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Yamuna Nagar News: आत्मनिर्भरता के लक्ष्य की ओर बढ़ रहीं महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 29 Mar 2026 12:24 AM IST
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अपने पशुओं के साथ सपना। स्वयं
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने अब अपने हुनर और मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करनी शुरू कर दी है। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण लक्ष्य स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं का है, जिन्होंने पशुपालन और खेती के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि अपने परिवार के भविष्य को भी संवार रही हैं।
साल 2014 में शुरू हुए लक्ष्य स्वयं सहायता समूह की कमान प्रधान सुनीता ने संभाली। उनके नेतृत्व में यह समूह लगातार आगे बढ़ रहा है। सुनीता खुद करियाना की दुकान संचालित करती हैं और वह खुद चलाकर परिवार की आय में योगदान दे रहा है। सुनीता को 25 गांवों के नई लहर महिला क्लस्टर में तिगरी गांव की प्रधान भी चुना गया है, जो उनके नेतृत्व कौशल को दर्शाता है।
समूह की महिलाएं खेती बाड़ी में टमाटर की खेती कर रही हैं, वहीं पशुपालन के तहत दुधारू पशु पालकर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। समूह में प्रधान सुनीता, सचिव पूनम, खजांची स्वर्णा के साथ सपना, गीता, रेखा, नर्मदा, शिमला, कृष्णा और सुधा जैसी सदस्याएं सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। इनमें से सुधा और गीता ने टमाटर की खेती अपनाई है।
वहीं पूनम, सपना और शिमला पशुपालन के जरिए अपनी आय बढ़ा रही हैं। क्लस्टर स्तर पर हर महीने आठ और 23 तारीख को बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें महिलाओं को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण दिए जाते हैं। इससे उनके कौशल में वृद्धि हो रही है और वे नए-नए रोजगार के अवसरों को समझ पा रही हैं।
सुनीता बताती हैं कि वह वर्ष 2004 से विभिन्न संगठनों से जुड़ी हुई हैं। हालांकि 2011 में एक ग्रुप बंद हो गया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और 2014 में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संकल्प महिला ग्राम संगठन से जुड़कर नई शुरुआत की। आज उनके क्लस्टर में 25 गांव शामिल हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ब्लॉक के देवेंद्र राणा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक देवेंद्र शर्मा व ब्लॉक कोऑर्डिनेटर कमलजीत ने बताया कि हर महिला में अपार शक्ति और क्षमता होती है। जरूरत है तो केवल एक कदम आगे बढ़ाने की। महिलाएं संगठित होकर काम करें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर समाज में एक नई पहचान भी बना सकती हैं। आत्मविश्वास, मेहनत और एकजुटता ही सफलता की असली कुंजी है। मिशन ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ साथ स्वयं रोजगार स्थापित करने के लिए भी अग्रसर है।
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यमुनानगर। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने अब अपने हुनर और मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करनी शुरू कर दी है। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण लक्ष्य स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं का है, जिन्होंने पशुपालन और खेती के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि अपने परिवार के भविष्य को भी संवार रही हैं।
साल 2014 में शुरू हुए लक्ष्य स्वयं सहायता समूह की कमान प्रधान सुनीता ने संभाली। उनके नेतृत्व में यह समूह लगातार आगे बढ़ रहा है। सुनीता खुद करियाना की दुकान संचालित करती हैं और वह खुद चलाकर परिवार की आय में योगदान दे रहा है। सुनीता को 25 गांवों के नई लहर महिला क्लस्टर में तिगरी गांव की प्रधान भी चुना गया है, जो उनके नेतृत्व कौशल को दर्शाता है।
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समूह की महिलाएं खेती बाड़ी में टमाटर की खेती कर रही हैं, वहीं पशुपालन के तहत दुधारू पशु पालकर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। समूह में प्रधान सुनीता, सचिव पूनम, खजांची स्वर्णा के साथ सपना, गीता, रेखा, नर्मदा, शिमला, कृष्णा और सुधा जैसी सदस्याएं सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। इनमें से सुधा और गीता ने टमाटर की खेती अपनाई है।
वहीं पूनम, सपना और शिमला पशुपालन के जरिए अपनी आय बढ़ा रही हैं। क्लस्टर स्तर पर हर महीने आठ और 23 तारीख को बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें महिलाओं को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण दिए जाते हैं। इससे उनके कौशल में वृद्धि हो रही है और वे नए-नए रोजगार के अवसरों को समझ पा रही हैं।
सुनीता बताती हैं कि वह वर्ष 2004 से विभिन्न संगठनों से जुड़ी हुई हैं। हालांकि 2011 में एक ग्रुप बंद हो गया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और 2014 में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संकल्प महिला ग्राम संगठन से जुड़कर नई शुरुआत की। आज उनके क्लस्टर में 25 गांव शामिल हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ब्लॉक के देवेंद्र राणा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक देवेंद्र शर्मा व ब्लॉक कोऑर्डिनेटर कमलजीत ने बताया कि हर महिला में अपार शक्ति और क्षमता होती है। जरूरत है तो केवल एक कदम आगे बढ़ाने की। महिलाएं संगठित होकर काम करें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर समाज में एक नई पहचान भी बना सकती हैं। आत्मविश्वास, मेहनत और एकजुटता ही सफलता की असली कुंजी है। मिशन ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ साथ स्वयं रोजगार स्थापित करने के लिए भी अग्रसर है।

अपने पशुओं के साथ सपना। स्वयं

अपने पशुओं के साथ सपना। स्वयं