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Bilaspur News: ग्रामीणों ने सीखी तनाव मुक्त एवं सकारात्मक जीवन जीने की कला
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सुंगल में आयोजित आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस शिविर में उपस्थित ग्रामीण व अन्य। स्रोत: जागरूक पा
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सुंगल में आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस शिविर का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस प्रोग्राम का आयोजन सुंगल गांव में किया गया। आर्ट ऑफ लिविंग के जिला मीडिया प्रभारी अरुण डोगरा रीतू ने बताया कि शिविर का संचालन आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक राजकुमार मित्तल (सुंदरनगर) और विकास भट्टा (बिलासपुर) ने किया।
शिविर में ग्रामीणों ने योग, प्राणायाम, सुदर्शन क्रिया और तनाव मुक्त एवं सकारात्मक जीवन जीने की कला सीखी। प्रशिक्षक राजकुमार मित्तल ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग का उद्देश्य लोगों को तनाव मुक्त, स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने की सरल एवं प्रभावी विधियां सिखाना है। उन्होंने बताया कि नियमित श्वास तकनीकों, ध्यान और योग के अभ्यास से मानसिक शांति, बेहतर स्वास्थ्य और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। वहीं, विकास भट्टा ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक बड़ी समस्या बन गया है, लेकिन आर्ट ऑफ लिविंग की वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से संतुलित जीवन जी सकता है। शिविर में सरिता देवी, बीना डोगरा, अनीता डोगरा, सरोज डोगरा, कमला देवी, निर्मला देवी, लता देवी, आशा देवी, सुरजीत सिंह ठाकुर, रमा ठाकुर, प्रमिला देवी, सत्या देवी, दीक्षा देवी, प्रियंका, अर्चित, पूजा देवी सहित अन्य प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शिविर उनके लिए अत्यंत लाभदायक रहा। बीना ने कहा कि उन्हें एलर्जी की समस्या से राहत महसूस हुई। अनीता ने बताया कि वे लंबे समय से यह कोर्स करना चाहती थीं और अब इसे करने के बाद उन्हें बहुत अच्छा अनुभव हुआ। आशा देवी ने कहा कि प्रतिदिन सत्र के बाद शरीर और मन बेहद हल्का महसूस होता था। रात में पहले से अधिक अच्छी और गहरी नींद आती थी। अन्य प्रतिभागियों ने भी कहा कि शिविर के दौरान उन्हें कुछ नया सीखने का अवसर मिला, जिससे जीवन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई और मानसिक शांति का अनुभव हुआ। शिविर के समापन पर प्रशिक्षकों ने सभी प्रतिभागियों से सीखी गई तकनीकों का नियमित अभ्यास करने का आग्रह किया, ताकि वह स्वस्थ, प्रसन्न और तनाव मुक्त जीवन का लाभ निरंतर प्राप्त कर सकें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस प्रोग्राम का आयोजन सुंगल गांव में किया गया। आर्ट ऑफ लिविंग के जिला मीडिया प्रभारी अरुण डोगरा रीतू ने बताया कि शिविर का संचालन आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक राजकुमार मित्तल (सुंदरनगर) और विकास भट्टा (बिलासपुर) ने किया।
शिविर में ग्रामीणों ने योग, प्राणायाम, सुदर्शन क्रिया और तनाव मुक्त एवं सकारात्मक जीवन जीने की कला सीखी। प्रशिक्षक राजकुमार मित्तल ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग का उद्देश्य लोगों को तनाव मुक्त, स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने की सरल एवं प्रभावी विधियां सिखाना है। उन्होंने बताया कि नियमित श्वास तकनीकों, ध्यान और योग के अभ्यास से मानसिक शांति, बेहतर स्वास्थ्य और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। वहीं, विकास भट्टा ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक बड़ी समस्या बन गया है, लेकिन आर्ट ऑफ लिविंग की वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से संतुलित जीवन जी सकता है। शिविर में सरिता देवी, बीना डोगरा, अनीता डोगरा, सरोज डोगरा, कमला देवी, निर्मला देवी, लता देवी, आशा देवी, सुरजीत सिंह ठाकुर, रमा ठाकुर, प्रमिला देवी, सत्या देवी, दीक्षा देवी, प्रियंका, अर्चित, पूजा देवी सहित अन्य प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शिविर उनके लिए अत्यंत लाभदायक रहा। बीना ने कहा कि उन्हें एलर्जी की समस्या से राहत महसूस हुई। अनीता ने बताया कि वे लंबे समय से यह कोर्स करना चाहती थीं और अब इसे करने के बाद उन्हें बहुत अच्छा अनुभव हुआ। आशा देवी ने कहा कि प्रतिदिन सत्र के बाद शरीर और मन बेहद हल्का महसूस होता था। रात में पहले से अधिक अच्छी और गहरी नींद आती थी। अन्य प्रतिभागियों ने भी कहा कि शिविर के दौरान उन्हें कुछ नया सीखने का अवसर मिला, जिससे जीवन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई और मानसिक शांति का अनुभव हुआ। शिविर के समापन पर प्रशिक्षकों ने सभी प्रतिभागियों से सीखी गई तकनीकों का नियमित अभ्यास करने का आग्रह किया, ताकि वह स्वस्थ, प्रसन्न और तनाव मुक्त जीवन का लाभ निरंतर प्राप्त कर सकें।
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