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Bilaspur News: पेंशनर ने राज्य बजट में अपनी अनदेखी पर गहरा रोष किया प्रकट
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:33 PM IST
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बिजली बोर्ड में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने की उठाई मांग
पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन घुमारवीं इकाई की हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन घुमारवीं इकाई की बैठक बुधवार को हुई।
बैठक की अध्यक्षता प्रधान इं. रामलाल शर्मा ने की। बैठक में चीफ इं. अरविंद शर्मा ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। बैठक के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष सुखराम, वरिष्ठ उप प्रधान गंगा प्रसाद, उप प्रधान रूप लाल शर्मा, दिलाराम, एसएस सम्बयाल, आरपी शर्मा, अरविंद शर्मा और केएल शर्मा ने पेंशनर की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की और संगठन द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि पेंशनर लंबे समय से अपनी जायज मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सभी पेंशनर ने राज्य बजट में अपनी अनदेखी पर गहरा रोष प्रकट किया। उनका कहना था कि बजट में पेंशनर की समस्याओं और मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है, जिससे उनमें निराशा का माहौल है। इसके साथ ही सरकार द्वारा ग्रुप बी कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन का तीन प्रतिशत हिस्सा स्थगित करने के निर्णय पर भी कड़ा एतराज जताया गया। पेंशनर ने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश कर्मचारी और सेवानिवृत्त अधिकारी हाउस लोन, वाहन लोन, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा खर्च और अन्य पारिवारिक जिम्मेदारियों के आर्थिक दबाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में यह फैसला उनके जीवन-यापन पर प्रतिकूल असर डालेगा। उन्होंने सरकार से इस निर्णय पर तुरंत पुनर्विचार करने की मांग की। बैठक में पेंशनर ने अपनी देय राशियों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की भी जोरदार मांग उठाई। प्रधान इं. रामलाल शर्मा ने केंद्र सरकार द्वारा बिजली बोर्डों के निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित युक्तिकरण प्रक्रिया के तहत पदों को समाप्त करने की मंशा भी कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है, जिसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।उन्होंने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने पर बल देते हुए सरकार से बिजली बोर्ड में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने का आग्रह किया। साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। बैठक में डीडी शर्मा, ब्रह्म दत्त शर्मा, बृजलाल, देवराज चंदेल, महेंद्र सिंह, निकाराम, हुकुमचंद, प्रेम सुख, ज्ञानचंद, जगदीश कुमार, मोहर सिंह, प्रकाश चंद, सीताराम, मनमोहन भट्टी, रतनलाल महाजन, प्रेमलाल, गुरुदेव, रमेश चंद्र, रूपलाल, जीतराम, नारायण दास, सतीश चंदेल, एनआर कमल, लखनपाल आदि उपस्थित रहे।
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पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन घुमारवीं इकाई की हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन घुमारवीं इकाई की बैठक बुधवार को हुई।
बैठक की अध्यक्षता प्रधान इं. रामलाल शर्मा ने की। बैठक में चीफ इं. अरविंद शर्मा ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। बैठक के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष सुखराम, वरिष्ठ उप प्रधान गंगा प्रसाद, उप प्रधान रूप लाल शर्मा, दिलाराम, एसएस सम्बयाल, आरपी शर्मा, अरविंद शर्मा और केएल शर्मा ने पेंशनर की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की और संगठन द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि पेंशनर लंबे समय से अपनी जायज मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सभी पेंशनर ने राज्य बजट में अपनी अनदेखी पर गहरा रोष प्रकट किया। उनका कहना था कि बजट में पेंशनर की समस्याओं और मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है, जिससे उनमें निराशा का माहौल है। इसके साथ ही सरकार द्वारा ग्रुप बी कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन का तीन प्रतिशत हिस्सा स्थगित करने के निर्णय पर भी कड़ा एतराज जताया गया। पेंशनर ने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश कर्मचारी और सेवानिवृत्त अधिकारी हाउस लोन, वाहन लोन, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा खर्च और अन्य पारिवारिक जिम्मेदारियों के आर्थिक दबाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में यह फैसला उनके जीवन-यापन पर प्रतिकूल असर डालेगा। उन्होंने सरकार से इस निर्णय पर तुरंत पुनर्विचार करने की मांग की। बैठक में पेंशनर ने अपनी देय राशियों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की भी जोरदार मांग उठाई। प्रधान इं. रामलाल शर्मा ने केंद्र सरकार द्वारा बिजली बोर्डों के निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित युक्तिकरण प्रक्रिया के तहत पदों को समाप्त करने की मंशा भी कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है, जिसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।उन्होंने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने पर बल देते हुए सरकार से बिजली बोर्ड में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने का आग्रह किया। साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। बैठक में डीडी शर्मा, ब्रह्म दत्त शर्मा, बृजलाल, देवराज चंदेल, महेंद्र सिंह, निकाराम, हुकुमचंद, प्रेम सुख, ज्ञानचंद, जगदीश कुमार, मोहर सिंह, प्रकाश चंद, सीताराम, मनमोहन भट्टी, रतनलाल महाजन, प्रेमलाल, गुरुदेव, रमेश चंद्र, रूपलाल, जीतराम, नारायण दास, सतीश चंदेल, एनआर कमल, लखनपाल आदि उपस्थित रहे।