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Chamba News: मिंजर मेले के लिए डीसी दफ्तर पहुंचने लगे बिचौलिये
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प्रशासन कलाकारों के नाम तय कर मांगे कोटेशन : संजीव
गैर सरकारी सदस्य ने मेला समिति की बैठक में उठाया मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मिंजर मेले को लेकर कलाकारों को बुलाने के नाम पर बिचौलियों की सक्रियता बढ़ गई है। आरोप है कि ये बिचौलिये कलाकारों की बुकिंग के नाम पर मोटी कमीशन वसूलते हैं। इस व्यवस्था को न तो सरकार अब तक समाप्त कर पाई है और न ही प्रशासन इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठा सका है। कमीशन के कारण ऐसे कलाकारों को मिंजर मेले में बुलाया जाता है जो जागरण या छिंज मेलों में प्रस्तुति देते हैं। मिंजर मेला अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है और इसमें उसी स्तर के कलाकारों को आमंत्रित किया जाना चाहिए।
यह मुद्दा सोमवार को मिंजर मेला समिति की बैठक में गैर सरकारी सदस्य संजीव सूरी ने भी उठाया। उन्होंने कुलदीप सिंह पठानिया और जिला प्रशासन से कहा कि पहले इस मेले में सोनू निगम जैसे बड़े कलाकार प्रस्तुति देते थे लेकिन अब ऐसे कलाकारों को बुलाया जा रहा है जिन्हें चंबा के अधिकांश लोग जानते तक नहीं हैं। संजीव सूरी ने आरोप लगाया कि यह स्थिति ठेकेदारों की ओर से अपनी कमीशन बचाने के कारण उत्पन्न हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन पहले कलाकारों के नाम अंतिम रूप से तय करे और उसके बाद उन्हें बुलाने के लिए ठेकेदारों से कोटेशन आमंत्रित करे। जो ठेकेदार संबंधित कलाकार को सबसे कम लागत पर बुलाने की सहमति दे, उसे ही ठेका दिया जाए।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष एक ही ठेकेदार मिंजर मेले की सभी सांस्कृतिक संध्याओं का ठेका प्राप्त कर लेता है और मोटी कमीशन कमाता है, जबकि दर्शकों के मनोरंजन के लिए बेहतर कलाकारों की व्यवस्था नहीं की जाती। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने जिला प्रशासन को इस मामले में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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गैर सरकारी सदस्य ने मेला समिति की बैठक में उठाया मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मिंजर मेले को लेकर कलाकारों को बुलाने के नाम पर बिचौलियों की सक्रियता बढ़ गई है। आरोप है कि ये बिचौलिये कलाकारों की बुकिंग के नाम पर मोटी कमीशन वसूलते हैं। इस व्यवस्था को न तो सरकार अब तक समाप्त कर पाई है और न ही प्रशासन इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठा सका है। कमीशन के कारण ऐसे कलाकारों को मिंजर मेले में बुलाया जाता है जो जागरण या छिंज मेलों में प्रस्तुति देते हैं। मिंजर मेला अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है और इसमें उसी स्तर के कलाकारों को आमंत्रित किया जाना चाहिए।
यह मुद्दा सोमवार को मिंजर मेला समिति की बैठक में गैर सरकारी सदस्य संजीव सूरी ने भी उठाया। उन्होंने कुलदीप सिंह पठानिया और जिला प्रशासन से कहा कि पहले इस मेले में सोनू निगम जैसे बड़े कलाकार प्रस्तुति देते थे लेकिन अब ऐसे कलाकारों को बुलाया जा रहा है जिन्हें चंबा के अधिकांश लोग जानते तक नहीं हैं। संजीव सूरी ने आरोप लगाया कि यह स्थिति ठेकेदारों की ओर से अपनी कमीशन बचाने के कारण उत्पन्न हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन पहले कलाकारों के नाम अंतिम रूप से तय करे और उसके बाद उन्हें बुलाने के लिए ठेकेदारों से कोटेशन आमंत्रित करे। जो ठेकेदार संबंधित कलाकार को सबसे कम लागत पर बुलाने की सहमति दे, उसे ही ठेका दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि हर वर्ष एक ही ठेकेदार मिंजर मेले की सभी सांस्कृतिक संध्याओं का ठेका प्राप्त कर लेता है और मोटी कमीशन कमाता है, जबकि दर्शकों के मनोरंजन के लिए बेहतर कलाकारों की व्यवस्था नहीं की जाती। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने जिला प्रशासन को इस मामले में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।