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Bilaspur News: 5 जुलाई तक करें आवेदन, बिलासपुर में बीपीएल चयन के आठवां चरण शुरू
Mon, 29 Jun 2026 11:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 29 Jun 2026 11:47 PM IST
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अंतिम सूची 15 जुलाई को ही होगी प्रकाशित, पात्र परिवारों से समय पर आवेदन की अपील
पहले सात चरणों में 4,817 परिवार चयनित, संशोधित मानदंडों के आधार पर होगा नए लाभार्थियों का चयन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों के चयन का आठवां चरण शुरू हो गया है। पात्र परिवार 5 जुलाई तक अपनी ग्राम पंचायत में आवेदन कर सकते हैं। सभी स्तरों पर सत्यापन के बाद अंतिम चयन सूची 15 जुलाई तक जारी होगी। चयन संशोधित मानदंडों और पारदर्शी प्रक्रिया पर आधारित होगा।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार ने बीपीएल सूची को पारदर्शी बनाने के लिए पात्रता मानदंडों में संशोधन किया है। इसका उद्देश्य अपात्र परिवारों को बाहर करना और जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जिले में पहले सात चरण सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं। इन चरणों में कुल 4,817 परिवारों की बीपीएल सूची में पहचान की गई है। इनमें सदर बिलासपुर के 1,480, घुमारवीं के 1,415, झंडूता के 1,642 और श्री नयना देवी जी विकास खंड के 280 परिवार शामिल हैं। आवेदन के बाद ग्राम पंचायत, विकास खंड और जिला स्तर पर दस्तावेज का सत्यापन होगा। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। जिला प्रशासन पूरी पारदर्शिता से काम कर रहा है। उपायुक्त ने सभी पात्र परिवारों से 5 जुलाई तक आवेदन जमा करने की अपील की। संशोधित मानदंडों के अनुसार, कई श्रेणियों के परिवार आवेदन कर सकते हैं। इनमें ऐसे परिवार शामिल हैं जिनमें केवल 27 वर्ष से कम आयु के बच्चे या केवल 59 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग सदस्य हों। साथ ही, 27 से 59 वर्ष आयु वर्ग का कोई कमाऊ सदस्य न हो। महिला मुखिया वाले परिवार, 40 फीसदी या उससे अधिक दिव्यांग मुखिया वाले परिवार भी पात्र हैं।
पिछले वित्त वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम एक दिन कार्य करने वाले परिवार भी पात्र माने जाएंगे। गंभीर बीमारियों से पीड़ित कमाऊ सदस्य, दुर्घटना से स्थायी रूप से अशक्त कमाऊ सदस्य और भूमिहीन परिवार भी पात्रता के दायरे में आते हैं। जिला प्रशासन ने अपात्रता के नियम भी स्पष्ट किए हैं। जिन परिवारों का कोई सदस्य आयकरदाता है, या जिनकी वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक है, वे बीपीएल सूची में शामिल नहीं हो सकते। एक हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले परिवार भी पात्र नहीं माने जाएंगे। यदि किसी परिवार का कोई सदस्य सरकारी, अर्ध सरकारी या निजी सेवा में कार्यरत है, तो वह भी अपात्र होगा। केवल आवेदन करने से बीपीएल सूची में नाम शामिल होना सुनिश्चित नहीं होता। उपायुक्त ने बताया कि पहले सात चरणों में पात्र होने के बावजूद कुछ परिवार आवेदन नहीं कर पाए थे। आय प्रमाण-पत्र या अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा न कर पाने वाले परिवारों को इस बार अवसर दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तकनीकी कारणों से कोई भी पात्र परिवार बीपीएल सूची से बाहर न रहे। अंतिम चयन राज्य सरकार के निर्धारित मानदंडों और विस्तृत सत्यापन के आधार पर होगा। पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों को प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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पहले सात चरणों में 4,817 परिवार चयनित, संशोधित मानदंडों के आधार पर होगा नए लाभार्थियों का चयन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों के चयन का आठवां चरण शुरू हो गया है। पात्र परिवार 5 जुलाई तक अपनी ग्राम पंचायत में आवेदन कर सकते हैं। सभी स्तरों पर सत्यापन के बाद अंतिम चयन सूची 15 जुलाई तक जारी होगी। चयन संशोधित मानदंडों और पारदर्शी प्रक्रिया पर आधारित होगा।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार ने बीपीएल सूची को पारदर्शी बनाने के लिए पात्रता मानदंडों में संशोधन किया है। इसका उद्देश्य अपात्र परिवारों को बाहर करना और जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जिले में पहले सात चरण सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं। इन चरणों में कुल 4,817 परिवारों की बीपीएल सूची में पहचान की गई है। इनमें सदर बिलासपुर के 1,480, घुमारवीं के 1,415, झंडूता के 1,642 और श्री नयना देवी जी विकास खंड के 280 परिवार शामिल हैं। आवेदन के बाद ग्राम पंचायत, विकास खंड और जिला स्तर पर दस्तावेज का सत्यापन होगा। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। जिला प्रशासन पूरी पारदर्शिता से काम कर रहा है। उपायुक्त ने सभी पात्र परिवारों से 5 जुलाई तक आवेदन जमा करने की अपील की। संशोधित मानदंडों के अनुसार, कई श्रेणियों के परिवार आवेदन कर सकते हैं। इनमें ऐसे परिवार शामिल हैं जिनमें केवल 27 वर्ष से कम आयु के बच्चे या केवल 59 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग सदस्य हों। साथ ही, 27 से 59 वर्ष आयु वर्ग का कोई कमाऊ सदस्य न हो। महिला मुखिया वाले परिवार, 40 फीसदी या उससे अधिक दिव्यांग मुखिया वाले परिवार भी पात्र हैं।
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पिछले वित्त वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम एक दिन कार्य करने वाले परिवार भी पात्र माने जाएंगे। गंभीर बीमारियों से पीड़ित कमाऊ सदस्य, दुर्घटना से स्थायी रूप से अशक्त कमाऊ सदस्य और भूमिहीन परिवार भी पात्रता के दायरे में आते हैं। जिला प्रशासन ने अपात्रता के नियम भी स्पष्ट किए हैं। जिन परिवारों का कोई सदस्य आयकरदाता है, या जिनकी वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक है, वे बीपीएल सूची में शामिल नहीं हो सकते। एक हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले परिवार भी पात्र नहीं माने जाएंगे। यदि किसी परिवार का कोई सदस्य सरकारी, अर्ध सरकारी या निजी सेवा में कार्यरत है, तो वह भी अपात्र होगा। केवल आवेदन करने से बीपीएल सूची में नाम शामिल होना सुनिश्चित नहीं होता। उपायुक्त ने बताया कि पहले सात चरणों में पात्र होने के बावजूद कुछ परिवार आवेदन नहीं कर पाए थे। आय प्रमाण-पत्र या अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा न कर पाने वाले परिवारों को इस बार अवसर दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तकनीकी कारणों से कोई भी पात्र परिवार बीपीएल सूची से बाहर न रहे। अंतिम चयन राज्य सरकार के निर्धारित मानदंडों और विस्तृत सत्यापन के आधार पर होगा। पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों को प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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