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Bilaspur News: घुमारवीं में होगी सेफ्टी टैंकों की सफाई, गंदगी निस्तारण का होगा स्थायी समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:52 PM IST
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सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ एक अलग आधुनिक यूनिट होगी स्थापित
सीधे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में डाली जाएगी घरेलू सेफ्टी टैंकों से निकली गंदगी
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत विकसित की जा रही है परियोजना
संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं क्षेत्र में सेफ्टी टैंकों की सफाई और गंदगी के निस्तारण की समस्या का अब स्थायी समाधान होने जा रहा है। जल शक्ति विभाग की ओर से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ एक अलग और आधुनिक यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे घरेलू सेफ्टी शौचालयों के टैंकों से निकली गंदगी को टैंकरों के माध्यम से सीधे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में डाला जाएगा। इस योजना में सबसे अहम बात यह है कि सुविधा आमजन के लिए निशुल्क होगी।
यह परियोजना स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत विकसित की जा रही है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण और जन स्वास्थ्य की रक्षा करना है। अब तक नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सेफ्टी टैंकों की सफाई के बाद गंदगी को खुले स्थानों, नालों या खाली जमीन में फेंक दिया जाता था, जिससे बदबू, गंदगी और प्रदूषण की समस्या बनी रहती थी। नई यूनिट के स्थापित होने से गंदे पानी का वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा। जल शक्ति विभाग इस परियोजना पर लगभग 60 लाख रुपये खर्च करेगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसके लिए आवश्यक बजट भी स्वीकृत कर दिया गया है। प्रस्तावित यूनिट प्रतिदिन करीब 20 हजार लीटर गंदे पानी के निस्तारण में सक्षम होगी, जिससे रोजाना लगभग आठ सेफ्टी टैंकों की सफाई संभव हो सकेगी। इस सुविधा की सबसे अहम बात यह है कि यह आमजन के लिए पूरी तरह निशुल्क होगी और सेफ्टी टैंकों की गंदगी के निस्तारण के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे लोगों को राहत मिलेगी और अवैध रूप से गंदगी फेंकने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी। संवाद
कोट
यह योजना स्वच्छता के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। पहले सेफ्टी टैंकों की गंदगी के गलत निस्तारण से प्रदूषण बढ़ रहा था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने से स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
राजेश धर्माणी,तकनीकी शिक्षा मंत्री
कोट
परियोजना से जुड़ी सभी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। कार्य शुरू होते ही यह सुविधा शीघ्र ही आम लोगों को उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे घुमारवीं और आसपास के क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा।
मस्तराम चौहान, सहायक अभियंता ,जल शक्ति विभाग घुमारवीं
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सीधे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में डाली जाएगी घरेलू सेफ्टी टैंकों से निकली गंदगी
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत विकसित की जा रही है परियोजना
संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं क्षेत्र में सेफ्टी टैंकों की सफाई और गंदगी के निस्तारण की समस्या का अब स्थायी समाधान होने जा रहा है। जल शक्ति विभाग की ओर से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ एक अलग और आधुनिक यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे घरेलू सेफ्टी शौचालयों के टैंकों से निकली गंदगी को टैंकरों के माध्यम से सीधे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में डाला जाएगा। इस योजना में सबसे अहम बात यह है कि सुविधा आमजन के लिए निशुल्क होगी।
यह परियोजना स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत विकसित की जा रही है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण और जन स्वास्थ्य की रक्षा करना है। अब तक नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सेफ्टी टैंकों की सफाई के बाद गंदगी को खुले स्थानों, नालों या खाली जमीन में फेंक दिया जाता था, जिससे बदबू, गंदगी और प्रदूषण की समस्या बनी रहती थी। नई यूनिट के स्थापित होने से गंदे पानी का वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा। जल शक्ति विभाग इस परियोजना पर लगभग 60 लाख रुपये खर्च करेगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसके लिए आवश्यक बजट भी स्वीकृत कर दिया गया है। प्रस्तावित यूनिट प्रतिदिन करीब 20 हजार लीटर गंदे पानी के निस्तारण में सक्षम होगी, जिससे रोजाना लगभग आठ सेफ्टी टैंकों की सफाई संभव हो सकेगी। इस सुविधा की सबसे अहम बात यह है कि यह आमजन के लिए पूरी तरह निशुल्क होगी और सेफ्टी टैंकों की गंदगी के निस्तारण के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे लोगों को राहत मिलेगी और अवैध रूप से गंदगी फेंकने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी। संवाद
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यह योजना स्वच्छता के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। पहले सेफ्टी टैंकों की गंदगी के गलत निस्तारण से प्रदूषण बढ़ रहा था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने से स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
राजेश धर्माणी,तकनीकी शिक्षा मंत्री
कोट
परियोजना से जुड़ी सभी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। कार्य शुरू होते ही यह सुविधा शीघ्र ही आम लोगों को उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे घुमारवीं और आसपास के क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा।
मस्तराम चौहान, सहायक अभियंता ,जल शक्ति विभाग घुमारवीं