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Himachal Weather: पहाड़ों पर हिमपात के साथ नए साल का आगाज, ऊना में बारिश से किसानों ने ली राहत की सांस

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 01 Jan 2026 12:15 PM IST
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सार

हिमाचल प्रदेश में नए साल का आगाज बर्फबारी के साथ हुआ है। वहीं, वीरवार को मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश शुरू हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर...

Himachal Weather new year begins with snowfall in the mountains Rain in the plains
ऊना में बारिश। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में पहाड़ों पर हिमपात के साथ नए साल का आगाज हुआ है। बुधवार को नव वर्ष की पूर्व संध्या पर लाहौल के कोकसर, अटल टनल और मणिमहेश सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। बर्फबारी के कारण रोहतांग के लिए वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। 

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गुलाबा से आगे वाहन ले जाने पर पुलिस ने प्रतिबंध लगा दिया है। उधर, मौसम विभाग ने वीरवार और शुक्रवार (एक और 2 जनवरी) को भी पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। 3 और 4 जनवरी को मौसम साफ रहेगा, जबकि 5 एवं 6 को फिर मौसम में बदलाव के आसार हैं। लाहौल-स्पीति और कुल्लू के अलावा बुधवार को चंबा और किन्नौर के पर्वतीय क्षेत्रों में भी हिमपात हुआ है।

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सुबह ऊंची चोटियों पर रुक-रुक कर फाहे गिरे, लेकिन दोपहर होते-होते कोकसर और अटल टनल के दोनों छोर में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। इसी बीच, नया साल मनाने पहुंचे पर्यटकों ने भी यहां हिमपात का आनंद लिया। रोहतांग दर्रा पर 12 सेंटीमीटर, शिंकुला में 15, कुंजुम दर्रा में 15, जांस्कर- समदो में 10, बारालाचा में 20 और कोकसर में 5 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। 

लाहौल घाटी और अटल टनल रोहतांग में बर्फ के फाहे गिरने से पर्यटक रोमांचित हो गए। पर्यटकों ने बर्फबारी का जमकर लुत्फ लिया। जिला चंबा के पांगी की हुडान भटोरी, सुराल भटोरी और अन्य चोटियों व भरमौर की ऊपरी चोटियों कुगति, काली छौ समेत मणिमहेश में हल्का हिमपात हुआ है।  मनाली की ऊंची चोटियों सेवन सिस्टर पीक, मनाली पीक, घेपन पीक, हनुमान टिब्बा, देऊ टिब्बा, मांगनकोट और इंद्रासन में भी बर्फबारी हुई। उधर, शिमला सहित अधिकांश जिलों में बादल छाए रहे। प्रदेश के पांच जिले बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, ऊना व सिरमौर कोहरे की चपेट में हैं। इसके चलते पूरे प्रदेश में शीत लहर तेज हो गई है।

कोहरे से देशभर में 300 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित
नए साल के आगाज के साथ राष्ट्रीय राजधानी समेत समूचा उत्तर भारत भीषण ठंड से सिहर उठा है। मध्य से लेकर पूर्व और पूर्वोत्तर भारत तक कंपकंपी छाई हुई है। हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में बेहद सर्द हवाएं चल रही हैं। ठंड के साथ घनघोर कोहरे ने दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं। सड़क, रेल एवं हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित होने से जिंदगी ठहर गई है। दिल्ली और श्रीनगर में 300 से अधिक उड़ानों पर असर पड़ा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कम दृश्यता के कारण कम से कम 148 उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जिनमें 78 आगमन और 70 प्रस्थान वाली उड़ानें शामिल थीं। 150 से अधिक उड़ानें विलंब हुईं। अभी राहत की उम्मीद नजर नहीं आ रही। उत्तर भारत में चार से पांच दिन घना कोहरा बना रह सकता है।

कहां कितना रहा न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
 

ताबो     - 3.4
कुकुमसेरी - 3.4
कल्पा 2.1
सोलन 5.2
मंडी 6.2
हमीरपुर 6.6
मनाली 6.7
धर्मशाला 6.8
शिमला 8.7

बारिश से किसानों के चेहरे खिले, खेतों में लौटी रौनक
जिला ऊना के कई इलाकों में आज सुबह करीब ग्यारह बजे हुई हल्की बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। लंबे समय से बारिश न होने के कारण किसान चिंतित थे, लेकिन आज हुई हल्की से मध्यम बारिश ने उन्हें बड़ी राहत दी है। बारिश से खेतों में नमी आ गई है, जिससे रबी फसलों विशेषकर गेहूं, सरसों और चारे की फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि यदि यह बारिश समय पर न होती तो फसलों की बढ़वार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता था।

बारिश से जहां सिंचाई का खर्च कम होगा, वहीं पैदावार बेहतर होने की उम्मीद भी जगी है। गांवों के खेतों में एक बार फिर हरियाली लौटने की संभावना से किसान उत्साहित नजर आ रहे हैं। किसान जोगिंदर सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों से खेत सूखने लगे थे, लेकिन आज की बारिश ने खेतों को नई जिंदगी दे दी है। उन्होंने कहा कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए बेहद लाभकारी है और इससे अच्छी पैदावार की उम्मीद है। किसान सुरेंद्र कुमार का कहना है कि जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन नहीं हैं, उनके लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। इससे मिट्टी में नमी बनी रहेगी और फसलों की जड़ें मजबूत होंगी। वहीं किसान रमेश चंद ने कहा कि यदि आने वाले दिनों में इसी तरह हल्की बारिश होती रही तो क्षेत्र के किसानों को काफी लाभ मिलेगा और फसलें अच्छी होंगी। कुल मिलाकर चकसराय के आस पास के क्षेत्र में हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है और आने वाले समय में बेहतर खेती व उत्पादन की उम्मीदें बढ़ गई हैं।






2026 के पहले दिन मनाली में हिडिम्बा देवी मंदिर में भक्तों ने पूजा-अर्चना की।
 
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