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Bilaspur News: पांच माह से खाली है रेडियोलॉजिस्ट का पद, मार्च तक मिल सकती है राहत
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 01 Feb 2026 06:31 PM IST
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-क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में अल्ट्रासाउंड सेवा ठप, मरीज निजी क्लीनिकों पर निर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में रेडियोलॉजिस्ट का पद करीब पांच माह से खाली चल रहा है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं को मजबूरन निजी अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें 800 से 2000 रुपये तक फीस चुकानी पड़ रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च तक अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति हो सकती है।
अस्पताल में प्रतिदिन जिले भर से हजारों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें से हर दिन करीब 30 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें चिकित्सक अल्ट्रासाउंड जांच की सलाह देते हैं, लेकिन अस्पताल में सुविधा बंद होने से इन मरीजों को बाहर भेजा जा रहा है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों की आर्थिक परेशानी बढ़ गई है। गौरतलब है कि अस्पताल में कार्यरत रेडियोलॉजिस्ट ने करीब पांच माह पहले इस्तीफा दिया था, जिसके बाद यह पद भरा नहीं गया था। मरीजों का कहना है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके उलट हैं। पांच माह से महत्वपूर्ण पद खाली होना स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि मार्च तक अस्पताल को नया रेडियोलॉजिस्ट मिलने की उम्मीद है। जैसे ही नियुक्ति होगी, अल्ट्रासाउंड सेवा बहाल कर दी जाएगी।
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बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में रेडियोलॉजिस्ट का पद करीब पांच माह से खाली चल रहा है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं को मजबूरन निजी अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें 800 से 2000 रुपये तक फीस चुकानी पड़ रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च तक अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति हो सकती है।
अस्पताल में प्रतिदिन जिले भर से हजारों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें से हर दिन करीब 30 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें चिकित्सक अल्ट्रासाउंड जांच की सलाह देते हैं, लेकिन अस्पताल में सुविधा बंद होने से इन मरीजों को बाहर भेजा जा रहा है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों की आर्थिक परेशानी बढ़ गई है। गौरतलब है कि अस्पताल में कार्यरत रेडियोलॉजिस्ट ने करीब पांच माह पहले इस्तीफा दिया था, जिसके बाद यह पद भरा नहीं गया था। मरीजों का कहना है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके उलट हैं। पांच माह से महत्वपूर्ण पद खाली होना स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि मार्च तक अस्पताल को नया रेडियोलॉजिस्ट मिलने की उम्मीद है। जैसे ही नियुक्ति होगी, अल्ट्रासाउंड सेवा बहाल कर दी जाएगी।
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