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Hamirpur (Himachal) News: बारिश से मटमैला हुआ पानी, 60 हजार आबादी को जलसंकट
Thu, 02 Jul 2026 01:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 02 Jul 2026 01:12 AM IST
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दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। दो दिन से हो रही लगातार बारिश के कारण उपमंडल बड़सर में पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। हालात ये हैं कि जल शक्ति विभाग को पेयजल स्रोतों में अत्यधिक गाद और मिट्टी भरने के कारण सभी 25 पेयजल योजनाओं से जलापूर्ति अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी है। इससे क्षेत्र के करीब 60 हजार लोगों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो गया है। विभाग के मुताबिक बारिश के कारण जलस्रोतों का पानी पूरी तरह मटमैला हो गया है। गाद और मिट्टी की अधिक मात्रा के कारण लिफ्टिंग और शुद्धिकरण प्रक्रिया प्रभावित हुई है। अशुद्ध पानी की आपूर्ति से बचने के लिए एहतियातन सभी प्रभावित योजनाओं से सप्लाई रोक दी गई है। विभाग का अनुमान है कि मौसम सामान्य रहने पर अगले दो-तीन दिन में चरणबद्ध तरीके से जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
प्रभावित योजनाओं में 99 ग्राम पेयजल योजना के अलावा बणी-बड़सर, गारली, समताना, अमेहड़, टिप्पर, दांदड़ू समेत उपमंडल की सभी 25 पेयजल योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं से हजारों परिवारों को नियमित पेयजल उपलब्ध करवाया जाता है। जलापूर्ति बाधित होने से लोगों को आगामी दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि बारिश का दौर लगातार जारी रहा तो जलस्रोतों में गाद की मात्रा और बढ़ने से संकट और गहरा सकता है।
भारी के बावजूद किसी भी पेयजल योजना को बड़ा संरचनात्मक नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि, कुछ स्थानों पर मामूली क्षति हुई है, जिसकी मरम्मत का कार्य विभाग की ओर से किया जा रहा है। सहायक अभियंता रविंद्र रनौत ने बताया कि भारी बारिश कारण पेयजल स्रोतों में भारी मात्रा में गाद और मिट्टी आने से सभी योजनाओं का संचालन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि मौसम साफ रहने पर दो-तीन दिन में पानी साफ होने के बाद चरणबद्ध तरीके से जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी। यदि बारिश लगातार जारी रही तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
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प्रभावित योजनाओं में 99 ग्राम पेयजल योजना के अलावा बणी-बड़सर, गारली, समताना, अमेहड़, टिप्पर, दांदड़ू समेत उपमंडल की सभी 25 पेयजल योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं से हजारों परिवारों को नियमित पेयजल उपलब्ध करवाया जाता है। जलापूर्ति बाधित होने से लोगों को आगामी दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि बारिश का दौर लगातार जारी रहा तो जलस्रोतों में गाद की मात्रा और बढ़ने से संकट और गहरा सकता है।
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भारी के बावजूद किसी भी पेयजल योजना को बड़ा संरचनात्मक नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि, कुछ स्थानों पर मामूली क्षति हुई है, जिसकी मरम्मत का कार्य विभाग की ओर से किया जा रहा है। सहायक अभियंता रविंद्र रनौत ने बताया कि भारी बारिश कारण पेयजल स्रोतों में भारी मात्रा में गाद और मिट्टी आने से सभी योजनाओं का संचालन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि मौसम साफ रहने पर दो-तीन दिन में पानी साफ होने के बाद चरणबद्ध तरीके से जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी। यदि बारिश लगातार जारी रही तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
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