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Bilaspur News: नौणी-भराड़ी घाट फोरलेन में कटिंग से बिगड़ा ट्रैफिक सिस्टम
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 11 Apr 2026 10:44 PM IST
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नौणी-भराड़ी घाट फोरलेन में कटिंग से बिगड़ा ट्रैफिक सिस्टम। संवाद
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ग्राउंड रिपोर्ट
अव्यवस्था के कारण रोजाना लग रहा घंटों लंबा जाम
फ्लैगमैन की कमी से चरम पर यातायात की अव्यवस्था
मरीजों व यात्रियों को घंटों उठानी पड़ती है परेशानी
समस्या का समाधान न होने पर लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। शिमला-मटौर फोरलेन के निर्माण कार्य के तहत पैकेज नंबर-2 में नौणी-भराड़ी घाट क्षेत्र इन दिनों भारी ट्रैफिक अव्यवस्था का शिकार है। विनायक घाट से आगे खतरनाक मोड़ पर पहाड़ की कटिंग का कार्य जारी है, जिसके चलते सड़क को एकतरफा कर दिया गया है। लेकिन निर्माण कार्य के साथ ट्रैफिक प्रबंधन की उचित व्यवस्था न होने के कारण यहां रोजाना लंबा जाम लग रहा है और राहगीरों को घंटों परेशान होना पड़ रहा है। शनिवार को भी सुबह करीब डेढ़ घंटे तक लोगों को परेशानी से जूझना पड़ा।
यह सड़क बिलासपुर को एम्स और शिमला से जोड़ने वाला अहम मार्ग है, जिस पर दिनभर छोटे-बड़े वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। निर्माण कार्य के चलते एक समय में केवल एक ही दिशा से वाहनों को निकाला जा रहा है, लेकिन मौके पर ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त फ्लैग मैन मौजूद नहीं हैं। ऐसे में दोनों ओर से वाहन चालक अपनी-अपनी बारी से आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं और कुछ ही देर में स्थिति बेकाबू होकर कई किलोमीटर लंबे जाम में बदल जाती है। इस मार्ग से एम्स जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार लोग समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और इसका समाधान नहीं किया जा रहा। स्थिति यह है कि सुबह दफ्तर के समय और शाम को काम से लौटते वक्त जाम की समस्या और अधिक विकराल हो जाती है। कई वाहन चालक बताते हैं कि उन्हें एक से दो घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि ईंधन की खपत बढ़ने से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेंद्र पाल ठाकुर, नवदीप शर्मा, बिट्टू ठाकुर और दलीप कुमार ने मौके की स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यदि सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है तो ट्रैफिक प्रबंधन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग की है कि सड़क के दोनों ओर पर्याप्त संख्या में फ्लैग मैन तैनात किए जाएं, जो वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करें। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
कोट
कटिंग कार्य के दौरान ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखने के लिए दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य और यातायात दोनों को संतुलित तरीके से संचालित किया जा रहा है। -अभय कुमार, जेई, एनएचआई
कहा कि कर्मचारियों को रिफ्लेक्टिव जैकेट उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि रात के समय भी वाहन चालकों को स्पष्ट संकेत मिल सकें और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। दुकानदारों और वाहन चालकों का कहना है कि कई बार स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि लोग अपने वाहन छोड़कर पैदल निकलने को मजबूर हो जाते हैं। जाम के कारण छोटे व्यापारियों के काम पर भी असर पड़ रहा है, क्योंकि ग्राहक समय पर नहीं पहुंच पाते। वाहन चालकों का कहना है कि अगर मौके पर दोनों ओर से ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए कर्मचारी तैनात हों तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
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अव्यवस्था के कारण रोजाना लग रहा घंटों लंबा जाम
फ्लैगमैन की कमी से चरम पर यातायात की अव्यवस्था
मरीजों व यात्रियों को घंटों उठानी पड़ती है परेशानी
समस्या का समाधान न होने पर लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। शिमला-मटौर फोरलेन के निर्माण कार्य के तहत पैकेज नंबर-2 में नौणी-भराड़ी घाट क्षेत्र इन दिनों भारी ट्रैफिक अव्यवस्था का शिकार है। विनायक घाट से आगे खतरनाक मोड़ पर पहाड़ की कटिंग का कार्य जारी है, जिसके चलते सड़क को एकतरफा कर दिया गया है। लेकिन निर्माण कार्य के साथ ट्रैफिक प्रबंधन की उचित व्यवस्था न होने के कारण यहां रोजाना लंबा जाम लग रहा है और राहगीरों को घंटों परेशान होना पड़ रहा है। शनिवार को भी सुबह करीब डेढ़ घंटे तक लोगों को परेशानी से जूझना पड़ा।
यह सड़क बिलासपुर को एम्स और शिमला से जोड़ने वाला अहम मार्ग है, जिस पर दिनभर छोटे-बड़े वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। निर्माण कार्य के चलते एक समय में केवल एक ही दिशा से वाहनों को निकाला जा रहा है, लेकिन मौके पर ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त फ्लैग मैन मौजूद नहीं हैं। ऐसे में दोनों ओर से वाहन चालक अपनी-अपनी बारी से आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं और कुछ ही देर में स्थिति बेकाबू होकर कई किलोमीटर लंबे जाम में बदल जाती है। इस मार्ग से एम्स जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार लोग समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और इसका समाधान नहीं किया जा रहा। स्थिति यह है कि सुबह दफ्तर के समय और शाम को काम से लौटते वक्त जाम की समस्या और अधिक विकराल हो जाती है। कई वाहन चालक बताते हैं कि उन्हें एक से दो घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि ईंधन की खपत बढ़ने से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेंद्र पाल ठाकुर, नवदीप शर्मा, बिट्टू ठाकुर और दलीप कुमार ने मौके की स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यदि सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है तो ट्रैफिक प्रबंधन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग की है कि सड़क के दोनों ओर पर्याप्त संख्या में फ्लैग मैन तैनात किए जाएं, जो वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करें। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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कटिंग कार्य के दौरान ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखने के लिए दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य और यातायात दोनों को संतुलित तरीके से संचालित किया जा रहा है। -अभय कुमार, जेई, एनएचआई
कहा कि कर्मचारियों को रिफ्लेक्टिव जैकेट उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि रात के समय भी वाहन चालकों को स्पष्ट संकेत मिल सकें और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। दुकानदारों और वाहन चालकों का कहना है कि कई बार स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि लोग अपने वाहन छोड़कर पैदल निकलने को मजबूर हो जाते हैं। जाम के कारण छोटे व्यापारियों के काम पर भी असर पड़ रहा है, क्योंकि ग्राहक समय पर नहीं पहुंच पाते। वाहन चालकों का कहना है कि अगर मौके पर दोनों ओर से ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए कर्मचारी तैनात हों तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।