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Hamirpur (Himachal) News: शिवा क्लस्टर में अव्यवस्था पर मंत्री ने लगाई अधिकारियों की क्लास, सोमवार तक रिपोर्ट तलब
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 15 Mar 2026 12:24 AM IST
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राजस्व,बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी बड़सर में सेरी व झटूंडा क्लस्टर का निरीक
- फोटो : मेला तीज में जलवा विखेरते गायक जस्सी गिल और बब्बल राय
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बड़सर (हमीरपुर)। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शनिवार को बड़सर उपमंडल के सेरी और झटूंडा क्लस्टर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परियोजना में अपेक्षित प्रगति न होने और किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और सोमवार तक पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
क्लस्टर में किसानों ने मंत्री के सामने आरोप लगाया कि पौधरोपण के दौरान पौधों के लिए उचित गहराई तक गड्ढे नहीं खोदे गए, जिसके कारण कई पौधे सूख गए हैं। किसानों का कहना था कि क्षेत्र में पानी की कमी के चलते उन्होंने विभाग से फिलहाल पौधरोपण रोकने का आग्रह किया था, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। परिणामस्वरूप लगाए गए पौधे अब सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं।
किसानों की शिकायतें सुनने के बाद मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने क्लस्टर में लगाए गए मौसमी और अनार के पौधों का जायजा लिया और कार्य की गुणवत्ता और निगरानी पर असंतोष जताया।
अधिकारियों से जब जवाब मांगा गया तो एक अधिकारी ने हाल ही में यहां जॉइन करने का हवाला दिया। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आखिर जवाबदेही किसकी तय की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि क्लस्टर में लगाए गए पौधों और परियोजना से जुड़े सभी कार्यों की सोमवार तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
हजारों पौधे लगाए, कई सूखने की कगार पर
बागवानी विभाग के अनुसार सेरी क्लस्टर में अनार के 1150 पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि झटूंडा क्लस्टर में करीब 5000 मौसमी के पौधे रोपे गए हैं। अभी लगभग 4000 पौधे और लगाए जाने बाकी हैं। हालांकि दोनों क्लस्टरों में कई स्थानों पर पौधों को समय पर खाद और पर्याप्त पानी नहीं मिलने की शिकायत सामने आई है। देखभाल में लापरवाही के कारण कई पौधे सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत कमियां दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य क्षेत्र के किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है, इसलिए सभी परियोजनाओं को निर्धारित मानकों और तय समय सीमा के भीतर पूरा करना जरूरी है।
ड्रिप इरीगेशन और पंप हाउस के डिजाइन पर भी उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान क्लस्टर में ड्रिप इरीगेशन प्रणाली न होने पर भी मंत्री ने अधिकारियों से जवाब तलब किया। अनार के पौधे चार से पांच फुट ऊंचे होने के बाद ड्रिप इरीगेशन ने होने पर मंत्री ने अधिकारियों से जवाब मांगा। मंत्री ने मौके पर पंप हाउस की पैमाइश करवाई और उसके डिजाइन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारियों से टेंडर प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी मांगी और पूछा कि टेंडर में क्या प्रावधान थे और जमीन पर किस तरह के ढांचे तैयार किए गए हैं। इस दौरान बागवानों ने भी मंत्री के सामने परियोजना को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए।
ये रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान बागवानी विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार, पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी सुभाष ढटवालिया, पूर्व विधायक मनजीत सिंह डोगरा, पवन कालिया, रूबल ठाकुर सहित क्षेत्र के कई किसान मौजूद रहे।
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क्लस्टर में किसानों ने मंत्री के सामने आरोप लगाया कि पौधरोपण के दौरान पौधों के लिए उचित गहराई तक गड्ढे नहीं खोदे गए, जिसके कारण कई पौधे सूख गए हैं। किसानों का कहना था कि क्षेत्र में पानी की कमी के चलते उन्होंने विभाग से फिलहाल पौधरोपण रोकने का आग्रह किया था, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। परिणामस्वरूप लगाए गए पौधे अब सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं।
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किसानों की शिकायतें सुनने के बाद मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने क्लस्टर में लगाए गए मौसमी और अनार के पौधों का जायजा लिया और कार्य की गुणवत्ता और निगरानी पर असंतोष जताया।
अधिकारियों से जब जवाब मांगा गया तो एक अधिकारी ने हाल ही में यहां जॉइन करने का हवाला दिया। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आखिर जवाबदेही किसकी तय की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि क्लस्टर में लगाए गए पौधों और परियोजना से जुड़े सभी कार्यों की सोमवार तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
हजारों पौधे लगाए, कई सूखने की कगार पर
बागवानी विभाग के अनुसार सेरी क्लस्टर में अनार के 1150 पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि झटूंडा क्लस्टर में करीब 5000 मौसमी के पौधे रोपे गए हैं। अभी लगभग 4000 पौधे और लगाए जाने बाकी हैं। हालांकि दोनों क्लस्टरों में कई स्थानों पर पौधों को समय पर खाद और पर्याप्त पानी नहीं मिलने की शिकायत सामने आई है। देखभाल में लापरवाही के कारण कई पौधे सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत कमियां दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य क्षेत्र के किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है, इसलिए सभी परियोजनाओं को निर्धारित मानकों और तय समय सीमा के भीतर पूरा करना जरूरी है।
ड्रिप इरीगेशन और पंप हाउस के डिजाइन पर भी उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान क्लस्टर में ड्रिप इरीगेशन प्रणाली न होने पर भी मंत्री ने अधिकारियों से जवाब तलब किया। अनार के पौधे चार से पांच फुट ऊंचे होने के बाद ड्रिप इरीगेशन ने होने पर मंत्री ने अधिकारियों से जवाब मांगा। मंत्री ने मौके पर पंप हाउस की पैमाइश करवाई और उसके डिजाइन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारियों से टेंडर प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी मांगी और पूछा कि टेंडर में क्या प्रावधान थे और जमीन पर किस तरह के ढांचे तैयार किए गए हैं। इस दौरान बागवानों ने भी मंत्री के सामने परियोजना को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए।
ये रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान बागवानी विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार, पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी सुभाष ढटवालिया, पूर्व विधायक मनजीत सिंह डोगरा, पवन कालिया, रूबल ठाकुर सहित क्षेत्र के कई किसान मौजूद रहे।

राजस्व,बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी बड़सर में सेरी व झटूंडा क्लस्टर का निरीक- फोटो : मेला तीज में जलवा विखेरते गायक जस्सी गिल और बब्बल राय