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Bilaspur News: ईपीएफओ का कर्मचारी पंजीकरण अभियान शुरू, नियोक्ताओं को राहत
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छूटे कर्मचारियों को पीएफ से जोड़ने के लिए चलाया गया है अभियान,30 अप्रैल तक करवा सकेंगे पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने नियोक्ताओं को राहत देते हुए कर्मचारी पंजीकरण अभियान शुरू किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत यह विशेष अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य उन पात्र कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में लाना है, जो 1 जुलाई 2017 से 31 अक्तूबर 2025 के बीच नियुक्त हुए, लेकिन किसी कारणवश पीएफ कवरेज से वंचित रह गए। इसके तहत नियोक्ता लंबित अनुपालन को नियमित कर सकेंगे। यह योजना सभी प्रतिष्ठानों पर लागू होगी, चाहे वे पहले से ईपीएफ के दायरे में हों या नहीं। जो संस्थान अब तक पंजीकृत नहीं हैं, वे भी पहले ईपीएफ कवरेज के लिए आवेदन कर सकते हैं। घोषित प्रत्येक कर्मचारी के लिए उमंग एप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन आधारित यूएएन जनरेट करना अनिवार्य होगा। अंशदान का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ईसीआर) के माध्यम से किया जाएगा, जबकि घोषणा केवल ईपीएफओ पोर्टल पर ऑनलाइन टीआरआरएन लिंक कर की जा सकेगी। अभियान के तहत कर्मचारी अंश माफ योजना में डिफॉल्ट करने वाले प्रतिष्ठानों से केवल 100 रुपये की एकमुश्त पेनल डैमेज वसूली जाएगी। घोषित अवधि के लिए कर्मचारी अंश पूरी तरह माफ रहेगा। एक से अधिक घोषणा की अनुमति नहीं होगी और केवल जीवित व वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को ही शामिल किया जा सकेगा। ईपीएफओ के आयुक्त जगजोत सिंह चिम्मा ने बताया कि गलत जानकारी देने पर घोषणा शून्य मानी जाएगी और ईपीएफ अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। अभियान के तहत पंजीकरण कराने वाले नियोक्ता निर्धारित शर्तों के अधीन पीएम-वीवीआरवाई योजना के लाभ के पात्र भी होंगे।
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बद्दी (सोलन)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने नियोक्ताओं को राहत देते हुए कर्मचारी पंजीकरण अभियान शुरू किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत यह विशेष अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य उन पात्र कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में लाना है, जो 1 जुलाई 2017 से 31 अक्तूबर 2025 के बीच नियुक्त हुए, लेकिन किसी कारणवश पीएफ कवरेज से वंचित रह गए। इसके तहत नियोक्ता लंबित अनुपालन को नियमित कर सकेंगे। यह योजना सभी प्रतिष्ठानों पर लागू होगी, चाहे वे पहले से ईपीएफ के दायरे में हों या नहीं। जो संस्थान अब तक पंजीकृत नहीं हैं, वे भी पहले ईपीएफ कवरेज के लिए आवेदन कर सकते हैं। घोषित प्रत्येक कर्मचारी के लिए उमंग एप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन आधारित यूएएन जनरेट करना अनिवार्य होगा। अंशदान का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ईसीआर) के माध्यम से किया जाएगा, जबकि घोषणा केवल ईपीएफओ पोर्टल पर ऑनलाइन टीआरआरएन लिंक कर की जा सकेगी। अभियान के तहत कर्मचारी अंश माफ योजना में डिफॉल्ट करने वाले प्रतिष्ठानों से केवल 100 रुपये की एकमुश्त पेनल डैमेज वसूली जाएगी। घोषित अवधि के लिए कर्मचारी अंश पूरी तरह माफ रहेगा। एक से अधिक घोषणा की अनुमति नहीं होगी और केवल जीवित व वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को ही शामिल किया जा सकेगा। ईपीएफओ के आयुक्त जगजोत सिंह चिम्मा ने बताया कि गलत जानकारी देने पर घोषणा शून्य मानी जाएगी और ईपीएफ अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। अभियान के तहत पंजीकरण कराने वाले नियोक्ता निर्धारित शर्तों के अधीन पीएम-वीवीआरवाई योजना के लाभ के पात्र भी होंगे।