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Chamba News: जिले की 309 पंचायतों में से 72 ने किया टीबी मुक्त होने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 01 Feb 2026 10:48 PM IST
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चंबा में चुराह के देवीकोठी में होता ताजा हिमपात।स्रोत जागरूक पाठक
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चंबा। जिले के 309 पंचायतों में से 72 ने टीबी मुक्त होने को लेकर दावा पेश किया है। स्वास्थ्य विभाग अब इन दावों की सत्यता का पता लगाने के लिए पंचायतों का निरीक्षण करेगा। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अगुवाई में टीम का गठन किया जाएगा। इसमें एक मेडिकल अफसर और पंचायत के प्रतिनिधि को शामिल किया जाएगा, जिन्हें विभाग विशेष प्रशिक्षण देगा।
उसके उपरांत ये टीमें पंचायतों में जाकर तय जांच करेंगी। यदि पंचायतें मानकों पर पूरी तरह से खरा उतरतीं हैं तो उनके टीबी मुक्त होने की घोषणा की जाएगी। मानदंडों पर सही न उतरने वाली पंचायतों के दावों को खारिज किया जाएगा।
पिछले साल 28 पंचायतों के दावे सही पाए गए थे। इसमें चार पंचायतें दूसरी बार टीबी मुक्त बनी थी। चार में से दो पंचायतों ने तीसरी बार टीबी मुक्त होने का दावा किया है। ऐसे में इन पंचायतों को स्वर्ण पदक भी मिल सकता है।
टीबी मुक्त होने पर पुरस्कार के लिए पहले साल की सफलता पर कांस्य, दूसरे वर्ष भी स्थिति को बरकरार रखने पर रजत और तीसरे वर्ष के लिए स्वर्ण पदक और गांधी जी की प्रतिमा दी जाती है।
इसके लिए तय मानदंड में पंचायत को टीबी मुक्त घोषित करने के लिए सक्रिय टीबी मामलों की शून्य संख्या, उपचार की दर 85 फीसदी से अधिक और सक्रिय टीबी स्क्रीनिंग का होना अनिवार्य है। साथ में टीबी मरीज निक्षय योजना में सम्मिलित होने चाहिए।
उपायुक्त के हाथों ऐसी पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार दावे करने वाली पंचायतों की संख्या बढ़ी है।
टीबी मुक्त होने के लिए जिले की 72 पंचायतों ने इस बार दावा पेश किया है। 28 फरवरी तक उनके दावों की समीक्षा करके छंटनी होगी। टीबी मुक्त होने की घोषणा पहली मार्च को होगी। डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चंबा
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उसके उपरांत ये टीमें पंचायतों में जाकर तय जांच करेंगी। यदि पंचायतें मानकों पर पूरी तरह से खरा उतरतीं हैं तो उनके टीबी मुक्त होने की घोषणा की जाएगी। मानदंडों पर सही न उतरने वाली पंचायतों के दावों को खारिज किया जाएगा।
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पिछले साल 28 पंचायतों के दावे सही पाए गए थे। इसमें चार पंचायतें दूसरी बार टीबी मुक्त बनी थी। चार में से दो पंचायतों ने तीसरी बार टीबी मुक्त होने का दावा किया है। ऐसे में इन पंचायतों को स्वर्ण पदक भी मिल सकता है।
टीबी मुक्त होने पर पुरस्कार के लिए पहले साल की सफलता पर कांस्य, दूसरे वर्ष भी स्थिति को बरकरार रखने पर रजत और तीसरे वर्ष के लिए स्वर्ण पदक और गांधी जी की प्रतिमा दी जाती है।
इसके लिए तय मानदंड में पंचायत को टीबी मुक्त घोषित करने के लिए सक्रिय टीबी मामलों की शून्य संख्या, उपचार की दर 85 फीसदी से अधिक और सक्रिय टीबी स्क्रीनिंग का होना अनिवार्य है। साथ में टीबी मरीज निक्षय योजना में सम्मिलित होने चाहिए।
उपायुक्त के हाथों ऐसी पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार दावे करने वाली पंचायतों की संख्या बढ़ी है।
टीबी मुक्त होने के लिए जिले की 72 पंचायतों ने इस बार दावा पेश किया है। 28 फरवरी तक उनके दावों की समीक्षा करके छंटनी होगी। टीबी मुक्त होने की घोषणा पहली मार्च को होगी। डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चंबा
