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Chamba News: जहां कभी क्विंटलों में होती थी पैदावार, आज दाने-दाने को तरस रहे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 25 Jan 2026 05:07 AM IST
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देरी से हुई बारिश के कारण करीब डेढ़ सौ किसान नहीं कर पाए गेहूं की बिजाई
सिहुंता, कामला, खरगट, रजैं, ककरोटी में बंजर रह गए किसानों के खेत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। कभी लहलहाती गेहूं की फसल में विशेष पहचान रखने वाले सिहुंता परिक्षेत्र के खेत इस बार बंजर नजर आ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि समय पर बारिश न होने के कारण इस क्षेत्र के करीब डेढ़ सौ किसान इस बार गेहूं की बिजाई नहीं कर पाए, जिससे पूरे इलाके में मायूसी का माहौल है।
किसानों का कहना है कि जिस जमीन पर कभी क्विंटल के हिसाब से पैदावार होती थी, आज वहां वे एक दाना भी नहीं उगा पाए हैं। इस बार देरी से हुई बारिश ने खेती की पूरी योजना को बिगाड़ कर रख दिया। जब तक बारिश हुई, तब तक गेहूं की बिजाई का उचित समय निकल चुका था। सिहुंता, कामला, खरगट, रजैं, धुलारा और ककरोटी गांवों में इस बार अधिकांश किसानों ने गेहूं की फसल नहीं बीजी है। जबकि यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से गेहूं उत्पादक इलाकों में गिना जाता है और यहां अधिकांश किसान गेहूं की ही खेती पर निर्भर रहते हैं।
किसानों में कुलदीप सिंह, राजपाल, पवन कुमार, वचित्र सिंह, सपताल सिंह, किशोरी लाल और विनोद कुमार ने बताया कि बारिश न होने के कारण वे खेत तैयार ही नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि यदि अगले सीजन में समय पर बारिश नहीं हुई तो मजबूरन खेती को हमेशा के लिए छोड़ना पड़ सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। कभी लहलहाती गेहूं की फसल में विशेष पहचान रखने वाले सिहुंता परिक्षेत्र के खेत इस बार बंजर नजर आ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि समय पर बारिश न होने के कारण इस क्षेत्र के करीब डेढ़ सौ किसान इस बार गेहूं की बिजाई नहीं कर पाए, जिससे पूरे इलाके में मायूसी का माहौल है।
किसानों का कहना है कि जिस जमीन पर कभी क्विंटल के हिसाब से पैदावार होती थी, आज वहां वे एक दाना भी नहीं उगा पाए हैं। इस बार देरी से हुई बारिश ने खेती की पूरी योजना को बिगाड़ कर रख दिया। जब तक बारिश हुई, तब तक गेहूं की बिजाई का उचित समय निकल चुका था। सिहुंता, कामला, खरगट, रजैं, धुलारा और ककरोटी गांवों में इस बार अधिकांश किसानों ने गेहूं की फसल नहीं बीजी है। जबकि यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से गेहूं उत्पादक इलाकों में गिना जाता है और यहां अधिकांश किसान गेहूं की ही खेती पर निर्भर रहते हैं।
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किसानों में कुलदीप सिंह, राजपाल, पवन कुमार, वचित्र सिंह, सपताल सिंह, किशोरी लाल और विनोद कुमार ने बताया कि बारिश न होने के कारण वे खेत तैयार ही नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि यदि अगले सीजन में समय पर बारिश नहीं हुई तो मजबूरन खेती को हमेशा के लिए छोड़ना पड़ सकता है।