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Chamba News: एनएचपीसी की दोहरी नीति पर श्रम विभाग सख्त

Mon, 10 Aug 2026 10:53 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Mon, 10 Aug 2026 10:53 PM IST
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Labour Department takes a tough stance on NHPC's dual policy.
सुप्रीम कोर्ट के सिद्धांतों का हवाला देकर एनएचपीसी के रुख को बताया विरोधाभासी
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एनएचपीसी के 4.49 करोड़ रुपये के दावे पर कानूनी प्रतिवेदन खारिज

संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला श्रम अधिकारी ने एनएचपीसी चमेरा पावर स्टेशन-तृतीय की ओर से 4.49 करोड़ की राशि वापस लेने संबंधी कानूनी प्रतिवेदन को खारिज कर दिया है। जिला श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने एनएचपीसी के पावर स्टेशन प्रमुख को भेजे पत्र में कहा कि एनएचपीसी एक ही समय में 18 अप्रैल 2023 के मूल्यांकन आदेश का लाभ लेने और उसी आदेश को गलत ठहराने का प्रयास कर रही है।

एनएचपीसी ने 18 अप्रैल 2023 को पारित मूल्यांकन आदेश के आधार पर श्रम कल्याण बोर्ड से 4,49,24,032 रुपये की राशि वापस करने का अनुरोध किया था। विभाग के अनुसार एनएचपीसी प्रबंधन करीब तीन वर्षों से यह राशि लौटाने की मांग कर रहा था। अब एनएचपीसी ने जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश अटलांटा बनाम एनएचएआई मामले में दिए फैसले का हवाला देते हुए उसी मूल्यांकन आदेश को गलत और त्रुटिपूर्ण करार दिया है।
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जिला श्रम अधिकारी के अनुसार कोई भी पक्ष किसी आदेश के केवल उस हिस्से को स्वीकार नहीं कर सकता जो उसके हित में हो और उसी आदेश के कानूनी आधार को अस्वीकार कर दे। जिला श्रम अधिकारी ने कहा कि एनएचपीसी का मौजूदा रुख दोहरे मापदंड पर आधारित है। कोई भी पक्ष एक ही समय में हां और न नहीं कर सकता। यदि एनएचपीसी के अनुसार 18 अप्रैल 2023 का मूल्यांकन आदेश गलत था तो उस आदेश के आधार पर कोई वित्तीय अधिकार उत्पन्न नहीं हो सकता। यदि एनएचपीसी उक्त आदेश के आधार पर राशि की वापसी चाहती है तो उसे आदेश की वैधता स्वीकार करनी होगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 का मूल्यांकन आदेश निर्धारित समय में चुनौती नहीं दिए जाने के कारण अंतिम रूप ले चुका है। बाद में आए किसी न्यायिक फैसले के आधार पर पुराने और अंतिम रूप ले चुके मामलों को दोबारा नहीं खोला जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनएचपीसी की ओर से प्रस्तुत कानूनी प्रतिवेदन में कोई कानूनी मेरिट नहीं है।
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