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Bilaspur News: श्रद्धालुओं को बताया भागवत कथा का महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 23 Apr 2026 11:50 PM IST
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श्री राधे कृष्ण कामधेनु गोधाम करयालग में भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर कलश यात्रा निकालती हुई म
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-श्री राधे कृष्ण कामधेनु गोधाम करयालग में भागवत कथा हुई शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। श्री राधे कृष्ण कामधेनु गोधाम करयालग माता सोहनी देवी जी में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा की शुरुआत से पहले कलश और शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
इसमें पंडित विजय शास्त्री लोगों को कथा का रसपान करवा रहे हैं। पहले दिन उन्होंने भक्तों को भागवत कथा के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि सभी को भगवान के अवतारों की कथा बार-बार सुननी चाहिए। भागवत कथा से हृदय के विकार समाप्त हो जाते हैं। व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त के लिए स्वर्ग के दरवाजे खुल जाते हैं। जिस घर में श्रीमद् भागवत की पूजा होती है। उस घर में लक्ष्मी का वास होता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक बार भोजन कर लेने से एक बार सांस ले लेने से काम नहीं चल सकता है। उसी प्रकार एक बार कथा सुनने से काम कैसे चल सकता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा से जीवन में शांति मिलती है, जैसे वाल्मीकि ईश्वर का नाम जपते जपते गलत मार्गों से हटकर प्रशस्त मार्गों के अधिकारी बन गए। अंगुलीमाल डाकू गौतम बुद्ध के उपदेशों को सुन कर अहिंसा का पुजारी बन गया। कालिदास जी ने अपनी पत्नी की कृपा से जीवन को धन्य कर लिया। कर्म के महत्व को समझाते हुए कहा कि जो जैसा कर्म करेगा, उसे वैसा ही फल मिलेगा। कथा समापन के बाद श्रीमद् भागवत की आरती हुई और कार्यक्रम के व्यवस्थापक व गोधन के प्रबंधक अश्विनी कपिल द्वारा प्रसाद वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि कथा का समापन 29 अप्रैल को विशाल भंडारे के साथ होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। श्री राधे कृष्ण कामधेनु गोधाम करयालग माता सोहनी देवी जी में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा की शुरुआत से पहले कलश और शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
इसमें पंडित विजय शास्त्री लोगों को कथा का रसपान करवा रहे हैं। पहले दिन उन्होंने भक्तों को भागवत कथा के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि सभी को भगवान के अवतारों की कथा बार-बार सुननी चाहिए। भागवत कथा से हृदय के विकार समाप्त हो जाते हैं। व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त के लिए स्वर्ग के दरवाजे खुल जाते हैं। जिस घर में श्रीमद् भागवत की पूजा होती है। उस घर में लक्ष्मी का वास होता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक बार भोजन कर लेने से एक बार सांस ले लेने से काम नहीं चल सकता है। उसी प्रकार एक बार कथा सुनने से काम कैसे चल सकता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा से जीवन में शांति मिलती है, जैसे वाल्मीकि ईश्वर का नाम जपते जपते गलत मार्गों से हटकर प्रशस्त मार्गों के अधिकारी बन गए। अंगुलीमाल डाकू गौतम बुद्ध के उपदेशों को सुन कर अहिंसा का पुजारी बन गया। कालिदास जी ने अपनी पत्नी की कृपा से जीवन को धन्य कर लिया। कर्म के महत्व को समझाते हुए कहा कि जो जैसा कर्म करेगा, उसे वैसा ही फल मिलेगा। कथा समापन के बाद श्रीमद् भागवत की आरती हुई और कार्यक्रम के व्यवस्थापक व गोधन के प्रबंधक अश्विनी कपिल द्वारा प्रसाद वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि कथा का समापन 29 अप्रैल को विशाल भंडारे के साथ होगा।
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