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Chamba News: पहाड़ ने बाजार में भेजी लाल सेब की मिठास
Mon, 03 Aug 2026 10:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 03 Aug 2026 10:53 PM IST
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चंबा के मैहला में बेचने के सेब की पेकिंग करता बागवान : संवाद
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जिले के कई क्षेत्रों से पठानकोट-जालंधर की मंडियों में जा रहा सेब की खेप
बेहतर रंग और गुणवत्ता वाले सेब को बाजार में बेहतर दाम मिलने की उम्मीद
ऑर्गेनिक सेब को बाजार में मिल रहा 150 रुपये प्रति किलो तक भाव
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पहाड़ों की शाखाओं से उतरकर चंबा का लाल सेब अब मैदानों की मंडियों में मिठास घोलने निकल पड़ा है।
मैहला, साहो, कीड़ी, लग्गा और मसरूंड के बागों से पठानकोट और जालंधर की ओर सेब की खेप लगातार रवाना हो रही है। बेहतर रंग, गुणवत्ता और बाजार में मिल रहे अच्छे दामों ने इस बार बागवानों के चेहरों पर उम्मीद और संतोष की नई चमक लौटा दी है। बागवान इन दिनों सुबह से शाम तक बगीचों में तुड़ान, छंटाई और पैकिंग के कार्य में व्यस्त हैं।
इस बार कई इलाकों में सेब का रंग, आकार और गुणवत्ता बेहतर होने से बागवानों को अच्छे कारोबार की उम्मीद जगी है। कई बगीचों में तुड़ान का काम पूरा हो चुका है जबकि कई बागवान अभी भी फसल को मंडियों तक पहुंचाने की तैयारी में जुटे हैं। बेहतर गुणवत्ता वाले सेब की मांग बाजार में बनी हुई है जिससे बागवानों को राहत मिली है।
बागवानों के मुताबिक ऑर्गेनिक सेब को बाजार में करीब 150 रुपये प्रति किलो तक भाव मिल रहा है। वहीं, अच्छी गुणवत्ता वाले सेब की 10 से 20 किलो की पेटी 1800 से 2000 रुपये तक बिक रही है। अच्छे दाम मिलने से बागवानों को इस सीजन में मेहनत का बेहतर फल मिलने की उम्मीद है। इन दिनों बगीचों में अलग ही रौनक देखने को मिल रही है। कहीं बागवान पेड़ों से सेब तोड़ रहे हैं तो कहीं परिवार के सदस्य और मजदूर मिलकर पैकिंग में जुटे हैं। कई बागवान अपनी फसल लेकर बाहरी मंडियों के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि, बागवानों की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। आने वाले दिनों में यदि बारिश, अंधड़ आता है तो फसल को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें बंद होने की स्थिति में सेब की खेप को समय पर मंडियों तक पहुंचाना भी मुश्किल हो सकता है।
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उधर, उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने कहा कि नीचले क्षेत्र का सेब तैयार होकर बिकने लगा है। बागवानों को रेट भी सही मिल रहे हैं। मौसम भी सही है। कुछ दिन में ऊपरी क्षेत्रों से भी सेब बिकने को तैयार हो जाएगा।
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बेहतर रंग और गुणवत्ता वाले सेब को बाजार में बेहतर दाम मिलने की उम्मीद
ऑर्गेनिक सेब को बाजार में मिल रहा 150 रुपये प्रति किलो तक भाव
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पहाड़ों की शाखाओं से उतरकर चंबा का लाल सेब अब मैदानों की मंडियों में मिठास घोलने निकल पड़ा है।
मैहला, साहो, कीड़ी, लग्गा और मसरूंड के बागों से पठानकोट और जालंधर की ओर सेब की खेप लगातार रवाना हो रही है। बेहतर रंग, गुणवत्ता और बाजार में मिल रहे अच्छे दामों ने इस बार बागवानों के चेहरों पर उम्मीद और संतोष की नई चमक लौटा दी है। बागवान इन दिनों सुबह से शाम तक बगीचों में तुड़ान, छंटाई और पैकिंग के कार्य में व्यस्त हैं।
इस बार कई इलाकों में सेब का रंग, आकार और गुणवत्ता बेहतर होने से बागवानों को अच्छे कारोबार की उम्मीद जगी है। कई बगीचों में तुड़ान का काम पूरा हो चुका है जबकि कई बागवान अभी भी फसल को मंडियों तक पहुंचाने की तैयारी में जुटे हैं। बेहतर गुणवत्ता वाले सेब की मांग बाजार में बनी हुई है जिससे बागवानों को राहत मिली है।
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बागवानों के मुताबिक ऑर्गेनिक सेब को बाजार में करीब 150 रुपये प्रति किलो तक भाव मिल रहा है। वहीं, अच्छी गुणवत्ता वाले सेब की 10 से 20 किलो की पेटी 1800 से 2000 रुपये तक बिक रही है। अच्छे दाम मिलने से बागवानों को इस सीजन में मेहनत का बेहतर फल मिलने की उम्मीद है। इन दिनों बगीचों में अलग ही रौनक देखने को मिल रही है। कहीं बागवान पेड़ों से सेब तोड़ रहे हैं तो कहीं परिवार के सदस्य और मजदूर मिलकर पैकिंग में जुटे हैं। कई बागवान अपनी फसल लेकर बाहरी मंडियों के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि, बागवानों की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। आने वाले दिनों में यदि बारिश, अंधड़ आता है तो फसल को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें बंद होने की स्थिति में सेब की खेप को समय पर मंडियों तक पहुंचाना भी मुश्किल हो सकता है।
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उधर, उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने कहा कि नीचले क्षेत्र का सेब तैयार होकर बिकने लगा है। बागवानों को रेट भी सही मिल रहे हैं। मौसम भी सही है। कुछ दिन में ऊपरी क्षेत्रों से भी सेब बिकने को तैयार हो जाएगा।