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Bilaspur News: बेटी अनमोल की छात्रवृत्ति अटकी, तीन साल से हो रहा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 29 Apr 2026 11:25 PM IST
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एक्सक्लूसिव
जिले में बजट न मिलने से 1100 में से कई लाभार्थी प्रभावित, पढ़ाई पर पड़ा असर
विभाग ने 20 लाख की डिमांड भेजी, बजट मिलते ही राशि जारी करने का दावा
इसी साल सरकार ने नाम बदलकर रखा है इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना
गोपाल शर्मा
बिलासपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग की बेटी अनमोल छात्रवृत्ति योजना वर्तमान में इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति की राशि लंबे समय से अटकी हुई है। इससे गरीब परिवारों की बेटियों के सामने पढ़ाई जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है। कई छात्राओं को पिछले तीन वर्ष से छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है, जिससे उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, 90 के दशक में शुरू हुई बालिका समृद्धि योजना के तहत बीपीएल परिवारों में जन्म लेने वाली दो बेटियों को योजना का लाभ दिया जाता था। उस समय प्रत्येक बेटी के खाते में 500 रुपये जमा किए जाते थे, जो बालिग होने पर ब्याज सहित मिलते थे। बाद में इस योजना का नाम बदलकर बेटी अनमोल कर दिया गया और लाभ राशि भी बढ़ाई गई। अगस्त 2021 में योजना में संशोधन करते हुए जमा राशि बढ़ाई गई, लेकिन छात्रवृत्ति को बंद कर दिया गया था। उस समय इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद छात्रवृत्ति दोबारा बहाल की गई। वर्तमान में 12 अगस्त 2021 से पहले जन्मी बेटियां इस योजना के तहत छात्रवृत्ति के लिए पात्र हैं। प्रदेश भर में करीब 27,590 बेटियां इस योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति की हकदार हैं। उन्हें पहली कक्षा से लेकर स्नातक स्तर तक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 450 रुपये से 5000 रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जाती है। हालांकि, बीते लगभग 10 वर्ष में इस राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि अन्य विभागों की छात्रवृत्तियों में वृद्धि की जा चुकी है। अगर बिलासपुर की बात करें तो यहां करीब 1100 बेटियां योजना में पंजीकृत हैं। इनमें से सदर क्षेत्र की 160, घुमारवीं की 21 और झंडूता की 23 बेटियां ऐसी हैं जिन्हें बजट के अभाव में पिछले तीन वर्ष से छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। जिला स्तर से विभाग को करीब 20 लाख रुपये के बजट की मांग भेजी गई थी, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है। इस बीच, वित्त वर्ष 2026-27 से योजना में बदलाव किया गया है।
नए प्रावधान के तहत अब बेटियों के नाम पर 25 हजार रुपये की फिक्स डिपॉजिट की जाएगी और 18 वर्ष की आयु तक 2 लाख रुपये का बीमा कवर भी दिया जाएगा। छात्राओं में रूपाक्षी शर्मा, नीलाक्षी, प्रियांजल, सानवी और किरण सहित अन्य लाभार्थियों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द छात्रवृत्ति के लिए बजट जारी किया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। वहीं, महिला एवं बाल विकास निदेशालय शिमला के उपनिदेशक सतनाम सिंह का कहना है कि बेटी अनमोल योजना के तहत छात्रवृत्ति के लिए बजट की मांग भेजी जा चुकी है। जैसे ही बजट स्वीकृत होगा, लाभार्थियों को लंबित राशि जारी कर दी जाएगी। संवाद
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इसी साल सरकार ने नाम बदलकर रखा है इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना
गोपाल शर्मा
बिलासपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग की बेटी अनमोल छात्रवृत्ति योजना वर्तमान में इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति की राशि लंबे समय से अटकी हुई है। इससे गरीब परिवारों की बेटियों के सामने पढ़ाई जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है। कई छात्राओं को पिछले तीन वर्ष से छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है, जिससे उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, 90 के दशक में शुरू हुई बालिका समृद्धि योजना के तहत बीपीएल परिवारों में जन्म लेने वाली दो बेटियों को योजना का लाभ दिया जाता था। उस समय प्रत्येक बेटी के खाते में 500 रुपये जमा किए जाते थे, जो बालिग होने पर ब्याज सहित मिलते थे। बाद में इस योजना का नाम बदलकर बेटी अनमोल कर दिया गया और लाभ राशि भी बढ़ाई गई। अगस्त 2021 में योजना में संशोधन करते हुए जमा राशि बढ़ाई गई, लेकिन छात्रवृत्ति को बंद कर दिया गया था। उस समय इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद छात्रवृत्ति दोबारा बहाल की गई। वर्तमान में 12 अगस्त 2021 से पहले जन्मी बेटियां इस योजना के तहत छात्रवृत्ति के लिए पात्र हैं। प्रदेश भर में करीब 27,590 बेटियां इस योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति की हकदार हैं। उन्हें पहली कक्षा से लेकर स्नातक स्तर तक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 450 रुपये से 5000 रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जाती है। हालांकि, बीते लगभग 10 वर्ष में इस राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि अन्य विभागों की छात्रवृत्तियों में वृद्धि की जा चुकी है। अगर बिलासपुर की बात करें तो यहां करीब 1100 बेटियां योजना में पंजीकृत हैं। इनमें से सदर क्षेत्र की 160, घुमारवीं की 21 और झंडूता की 23 बेटियां ऐसी हैं जिन्हें बजट के अभाव में पिछले तीन वर्ष से छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। जिला स्तर से विभाग को करीब 20 लाख रुपये के बजट की मांग भेजी गई थी, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है। इस बीच, वित्त वर्ष 2026-27 से योजना में बदलाव किया गया है।
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नए प्रावधान के तहत अब बेटियों के नाम पर 25 हजार रुपये की फिक्स डिपॉजिट की जाएगी और 18 वर्ष की आयु तक 2 लाख रुपये का बीमा कवर भी दिया जाएगा। छात्राओं में रूपाक्षी शर्मा, नीलाक्षी, प्रियांजल, सानवी और किरण सहित अन्य लाभार्थियों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द छात्रवृत्ति के लिए बजट जारी किया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। वहीं, महिला एवं बाल विकास निदेशालय शिमला के उपनिदेशक सतनाम सिंह का कहना है कि बेटी अनमोल योजना के तहत छात्रवृत्ति के लिए बजट की मांग भेजी जा चुकी है। जैसे ही बजट स्वीकृत होगा, लाभार्थियों को लंबित राशि जारी कर दी जाएगी। संवाद
