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Bilaspur News: बिलासपुर के ओएसटी केंद्र में 22 मरीजों का इलाज
Mon, 29 Jun 2026 11:58 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 29 Jun 2026 11:58 PM IST
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नशा छोड़ सामान्य जीवन की ओर बढ़ रहे युवा
उपायुक्त ने परिजनों से झिझक छोड़ केंद्र की सेवाएं लेने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश सरकार की ओर से चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला बिलासपुर में नशा ग्रस्त युवाओं के उपचार और पुनर्वास पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इसी कड़ी में क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में संचालित ओपिओइड सब्सीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) केंद्र नशे की लत से जूझ रहे लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। वर्तमान में यहां 22 मरीज नियमित उपचार ले रहे हैं और सभी में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
उपायुक्त राहुल कुमार ने सोमवार को बताया कि ओएसटी कार्यक्रम का उद्देश्य चिट्टा और अन्य ओपिओइड नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों को वैज्ञानिक और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराना है। इस उपचार के माध्यम से इंजेक्शन से नशा करने की प्रवृत्ति कम होती है और एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी व हेपेटाइटिस-सी जैसे संक्रमणों का खतरा भी घटता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में प्रशिक्षित काउंसलर, मनोचिकित्सक और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। जरूरतमंदों तक उपचार पहुंचाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से रेफरल नेटवर्क भी तैयार किया गया है। ओएसटी के तहत मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार बुप्रेनोरफिन दवा दी जाती है, जिसका असर 24 से 36 घंटे तक रहता है। इससे चिट्टा और अन्य ओपिओइड नशे की इच्छा में कमी आती है। दवा की मात्रा मरीज की स्थिति के अनुसार मनोचिकित्सक तय करते हैं और समय-समय पर उसमें बदलाव भी किया जाता है।
उपायुक्त ने कहा कि यह केवल दवा आधारित उपचार नहीं, बल्कि काउंसलिंग, मनोवैज्ञानिक सहयोग, चिकित्सकीय निगरानी और परिवार के सहयोग पर आधारित समग्र पुनर्वास प्रणाली है। इससे मरीजों की कार्यक्षमता बढ़ती है, पारिवारिक रिश्ते मजबूत होते हैं और वे सामान्य सामाजिक जीवन में लौटने लगते हैं। उन्होंने बताया कि उपचार की सफलता के लिए मरीजों का प्रतिदिन दवा लेना, सप्ताह में एक बार मनोचिकित्सक से परामर्श करना और परिवार का सहयोग जरूरी है। उन्होंने नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों और उनके परिजनों से अपील की कि वे बिना किसी झिझक के क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर स्थित ओएसटी केंद्र की सेवाओं का लाभ उठाएं। समय पर उपचार और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ नशे की लत पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
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उपायुक्त ने परिजनों से झिझक छोड़ केंद्र की सेवाएं लेने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश सरकार की ओर से चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला बिलासपुर में नशा ग्रस्त युवाओं के उपचार और पुनर्वास पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इसी कड़ी में क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में संचालित ओपिओइड सब्सीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) केंद्र नशे की लत से जूझ रहे लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। वर्तमान में यहां 22 मरीज नियमित उपचार ले रहे हैं और सभी में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
उपायुक्त राहुल कुमार ने सोमवार को बताया कि ओएसटी कार्यक्रम का उद्देश्य चिट्टा और अन्य ओपिओइड नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों को वैज्ञानिक और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराना है। इस उपचार के माध्यम से इंजेक्शन से नशा करने की प्रवृत्ति कम होती है और एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी व हेपेटाइटिस-सी जैसे संक्रमणों का खतरा भी घटता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में प्रशिक्षित काउंसलर, मनोचिकित्सक और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। जरूरतमंदों तक उपचार पहुंचाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से रेफरल नेटवर्क भी तैयार किया गया है। ओएसटी के तहत मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार बुप्रेनोरफिन दवा दी जाती है, जिसका असर 24 से 36 घंटे तक रहता है। इससे चिट्टा और अन्य ओपिओइड नशे की इच्छा में कमी आती है। दवा की मात्रा मरीज की स्थिति के अनुसार मनोचिकित्सक तय करते हैं और समय-समय पर उसमें बदलाव भी किया जाता है।
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उपायुक्त ने कहा कि यह केवल दवा आधारित उपचार नहीं, बल्कि काउंसलिंग, मनोवैज्ञानिक सहयोग, चिकित्सकीय निगरानी और परिवार के सहयोग पर आधारित समग्र पुनर्वास प्रणाली है। इससे मरीजों की कार्यक्षमता बढ़ती है, पारिवारिक रिश्ते मजबूत होते हैं और वे सामान्य सामाजिक जीवन में लौटने लगते हैं। उन्होंने बताया कि उपचार की सफलता के लिए मरीजों का प्रतिदिन दवा लेना, सप्ताह में एक बार मनोचिकित्सक से परामर्श करना और परिवार का सहयोग जरूरी है। उन्होंने नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों और उनके परिजनों से अपील की कि वे बिना किसी झिझक के क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर स्थित ओएसटी केंद्र की सेवाओं का लाभ उठाएं। समय पर उपचार और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ नशे की लत पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
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