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उम्मीदें 2026: शिमला-धर्मशाला फोरलेन पर सुगम होगा सफर, बरसात से पहले शालाघाट से शुरू होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 01 Jan 2026 01:16 PM IST
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सार
हिमाचल प्रदेश में साल 2026 में सड़क, शिक्षा, ऊर्जा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में सरकार ने कई अहम योजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी है।
डिजाइन फोटो।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
नया साल 2026 हिमाचल के लिए कई उम्मीदें लेकर आ रहा है। सड़क, शिक्षा, ऊर्जा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में सरकार ने कई अहम योजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी है। खासतौर पर शिमला-धर्मशाला फोरलेन, हरित ऊर्जा, शिक्षा सुधार और महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर फोकस रहेगा। शिमला-धर्मशाला फोरलेन पर बरसात से पहले शालाघाट से निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है। सरकार का लक्ष्य है कि बिलासपुर के दधोल तक फोरलेन का काम वर्ष 2026 में पूरा कर लिया जाए। इसके पूरा होने से कांगड़ा, हमीरपुर और मंडी जिलों के बीच आवागमन और तेज होगा।
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- शिमला-धर्मशाला (मटौर) फोरलेन का काम कई पैकेजों में चल रहा है। 225 किलोमीटर के फोरलेन को 2027 अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।
- फोरलेन परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 10,000 करोड़ है, जिसमें भूमि अधिग्रहण पर 3,000 करोड़ और निर्माण 7,000 करोड़ शामिल है। परवाणू-शिमला का बाहरी भाग अंतिम चरण में हैं। ढली-कैथलीघाट फोरलेन पर इस साल दो टनल का ब्रेक थ्रू का टारगेट रखा है।
- चलौंठी में दोनों टनल का काम भी इस साल पूरा होगा, इनका ब्रेक थ्रू हो चुका है। इस फोरलेन का 80 फीसदी निर्माण इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा।
- शिमला-शालाघाट फोरलेन में इस साल की शुरुआत में जमीन अधिग्रहण समेत डीपीआर तैयार करने का टारगेट है।
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300 यूनिट तक की मुफ्त बिजली की योजना
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पात्र परिवारों को प्रतिमाह 300 यूनिट निशुल्क बिजली देने की योजना पर भी काम चल रहा है। इसके लागू होने से मध्यम और गरीब वर्ग के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मिल सकता है नया मंत्री
साल 2026 में हिमाचल को नया मंत्री मिलेगा। राज्य मंत्रिमंडल में अभी एक पद रिक्त चल रहा है। इसके अलावा विधानसभा उपाध्यक्ष के पद पर भी नियुक्ति होनी है। 2026 में ही राज्यसभा की एक सीट के लिए चुनाव होना है।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पात्र परिवारों को प्रतिमाह 300 यूनिट निशुल्क बिजली देने की योजना पर भी काम चल रहा है। इसके लागू होने से मध्यम और गरीब वर्ग के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मिल सकता है नया मंत्री
साल 2026 में हिमाचल को नया मंत्री मिलेगा। राज्य मंत्रिमंडल में अभी एक पद रिक्त चल रहा है। इसके अलावा विधानसभा उपाध्यक्ष के पद पर भी नियुक्ति होनी है। 2026 में ही राज्यसभा की एक सीट के लिए चुनाव होना है।
महिलाओं को मिलेगा और आर्थिक सहारा
महिला सम्मान योजना के तहत सरकार वर्ष 2026 में दायरा बढ़ाने की तैयारी में है। योजना के तहत और अधिक पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500-1500 रुपये देने का प्रावधान किया जाएगा। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
हवाई उड़ानें बहाल होने की आस
साल 2026 के मार्च माह में दिल्ली शिमला के बीच हवाई उड़ाने बहाल होने की उम्मीद है मौजूदा समय में एलाइंस एयर प्रदेश सरकार से गैप फंडिंग के आवाज में 17 करोड रुपए की मांग कर रहा है वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि के बाद सरकार यदि एलाइंस एयर को यह पैसा चुका देती है तो अप्रैल 2026 से हवाई सेवाएं बहाल हो जाएगी।
महिला सम्मान योजना के तहत सरकार वर्ष 2026 में दायरा बढ़ाने की तैयारी में है। योजना के तहत और अधिक पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500-1500 रुपये देने का प्रावधान किया जाएगा। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
हवाई उड़ानें बहाल होने की आस
साल 2026 के मार्च माह में दिल्ली शिमला के बीच हवाई उड़ाने बहाल होने की उम्मीद है मौजूदा समय में एलाइंस एयर प्रदेश सरकार से गैप फंडिंग के आवाज में 17 करोड रुपए की मांग कर रहा है वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि के बाद सरकार यदि एलाइंस एयर को यह पैसा चुका देती है तो अप्रैल 2026 से हवाई सेवाएं बहाल हो जाएगी।
बल्क ड्रग पार्क का काम होगा शुरू
ऊना जिले में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क के पहले चरण का कार्य 2026 से शुरू हो जाएगा। इन पार्क में नामी कंपनियां निवेश करने को तैयार है। उद्योग विभाग की ओर से साइट प्लान, बॉयलर के टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं। जमीन को समतल बनाया गया है। अब विभाग की ओर से प्लॉट तैयार किए जाने है।
ऊना जिले में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क के पहले चरण का कार्य 2026 से शुरू हो जाएगा। इन पार्क में नामी कंपनियां निवेश करने को तैयार है। उद्योग विभाग की ओर से साइट प्लान, बॉयलर के टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं। जमीन को समतल बनाया गया है। अब विभाग की ओर से प्लॉट तैयार किए जाने है।
16वें वित्तायोग से पैसा मिलने की बड़ी उम्मीदें
प्रदेश पर करीब एक लाख करोड़ रुपये का कर्जा चढ़ चुका है। राजस्व घाटा और राजकोषीय घाटे की खाई साल दर साल बढ़ रही है। केंद्र से 15वें वित्तायोग से राजस्व घाटा अनुदान के रूप में हिमाचल प्रदेश को इस वित्त वर्ष में केवल 3200 करोड़ रुपये की मदद मिली है। यह चार साल पहले 11000 करोड़ रुपये सालाना मिलती थी। 15वें वित्तायोग की अवधि 31 मार्च 2026 तक है। उसके बाद 16वें वित्तायोग की सिफारिशों के अनुसार राजस्व घाटा अनुदान मिलेगा।
100 स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम
राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वर्ष 2026 में 100 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। इससे छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के अनुरूप शिक्षा मिलेगी। वहीं घुमारवीं में डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना की भी योजना है, जिससे उच्च शिक्षा में तकनीक आधारित पढ़ाई को बढ़ावा मिलेगा।
हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार ने 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सौर, जल और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर आधारित परियोजनाओं को गति दी जाएगी। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि प्रदेश आत्मनिर्भर ऊर्जा राज्य की ओर भी बढ़ेगा।
प्रदेश पर करीब एक लाख करोड़ रुपये का कर्जा चढ़ चुका है। राजस्व घाटा और राजकोषीय घाटे की खाई साल दर साल बढ़ रही है। केंद्र से 15वें वित्तायोग से राजस्व घाटा अनुदान के रूप में हिमाचल प्रदेश को इस वित्त वर्ष में केवल 3200 करोड़ रुपये की मदद मिली है। यह चार साल पहले 11000 करोड़ रुपये सालाना मिलती थी। 15वें वित्तायोग की अवधि 31 मार्च 2026 तक है। उसके बाद 16वें वित्तायोग की सिफारिशों के अनुसार राजस्व घाटा अनुदान मिलेगा।
100 स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम
राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वर्ष 2026 में 100 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। इससे छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के अनुरूप शिक्षा मिलेगी। वहीं घुमारवीं में डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना की भी योजना है, जिससे उच्च शिक्षा में तकनीक आधारित पढ़ाई को बढ़ावा मिलेगा।
हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार ने 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सौर, जल और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर आधारित परियोजनाओं को गति दी जाएगी। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि प्रदेश आत्मनिर्भर ऊर्जा राज्य की ओर भी बढ़ेगा।