससे सुबह और रात के समय ठंड का असर और बढ़ सकता है। शुक्रवार शाम तक जिले में औसतन 12 एमएम बारिश हो चुकी थी।
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मौसम में आए बदलाव का असर लोगों की दिनचर्या पर भी साफ दिखा। शुक्रवार को लोग फिर से गर्म कपड़ों में नजर आए। किसी ने जैकेट पहनी तो कोई स्वेटर में दिखाई दिया। बारिश से बचने के लिए लोग यहां वहां आश्रय लेते दिखाई दिए तो कुछ छाता लेकर बाहर निकले। हालांकि, लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को भी प्रभावित किया है। सड़कों किनारे पानी जमा हो गया, जिससे यातायात धीमा पड़ गया। कई जगहों पर वाहन रेंगते नजर आए और जाम जैसी स्थिति बनी रही। सड़कों के किनारे पानी जमा होने से राहगीरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर देखने को मिल रहा है। तेज बारिश के कारण गेहूं के खेतों में पानी भर गया है। किसानों की चिंता इस बात को लेकर बढ़ गई है कि यदि अब तेज हवा चलती है तो फसल खेतों में गिर सकती है। दरअसल, पिछले सप्ताह हुई बारिश और तेज हवा के कारण कई जगहों पर गेहूं की फसल पहले ही गिर चुकी है।
ऐसे में दोबारा बारिश और संभावित तेज हवा से नुकसान और बढ़ सकता है। सरसों की फसल को भी बारिश से नुकसान हुआ है। कटाई के बाद खेतों में पड़ी सरसों बारिश के कारण भीग गई, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। अनाज मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू होनी है, लेकिन इससे पहले ही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
तेज हवा से गेहूं को खतरा : गुंदियाना
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने बताया कि फिलहाल बारिश से फसलों को बहुत अधिक नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि या तेज तूफान आता है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। अब तो तेज हवा भी गेहूं की फसल को गिराने के लिए काफी है।
किसान अपनी फसल पर नजर रखें। अब गेहूं की फसल की सिंचाई की जरूरत नहीं है। यदि किसी खेत में पानी जमा है तो उसकी निकासी का प्रबंध करें। अभी एक-दो दिन मौसम साफ रहेगा। 23 मार्च को फिर बारिश होने की संभावना है। - डॉ. सतीश अरोड़ा, एपीपीओ, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।

बारिश से बचने के लिए छाता लेकर गुजरते युवक। संवाद

बारिश से बचने के लिए छाता लेकर गुजरते युवक। संवाद