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Bilaspur News: स्वारघाट नगर पंचायत बनने से बढ़ी लोगों की परेशानी
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विधायक रणधीर शर्मा।
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प्रशासक की नियुक्ति न होने से रोजमर्रा के काम प्रभावित, प्रमाणपत्र बनवाने को लेकर भी असमंजस
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। उपमंडल स्वारघाट की ग्राम पंचायत कुटेहला को विभाजित कर ग्राम पंचायत मझेड़ का गठन किया गया था। अब दोनों पंचायतों के कुछ क्षेत्रों को शामिल कर स्वारघाट नगर पंचायत का गठन किए जाने के बाद स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नगर पंचायत के गठन से पहले उनकी सहमति नहीं ली गई और लगातार आपत्तियां दर्ज करवाने के बावजूद सरकार ने नगर पंचायत का गठन कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत का गठन होने के बाद अभी तक प्रशासक की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके चलते लोगों को अपने रोजमर्रा के काम करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार दोनों पंचायतों को नगर पंचायत में शामिल किए जाने के बाद क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य भी प्रभावित हुए हैं। लोगों की सबसे बड़ी परेशानी बच्चों के प्रमाणपत्रों को लेकर सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि विभिन्न प्रमाणपत्र बनवाने के लिए किस कार्यालय में संपर्क किया जाए। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द व्यवस्था स्पष्ट करने और प्रशासक की नियुक्ति करने की मांग की है।
कोट
नगर पंचायत बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर स्वारघाट नगर पंचायत को निरस्त कर ग्राम पंचायतों की यथास्थिति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। जब नगर पंचायत का गठन कर दिया गया है तो वहां प्रशासक की नियुक्ति करना सरकार की जिम्मेदारी है।
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-रणधीर शर्मा, विधायक, श्री नयना देवी जी
नगर पंचायत बनाया जाना उचित नहीं
राम आसरा ठाकुर ने कहा कि स्वारघाट को नगर पंचायत बनाए जाने के बाद क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। स्वारघाट की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे नगर पंचायत बनाया जाना उचित नहीं है। लोगों के विरोध के बावजूद नगर पंचायत का गठन किया गया है।
चुनाव में दिखेगा नगर पंचायत बनाने का असर
पवन कुमार ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से स्वारघाट को नगर पंचायत बनाए जाने का असर आने वाले चुनावों में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि जब भी नगर पंचायत के चुनाव करवाने की प्रक्रिया शुरू होगी, क्षेत्र की जनता इसका विरोध करेगी।
क्षेत्र की जनता को नहीं लिया विश्वास में
राजपाल ठाकुर ने कहा कि नगर पंचायत के गठन से पहले क्षेत्र की जनता को विश्वास में लिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत बनने के बाद लोगों के काम प्रभावित हो रहे हैं और बच्चों के प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भी उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।
फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग
सुभाष ठाकुर ने कहा कि नगर पंचायत बनने के बाद ग्राम पंचायत कुटेहला और मझेड़ के लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों में मिलने वाली कई सुविधाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह पता नहीं चल पा रहा है कि अपने काम करवाने के लिए किस कार्यालय में जाना है। उन्होंने सरकार से स्वारघाट नगर पंचायत के गठन के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। उपमंडल स्वारघाट की ग्राम पंचायत कुटेहला को विभाजित कर ग्राम पंचायत मझेड़ का गठन किया गया था। अब दोनों पंचायतों के कुछ क्षेत्रों को शामिल कर स्वारघाट नगर पंचायत का गठन किए जाने के बाद स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नगर पंचायत के गठन से पहले उनकी सहमति नहीं ली गई और लगातार आपत्तियां दर्ज करवाने के बावजूद सरकार ने नगर पंचायत का गठन कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत का गठन होने के बाद अभी तक प्रशासक की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके चलते लोगों को अपने रोजमर्रा के काम करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार दोनों पंचायतों को नगर पंचायत में शामिल किए जाने के बाद क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य भी प्रभावित हुए हैं। लोगों की सबसे बड़ी परेशानी बच्चों के प्रमाणपत्रों को लेकर सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि विभिन्न प्रमाणपत्र बनवाने के लिए किस कार्यालय में संपर्क किया जाए। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द व्यवस्था स्पष्ट करने और प्रशासक की नियुक्ति करने की मांग की है।
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नगर पंचायत बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर स्वारघाट नगर पंचायत को निरस्त कर ग्राम पंचायतों की यथास्थिति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। जब नगर पंचायत का गठन कर दिया गया है तो वहां प्रशासक की नियुक्ति करना सरकार की जिम्मेदारी है।
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-रणधीर शर्मा, विधायक, श्री नयना देवी जी
नगर पंचायत बनाया जाना उचित नहीं
राम आसरा ठाकुर ने कहा कि स्वारघाट को नगर पंचायत बनाए जाने के बाद क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। स्वारघाट की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे नगर पंचायत बनाया जाना उचित नहीं है। लोगों के विरोध के बावजूद नगर पंचायत का गठन किया गया है।
चुनाव में दिखेगा नगर पंचायत बनाने का असर
पवन कुमार ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से स्वारघाट को नगर पंचायत बनाए जाने का असर आने वाले चुनावों में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि जब भी नगर पंचायत के चुनाव करवाने की प्रक्रिया शुरू होगी, क्षेत्र की जनता इसका विरोध करेगी।
क्षेत्र की जनता को नहीं लिया विश्वास में
राजपाल ठाकुर ने कहा कि नगर पंचायत के गठन से पहले क्षेत्र की जनता को विश्वास में लिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत बनने के बाद लोगों के काम प्रभावित हो रहे हैं और बच्चों के प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भी उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।
फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग
सुभाष ठाकुर ने कहा कि नगर पंचायत बनने के बाद ग्राम पंचायत कुटेहला और मझेड़ के लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों में मिलने वाली कई सुविधाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह पता नहीं चल पा रहा है कि अपने काम करवाने के लिए किस कार्यालय में जाना है। उन्होंने सरकार से स्वारघाट नगर पंचायत के गठन के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।

विधायक रणधीर शर्मा।

विधायक रणधीर शर्मा।

विधायक रणधीर शर्मा।

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