{"_id":"69c6e694f1cbbcc2330fa835","slug":"cough-syrup-surveillance-identified-ten-tb-patients-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1005-188173-2026-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: कफ सिरप सर्विलांस से दस टीबी मरीजों की हुई पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: कफ सिरप सर्विलांस से दस टीबी मरीजों की हुई पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 28 Mar 2026 01:50 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
हमीरपुर। जिले में टीबी के मरीजों की जल्द पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कफ सिरप सर्विलांस को प्रभावी हथियार के रूप में अपनाया है। सात महीनों में इस पहल के तहत 3007 टीबी लक्षण वाले मरीजों के बलगम के सैंपल की जांच हुई है।
इनमें से दस मामलों में टीबी की पुष्टि हुई है। टीबी की पुष्टि होने के बाद मरीजों का इलाज शुरू किया गया। टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए जिले में एक विशेष पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत लगातार खांसी की शिकायत पर जब कोई व्यक्ति केमिस्ट की दुकान से कफ सिरप खरीदता है, तो उसका नाम और पता दर्ज किया जाता है। इसके बाद केमिस्ट यह जानकारी ड्रग इंस्पेक्टर को सौंपते हैं।
ड्रग इंस्पेक्टर से यह डाटा जिला टीबी अधिकारी तक पहुंचता है। उसके बाद आशा कार्यकर्ताओं की ओर से मरीजों पर नजर रखी जाती है। उनकी बलगम की जांच की जाती है। जुलाई 2025 से जनवरी 2026 तक 3007 टीबी लक्षण वाले मरीजों की बलगम की जांच हुई। इनमें से दस लोग टीबी से पीड़ित मिले। मरीजों को तुरंत दवाइयां उपलब्ध करवाई गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यह सर्विलांस प्रणाली टीबी उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इससे शुरुआती चरण में ही मरीजों का पता लगाकर उनका इलाज शुरू किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि लगातार खांसी, बुखार या वजन कम होने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं, ताकि बीमारी को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
कोट
टीबी के लक्षण दिखने पर जल्द जांच आवश्यक है। टीबी का इलाज संभव है। कफ सिरप सर्विलांस से टीबी मरीजों का समय पर इलाज किया जा रहा है। -डॉ. प्रवीण चौधरी, सीएमओ हमीरपुर
समाचार : नवीन
Trending Videos
इनमें से दस मामलों में टीबी की पुष्टि हुई है। टीबी की पुष्टि होने के बाद मरीजों का इलाज शुरू किया गया। टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए जिले में एक विशेष पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत लगातार खांसी की शिकायत पर जब कोई व्यक्ति केमिस्ट की दुकान से कफ सिरप खरीदता है, तो उसका नाम और पता दर्ज किया जाता है। इसके बाद केमिस्ट यह जानकारी ड्रग इंस्पेक्टर को सौंपते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ड्रग इंस्पेक्टर से यह डाटा जिला टीबी अधिकारी तक पहुंचता है। उसके बाद आशा कार्यकर्ताओं की ओर से मरीजों पर नजर रखी जाती है। उनकी बलगम की जांच की जाती है। जुलाई 2025 से जनवरी 2026 तक 3007 टीबी लक्षण वाले मरीजों की बलगम की जांच हुई। इनमें से दस लोग टीबी से पीड़ित मिले। मरीजों को तुरंत दवाइयां उपलब्ध करवाई गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यह सर्विलांस प्रणाली टीबी उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इससे शुरुआती चरण में ही मरीजों का पता लगाकर उनका इलाज शुरू किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि लगातार खांसी, बुखार या वजन कम होने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं, ताकि बीमारी को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
कोट
टीबी के लक्षण दिखने पर जल्द जांच आवश्यक है। टीबी का इलाज संभव है। कफ सिरप सर्विलांस से टीबी मरीजों का समय पर इलाज किया जा रहा है। -डॉ. प्रवीण चौधरी, सीएमओ हमीरपुर
समाचार : नवीन