{"_id":"6974ad48d225203fb00d86df","slug":"adolescent-girls-learn-about-the-history-and-negative-impact-of-caste-discrimination-chamba-news-c-88-1-ssml1004-172876-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: किशोरियों ने जाना जाति भेदभाव का इतिहास और नकारात्मक प्रभाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: किशोरियों ने जाना जाति भेदभाव का इतिहास और नकारात्मक प्रभाव
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 25 Jan 2026 04:59 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड से स्रोत व्यक्ति के रूप कार्यशाला में मौजूद हुईं अनुपमा
जागोरी संस्था चंबा की ओर से आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। किशोरियों को जाति भेदभाव के इतिहास, इसके प्रभाव और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को लेकर मैहला, तीसा और सलूणी की 25 किशोरियों को जागरूक किया। जागोरी संस्था चंबा की ओर से आयोजित किशोरियों की तीन दिवसीय कार्यशाला शनिवार को संपन्न हुई। समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की जागोरी संस्था की जिला समन्वयक उमा कुमारी ने अध्यक्षता की।
कार्यशाला में उत्तराखंड से अनुपमा ने स्रोत व्यक्ति के रूप में भाग लिया। कार्यशाला में किशोरियों को जाति भेदभाव के इतिहास, इसके प्रभाव और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाई गई। साथ ही एक दूसरे की भावनाओं और अनुभवों को समझने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा प्रभावी संचार और सुनने के कौशल भी सिखाए गए। जिससे किशोरियां खुलकर बात कर सकें। समूह चर्चा, गीत, गेम, फुले मूवी के जरिये कार्यशाला के दौरान किशोरियों को ये जानकारी दी गई। इस मौके जागोरी टीम से रजनी, मखनी, इंदु बाला, अंजली उपस्थित रहे।
Trending Videos
जागोरी संस्था चंबा की ओर से आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। किशोरियों को जाति भेदभाव के इतिहास, इसके प्रभाव और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को लेकर मैहला, तीसा और सलूणी की 25 किशोरियों को जागरूक किया। जागोरी संस्था चंबा की ओर से आयोजित किशोरियों की तीन दिवसीय कार्यशाला शनिवार को संपन्न हुई। समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की जागोरी संस्था की जिला समन्वयक उमा कुमारी ने अध्यक्षता की।
कार्यशाला में उत्तराखंड से अनुपमा ने स्रोत व्यक्ति के रूप में भाग लिया। कार्यशाला में किशोरियों को जाति भेदभाव के इतिहास, इसके प्रभाव और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाई गई। साथ ही एक दूसरे की भावनाओं और अनुभवों को समझने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा प्रभावी संचार और सुनने के कौशल भी सिखाए गए। जिससे किशोरियां खुलकर बात कर सकें। समूह चर्चा, गीत, गेम, फुले मूवी के जरिये कार्यशाला के दौरान किशोरियों को ये जानकारी दी गई। इस मौके जागोरी टीम से रजनी, मखनी, इंदु बाला, अंजली उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन