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Bilaspur News: सीएचसी स्वारघाट में नियमित डॉक्टरों का इंतजार
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राममूर्ति धर्माणी।
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दो जिलों की सीमा पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों के पद खाली होने से बढ़ी दिक्कत
स्थानीय लोगों ने सरकार से जल्द तैनाती की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। बिलासपुर और सोलन की सीमा पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्वारघाट में वर्षों से नियमित चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा समय के साथ डिस्पेंसरी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ट्रॉमा सेंटर और फिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक बढ़ा, लेकिन स्थायी चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो सकी। इससे क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए निजी क्लीनिकों या बिलासपुर, श्री नयना देवी और नालागढ़ का रुख करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां तैनात होने वाले चिकित्सक भी कुछ माह बाद तबादला करवा लेते हैं, जबकि सीएचसी में तीन चिकित्सकों सहित आवश्यक स्टाफ की तैनाती होनी चाहिए। कोरोना काल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट भी चिकित्सकों की कमी के कारण उपयोग से बाहर पड़ा है। स्वारघाट स्थित यह स्वास्थ्य केंद्र श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र के अलावा नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र की कई पंचायतों के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने कई चिकित्सकों की नियुक्तियां की हैं, लेकिन स्वारघाट को इससे वंचित रखा गया। लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से सीएचसी के दर्जे के अनुरूप नियमित चिकित्सकों की शीघ्र तैनाती की मांग की है ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
कई बार उठाई मांग, नहीं निकला समाधान
पूर्व पंचायत समिति अध्यक्ष राममूर्ति धर्माणी का कहना है कि सीएचसी स्वारघाट वर्षों से नियमित डॉक्टरों के बिना संचालित हो रहा है। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मांग उठाई गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
मेडिकल प्रमाणपत्र के लिए भी बाहर जाना पड़ रहा
स्थानीय निवासी अनिल धर्माणी ने कहा कि डॉक्टरों की कमी के कारण मेडिकल प्रमाणपत्र जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी लोगों को बिलासपुर, श्री नयना देवी या नालागढ़ जाना पड़ता है। प्रदेश में नए डॉक्टरों की नियुक्ति हुई, लेकिन स्वारघाट में अब भी नियमित चिकित्सक नहीं हैं।
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डॉक्टर न मिलने से लोगाें को उठाई पड़ रही परेशानी
स्थानीय निवासी घनश्याम धर्माणी ने कहा कि दो जिलों की सीमा पर स्थित इस स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, लेकिन डॉक्टर न मिलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सरकार को इस ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
मुख्य सचिव को ईमेल भेजकर उठाई डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग
ग्राम पंचायत कुटेहला की प्रधान कमला देवी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव को ईमेल भेजकर सीएचसी स्वारघाट में जल्द डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग की गई है।
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स्थानीय लोगों ने सरकार से जल्द तैनाती की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। बिलासपुर और सोलन की सीमा पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्वारघाट में वर्षों से नियमित चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा समय के साथ डिस्पेंसरी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ट्रॉमा सेंटर और फिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक बढ़ा, लेकिन स्थायी चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो सकी। इससे क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए निजी क्लीनिकों या बिलासपुर, श्री नयना देवी और नालागढ़ का रुख करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां तैनात होने वाले चिकित्सक भी कुछ माह बाद तबादला करवा लेते हैं, जबकि सीएचसी में तीन चिकित्सकों सहित आवश्यक स्टाफ की तैनाती होनी चाहिए। कोरोना काल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट भी चिकित्सकों की कमी के कारण उपयोग से बाहर पड़ा है। स्वारघाट स्थित यह स्वास्थ्य केंद्र श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र के अलावा नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र की कई पंचायतों के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने कई चिकित्सकों की नियुक्तियां की हैं, लेकिन स्वारघाट को इससे वंचित रखा गया। लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से सीएचसी के दर्जे के अनुरूप नियमित चिकित्सकों की शीघ्र तैनाती की मांग की है ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
कई बार उठाई मांग, नहीं निकला समाधान
पूर्व पंचायत समिति अध्यक्ष राममूर्ति धर्माणी का कहना है कि सीएचसी स्वारघाट वर्षों से नियमित डॉक्टरों के बिना संचालित हो रहा है। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मांग उठाई गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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मेडिकल प्रमाणपत्र के लिए भी बाहर जाना पड़ रहा
स्थानीय निवासी अनिल धर्माणी ने कहा कि डॉक्टरों की कमी के कारण मेडिकल प्रमाणपत्र जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी लोगों को बिलासपुर, श्री नयना देवी या नालागढ़ जाना पड़ता है। प्रदेश में नए डॉक्टरों की नियुक्ति हुई, लेकिन स्वारघाट में अब भी नियमित चिकित्सक नहीं हैं।
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डॉक्टर न मिलने से लोगाें को उठाई पड़ रही परेशानी
स्थानीय निवासी घनश्याम धर्माणी ने कहा कि दो जिलों की सीमा पर स्थित इस स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, लेकिन डॉक्टर न मिलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सरकार को इस ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
मुख्य सचिव को ईमेल भेजकर उठाई डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग
ग्राम पंचायत कुटेहला की प्रधान कमला देवी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव को ईमेल भेजकर सीएचसी स्वारघाट में जल्द डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग की गई है।

राममूर्ति धर्माणी।

राममूर्ति धर्माणी।

राममूर्ति धर्माणी।

राममूर्ति धर्माणी।