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Bilaspur News: डिपुओं में नहीं पहुंचा सरसों का तेल व रिफाइंड, उपभोक्ता परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 22 Apr 2026 11:54 PM IST
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एक्सक्लूसिव
उड़द दाल महंगी, एपीएल-बीपीएल परिवारों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
252 में से 92 डिपुओं में सप्लाई ठप, 4.12 लाख उपभोक्ता प्रभावित
महंगे बाजार भाव से बिगड़ा रसोई का बजट, विभाग से जल्द आपूर्ति की मांग
गोपाल शर्मा
जुखाला(बिलासपुर)। जिले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तहत संचालित डिपुओं में इस माह सरसों का तेल और रिफाइंड की सप्लाई बाधित होने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई डिपुओं में अभी तक तेल नहीं पहुंचा है, जिसके चलते लोगों को मजबूरन बाजार से महंगे दामों पर खाद्य तेल खरीदना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार जिले में लगभग 4.12 लाख उपभोक्ताओं को 252 डिपुओं के माध्यम से हर महीने करीब 2.50 लाख लीटर सरसों का तेल और रिफाइंड वितरित किया जाता है। यह तेल बाजार से कम कीमत पर उपलब्ध होने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को राहत देता है। लेकिन इस बार सप्लाई में आई देरी के कारण व्यवस्था चरमरा गई है। बताया जा रहा है कि अब तक केवल 160 डिपुओं में ही सरसों का तेल और रिफाइंड पहुंच पाया है, जबकि शेष 92 डिपुओं में अभी तक सप्लाई नहीं हो सकी है। इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। बाजार में इन दिनों सरसों का तेल 180 से 210 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है, जबकि डिपुओं में यही तेल 153 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध कराया जाता है। करदाता (एपीएल) उपभोक्ताओं को यह तेल करीब 161 रुपये प्रति लीटर मिलता है। ऐसे में डिपो से सप्लाई न मिलने के कारण उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। गृहिणियों में दीपा शर्मा, वनीता, सोनू, मनीषा और कमलेश ने बताया कि इस महीने डिपो में तेल नहीं मिलने के कारण उन्हें बाजार से महंगे दामों पर तेल खरीदना पड़ा है। इससे उनके घर का मासिक बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उन्होंने कहा कि पहले डिपो से मिलने वाला सस्ता तेल उनकी रसोई का सहारा था, लेकिन अब महंगाई का सीधा असर उनकी जेब पर पड़ रहा है।
तेल की किल्लत के बीच उड़द दाल के दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है। एपीएल परिवारों को पहले जहां उड़द 83 रुपये प्रति किलो मिलती थी, अब इसकी कीमत बढ़कर 94 रुपये हो गई है। वहीं बीपीएल परिवारों के लिए यह कीमत 78 रुपये से बढ़कर 89 रुपये प्रति किलो हो गई है। इससे गरीब परिवारों के लिए रसोई चलाना और मुश्किल हो गया है। इस संबंध में सिविल सप्लाई हिमाचल प्रदेश के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल ने बताया कि राज्य में सरसों के तेल और रिफाइंड की कोई कमी नहीं है। यदि जिले में सप्लाई कम पहुंची है तो उसे जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा और सभी डिपुओं में आवश्यक मात्रा में खाद्य तेल उपलब्ध करवाया जाएगा। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द सभी डिपुओं में सरसों का तेल और रिफाइंड की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को राहत मिल सके और उन्हें महंगे बाजार पर निर्भर न रहना पड़े। संवाद
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गोपाल शर्मा
जुखाला(बिलासपुर)। जिले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तहत संचालित डिपुओं में इस माह सरसों का तेल और रिफाइंड की सप्लाई बाधित होने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई डिपुओं में अभी तक तेल नहीं पहुंचा है, जिसके चलते लोगों को मजबूरन बाजार से महंगे दामों पर खाद्य तेल खरीदना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार जिले में लगभग 4.12 लाख उपभोक्ताओं को 252 डिपुओं के माध्यम से हर महीने करीब 2.50 लाख लीटर सरसों का तेल और रिफाइंड वितरित किया जाता है। यह तेल बाजार से कम कीमत पर उपलब्ध होने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को राहत देता है। लेकिन इस बार सप्लाई में आई देरी के कारण व्यवस्था चरमरा गई है। बताया जा रहा है कि अब तक केवल 160 डिपुओं में ही सरसों का तेल और रिफाइंड पहुंच पाया है, जबकि शेष 92 डिपुओं में अभी तक सप्लाई नहीं हो सकी है। इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। बाजार में इन दिनों सरसों का तेल 180 से 210 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है, जबकि डिपुओं में यही तेल 153 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध कराया जाता है। करदाता (एपीएल) उपभोक्ताओं को यह तेल करीब 161 रुपये प्रति लीटर मिलता है। ऐसे में डिपो से सप्लाई न मिलने के कारण उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। गृहिणियों में दीपा शर्मा, वनीता, सोनू, मनीषा और कमलेश ने बताया कि इस महीने डिपो में तेल नहीं मिलने के कारण उन्हें बाजार से महंगे दामों पर तेल खरीदना पड़ा है। इससे उनके घर का मासिक बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उन्होंने कहा कि पहले डिपो से मिलने वाला सस्ता तेल उनकी रसोई का सहारा था, लेकिन अब महंगाई का सीधा असर उनकी जेब पर पड़ रहा है।
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तेल की किल्लत के बीच उड़द दाल के दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है। एपीएल परिवारों को पहले जहां उड़द 83 रुपये प्रति किलो मिलती थी, अब इसकी कीमत बढ़कर 94 रुपये हो गई है। वहीं बीपीएल परिवारों के लिए यह कीमत 78 रुपये से बढ़कर 89 रुपये प्रति किलो हो गई है। इससे गरीब परिवारों के लिए रसोई चलाना और मुश्किल हो गया है। इस संबंध में सिविल सप्लाई हिमाचल प्रदेश के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल ने बताया कि राज्य में सरसों के तेल और रिफाइंड की कोई कमी नहीं है। यदि जिले में सप्लाई कम पहुंची है तो उसे जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा और सभी डिपुओं में आवश्यक मात्रा में खाद्य तेल उपलब्ध करवाया जाएगा। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द सभी डिपुओं में सरसों का तेल और रिफाइंड की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को राहत मिल सके और उन्हें महंगे बाजार पर निर्भर न रहना पड़े। संवाद

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