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Bilaspur News: जिलेभर की पंचायतों में सचिवों के 60 पद खाली, ग्रामीण परेशान
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एक सचिव के भरोसे दो से 3 पंचायतें, लोगों को प्रमाणपत्र बनाने में आ रहीं दिक्कतें
सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद सचिवों को सौंपा है जिम्मा
निशिल मेहता
सोलन। जिले में पंचायत सचिवों के 60 पद रिक्त पड़े होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई काम अधर में अटके हैं। लोग जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने, परिवार रजिस्टर की कॉपी लेने, मनरेगा संबंधी कार्य करवाने और चरित्र प्रमाणपत्र बनवाने पंचायत आते हैं, लेकिन अकसर सचिव नहीं मिलते। एक सचिव पर दो से तीन पंचायतों का जिम्मा होता है और वे अन्य पंचायतों में भी ड्यूटी दे रहे हैं। सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद काम का सारा जिम्मा सचिवों को सौंपा गया है। रिक्त पदों के कारण एक ही सचिव को कई पंचायतों का काम संभालना पड़ रहा है, जिससे न तो काम सही से हो पा रहा है और न ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हो रहा है। जिलेभर में कई पद दो सालों से खाली हैं। यह रिक्तता पंचायत सचिवों के सेवानिवृत्त होने के कारण बनी। जिला पंचायती राज विभाग ने पहले भी इन पदों को भरने के लिए सरकार को जानकारी दी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सोलन जिले में कुल 257 पंचायतें हैं, जिनमें से 18 नई पंचायतें हैं। संवाद
कोट
जिलेभर में खाली पड़े पंचायत सचिवों के पदों को भरने के लिए पहले भी सरकार को बता दिया गया है। अब सरकार की ओर से इन पदों को भरने के लिए कुछ पद निकाले हैं। जैसे ही नई नियुक्तियां होंगी, रिक्त पदों को भर दिया जाएगा।
-जोगिंद्र प्रकाश राणा, जिला पंचायतीराज अधिकारी, सोलन
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सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद सचिवों को सौंपा है जिम्मा
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सोलन। जिले में पंचायत सचिवों के 60 पद रिक्त पड़े होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई काम अधर में अटके हैं। लोग जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने, परिवार रजिस्टर की कॉपी लेने, मनरेगा संबंधी कार्य करवाने और चरित्र प्रमाणपत्र बनवाने पंचायत आते हैं, लेकिन अकसर सचिव नहीं मिलते। एक सचिव पर दो से तीन पंचायतों का जिम्मा होता है और वे अन्य पंचायतों में भी ड्यूटी दे रहे हैं। सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद काम का सारा जिम्मा सचिवों को सौंपा गया है। रिक्त पदों के कारण एक ही सचिव को कई पंचायतों का काम संभालना पड़ रहा है, जिससे न तो काम सही से हो पा रहा है और न ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हो रहा है। जिलेभर में कई पद दो सालों से खाली हैं। यह रिक्तता पंचायत सचिवों के सेवानिवृत्त होने के कारण बनी। जिला पंचायती राज विभाग ने पहले भी इन पदों को भरने के लिए सरकार को जानकारी दी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सोलन जिले में कुल 257 पंचायतें हैं, जिनमें से 18 नई पंचायतें हैं। संवाद
कोट
जिलेभर में खाली पड़े पंचायत सचिवों के पदों को भरने के लिए पहले भी सरकार को बता दिया गया है। अब सरकार की ओर से इन पदों को भरने के लिए कुछ पद निकाले हैं। जैसे ही नई नियुक्तियां होंगी, रिक्त पदों को भर दिया जाएगा।
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-जोगिंद्र प्रकाश राणा, जिला पंचायतीराज अधिकारी, सोलन