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बीमा कंपनी पर शिकंजा : उपभोक्ता को ब्याज सहित देनी होगी राशि
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उपभोक्ता जिला निवारण आयोग धर्मशाला/चंबा की अदालत ने सुनाया फैसला
वाहन दुर्घटना के बाद मुआवजा न देने पर उपभोक्ता आयोग ने लगाई फटकार
अदालत ने 15 हजार मुकदमे की लागत भी चुकाने के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। वाहन दुर्घटना में बीमित वाहन के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा राशि देने से बीमा कंपनी के इंकार करने पर उपभोक्ता जिला निवारण आयोग धर्मशाला/चंबा की अदालत ने कंपनी पर शिकंजा कस दिया है। आयोग ने बीमा कंपनी को प्रभावित व्यक्ति को 1,30,000 रुपये की राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कंपनी को 15 हजार रुपये मुकदमे की लागत के रूप में भी अदा करने होंगे।
उपभोक्ता आयोग में दायर शिकायत में सिहुंता निवासी अंकित महाजन ने बताया कि उन्होंने 26 मई 2022 को एक मारुति सुजुकी मोटर कैब खरीदी थी। वाहन का बीमा 26 मई 2022 से 25 मई 2023 तक वैध था। शिकायत के अनुसार वाहन खरीदने के एक सप्ताह बाद ही दो जून 2022 को कांगड़ा में अचानक सामने आई गाय को बचाने के प्रयास में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इससे वाहन को काफी नुकसान पहुंचा। शिकायतकर्ता ने बताया कि दुर्घटना की सूचना तुरंत बीमाकर्ता को दी गई। इसके बाद एक सर्वेक्षक ने मौके का निरीक्षण भी किया। इसके पश्चात उन्होंने बीमा कंपनी को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए मुआवजा राशि के लिए दावा प्रस्तुत किया। हालांकि, लंबे समय तक चली जांच-पड़ताल और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद बीमा कंपनी ने दावा राशि देने से इंकार कर दिया। बीमा कंपनी के इस निर्णय से आहत होकर शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता जिला निवारण आयोग धर्मशाला/चंबा में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर आयोग ने शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने बीमा कंपनी को 1,30,000 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के अलावा 15 हजार रुपये मुकदमे की लागत देने के आदेश भी जारी किए हैं।
वाहन दुर्घटना के बाद मुआवजा न देने पर उपभोक्ता आयोग ने लगाई फटकार
अदालत ने 15 हजार मुकदमे की लागत भी चुकाने के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। वाहन दुर्घटना में बीमित वाहन के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा राशि देने से बीमा कंपनी के इंकार करने पर उपभोक्ता जिला निवारण आयोग धर्मशाला/चंबा की अदालत ने कंपनी पर शिकंजा कस दिया है। आयोग ने बीमा कंपनी को प्रभावित व्यक्ति को 1,30,000 रुपये की राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कंपनी को 15 हजार रुपये मुकदमे की लागत के रूप में भी अदा करने होंगे।
उपभोक्ता आयोग में दायर शिकायत में सिहुंता निवासी अंकित महाजन ने बताया कि उन्होंने 26 मई 2022 को एक मारुति सुजुकी मोटर कैब खरीदी थी। वाहन का बीमा 26 मई 2022 से 25 मई 2023 तक वैध था। शिकायत के अनुसार वाहन खरीदने के एक सप्ताह बाद ही दो जून 2022 को कांगड़ा में अचानक सामने आई गाय को बचाने के प्रयास में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इससे वाहन को काफी नुकसान पहुंचा। शिकायतकर्ता ने बताया कि दुर्घटना की सूचना तुरंत बीमाकर्ता को दी गई। इसके बाद एक सर्वेक्षक ने मौके का निरीक्षण भी किया। इसके पश्चात उन्होंने बीमा कंपनी को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए मुआवजा राशि के लिए दावा प्रस्तुत किया। हालांकि, लंबे समय तक चली जांच-पड़ताल और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद बीमा कंपनी ने दावा राशि देने से इंकार कर दिया। बीमा कंपनी के इस निर्णय से आहत होकर शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता जिला निवारण आयोग धर्मशाला/चंबा में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर आयोग ने शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने बीमा कंपनी को 1,30,000 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के अलावा 15 हजार रुपये मुकदमे की लागत देने के आदेश भी जारी किए हैं।
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