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Chamba News: बहार आई, ठहर न पाई, बदला मौसम झाड़ न दे सेब के फूल

संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sun, 29 Mar 2026 10:51 PM IST
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Spring came but couldn't stay, the changing weather didn't let the apple blossoms fall.
साहो क्षेत्र में बारिश से सेब के बगीचों में गिरने लगे फूल: जागरूक स्त्रोत
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मार्च में फ्लावरिंग के दौर में ठंड और बारिश ने बढ़ाई चिंता, सेब उत्पादन घटने के आसार
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बागवान बोले- अच्छी फ्लावरिंग से जगी थी उम्मीद, मौसम सामान्य न हुआ तो होगा नुकसान

संवाद न्यूज एजेंसी
साहो (चंबा)। मार्च के महीने में पहाड़ों में सेब के बाग उम्मीदों से भरकर खिलते हैं लेकिन इस बार वही मौसम अनचाहा मेहमान बनकर आया है।
नर्म फूलों पर ठंडी हवाओं की चोट और लगातार गिरते तापमान की मार ने पूरी तस्वीर ही बदल दी है। मौसम के बदले मिजाज से सेब पर खिले फूलों के झड़ने का खतरा पैदा हो गया है। जिले की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हो रही है। निचले क्षेत्रों में लगातार बारिश और ठंडी हवाएं चलने से तापमान अचानक नीचे आ गया है। इससे सेब पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस समय सेब पौधों में फ्लावरिंग चरम पर होती है। इससे साहो क्षेत्र के बागवान चिंतित हैं।
बागवानों के अनुसार मार्च में तापमान का संतुलित रहना जरूरी होता है लेकिन मौजूदा परिस्थितियों ने सेब की सेटिंग को खतरे में डाल दिया है। ठंड बढ़ने और नमी अधिक होने से फूल झड़ने का खतरा बढ़ गया है। इससे उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। बगीचों में खिले फूल उम्मीद की निशानी थे लेकिन अब इन पर झड़ने का खतरा बढ़ गया है।
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उधर, उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने बताया कि यदि आने वाले दिनों में मौसम सामान्य नहीं हुआ तो इस साल सेब की पैदावार में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
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पहाड़ी क्षेत्रों में स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए यह समय बेहद अहम होता है। इस बार मौसम ने उम्मीदों को झटका दिया है। ठंड बढ़ने से सेब उत्पादकों को सीधा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। - कमलेश ठाकुर
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फ्रूट सेटिंग के समय ज्यादा बारिश या ठंड हो तो फसल प्रभावित हो जाती है। एक तरह से पूरे साल की मेहनत दांव पर लग जाती है। इस बार हालात कुछ ऐसे ही बनते दिख रहे हैं। - राम सिंह
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अभी बगीचों में अलग-अलग स्टेज पर पौधे हैं। कहीं ग्रीन टिप, कहीं पिंक बड और कई जगह फूल खिल चुके हैं। तापमान का उतार-चढ़ाव फल बनने की प्रक्रिया को रोक सकता है। - वीर सिंह

--मार्च में ऐसा मौसम पहले कभी नहीं देखा। महीने की शुरुआत में तापमान बढ़ा। इससे पौधों की ग्रोथ तेजी से हुई। अब अचानक ठंड और बर्फबारी सेब उत्पादन के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। - कमलेश कुमार
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