फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Allegation of construction despite court stay; police ordered to visit the site.

Bilaspur News: अदालती रोक के बावजूद निर्माण का आरोप, पुलिस को मौके पर जाने के आदेश

Mon, 10 Aug 2026 12:24 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 12:24 AM IST
विज्ञापन
Allegation of construction despite court stay; police ordered to visit the site.
घुमारवीं कोर्ट ने वाद भूमि पर निर्माण रोकने के आदेश की पालना के लिए एसएचओ भाराड़ी को दी जिम्मेदारी
विज्ञापन

भूमि की पहचान के लिए राजस्व अधिकारी की मदद ले सकेगी पुलिस


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। वाद भूमि पर अदालती रोक के बावजूद निर्माण किए जाने के आरोप के मामले में घुमारवीं सिविल जज कोर्ट नंबर-3 ने पुलिस को अदालत के आदेश की पालना करवाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने पुलिस थाना भाराड़ी के एसएचओ को चार मई और दो जून 2026 को पारित आदेशों को मौके पर लागू करवाने के लिए पुलिस सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।
आवेदक ने अदालत में दायर आवेदन में आरोप लगाया था कि मुख्य मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रतिवादियों को वाद भूमि पर किसी भी तरह का अवैध या गैरकानूनी हस्तक्षेप करने से रोक दिया था। इसके बावजूद प्रतिवादी मजदूरों और राजमिस्त्रियों को लगाकर वाद भूमि में खुदाई कर निर्माण के लिए पिल्लर खड़े कर रहे हैं।
विज्ञापन

प्रतिवादियों ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि निर्माण वाद भूमि पर नहीं, बल्कि उनकी अपनी अबादी देह भूमि पर किया जा रहा है। उनका कहना था कि उन्होंने पहले आवेदक से 0-15 बीघा भूमि खरीदी थी और वर्ष 2021 में वहां डंगा भी बनाया था, जिस पर उस समय कोई आपत्ति नहीं की गई। आवेदक ने जवाब में कहा कि प्रतिवादी अपनी अबादी देह भूमि पर नहीं, बल्कि उसकी गैर मुमकिन अबादी भूमि पर कब्जा कर निर्माण कर रहे हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रिकॉर्ड का अवलोकन किया। अदालत ने पाया कि आवेदक के आरोपों के समर्थन में तस्वीरें और शपथ पत्र रिकॉर्ड पर हैं, जबकि प्रतिवादी यह साबित करने के लिए कोई दस्तावेज या सामग्री पेश नहीं कर सके कि निर्माण उनकी अबादी देह भूमि पर ही हो रहा है। अदालत ने माना कि इस स्तर पर पुलिस सहायता नहीं देने से आवेदक को अपूरणीय नुकसान हो सकता है। अदालत ने कहा कि न्यायालय की ओर से पारित आदेश को मौके पर अक्षरश: लागू करवाना जरूरी है। इसके बाद आवेदन मंजूर करते हुए एसएचओ भाराड़ी को पुलिस सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए। पुलिस जरूरत पड़ने पर राजस्व अधिकारी की सहायता लेकर मौके पर वाद भूमि की पहचान भी करवा सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed