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Hamirpur (Himachal) News: दो खंडों का पैलिएटिव केयर प्रशिक्षण कार्यक्रम अधूरा
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 18 Apr 2026 12:19 AM IST
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हमीरपुर। फंड की कमी से पैलिएटिव केयर से संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जाने वाला प्रशिक्षण कार्यक्रम अधर में है। तीन स्वास्थ्य खंडों में स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है जबकि दो में यह शुरू नहीं हो सका। जिले में पैलिएटिव केयर शुरू करने के लिए पांच मेडिकल ऑफिसर और पांच नर्सें केरल में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं। इसके बाद पांच स्वास्थ्य खंडों में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। नादौन, सुजानपुर और भोरंज स्वास्थ्य खंडों में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। हालांकि, बड़सर और टौणी देवी स्वास्थ्य खंडों में फंड की अनुपलब्धता के चलते प्रशिक्षण कार्यक्रम अब तक आयोजित नहीं हो पाया है।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जैसे ही आवश्यक बजट उपलब्ध होगा इन दोनों स्वास्थ्य खंडों में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिले में करवाए गए सर्वे में 1104 ऐसे मरीजों की पहचान की गई है जिन्हें पैलिएटिव केयर (आरामदायक उपचार और देखभाल) की आवश्यकता है। ये मरीज कैंसर, किडनी, हृदय रोग और अन्य असाध्य बीमारियों से पीड़ित हैं। इनके लिए निरंतर देखभाल और दर्द प्रबंधन जरूरी है।
क्या है पैलिएिटव केयर
पैलिएटिव केयर यानी उपशामक देखभाल किसी भी उम्र के व्यक्ति को दी जाने वाली ऐसी देखभाल है जिसका मकसद रोगी के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना होता है। डॉक्टर या टीम मरीज से बात करती है। उसकी समस्याओं को सुनती है। मरीज के मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाता है। मरीज से जुड़े काम जैसे साफ-सफाई, दवाएं देना, खाना खिलाना आदि और कुछ जगहों पर संगीत और आध्यात्मिक सेशन भी आयोजित किए जाते हैं।
पैलिएटिव केयर प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को ऐसे मरीजों की देखभाल के लिए सक्षम बनाना है जो लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। एक से दो महीनों के भीतर प्रशिक्षण पुन: शुरू किया जाएगा।
-डॉ. प्रवीण चौधरी, सीएमओ, हमीरपुर
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स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जैसे ही आवश्यक बजट उपलब्ध होगा इन दोनों स्वास्थ्य खंडों में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिले में करवाए गए सर्वे में 1104 ऐसे मरीजों की पहचान की गई है जिन्हें पैलिएटिव केयर (आरामदायक उपचार और देखभाल) की आवश्यकता है। ये मरीज कैंसर, किडनी, हृदय रोग और अन्य असाध्य बीमारियों से पीड़ित हैं। इनके लिए निरंतर देखभाल और दर्द प्रबंधन जरूरी है।
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क्या है पैलिएिटव केयर
पैलिएटिव केयर यानी उपशामक देखभाल किसी भी उम्र के व्यक्ति को दी जाने वाली ऐसी देखभाल है जिसका मकसद रोगी के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना होता है। डॉक्टर या टीम मरीज से बात करती है। उसकी समस्याओं को सुनती है। मरीज के मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाता है। मरीज से जुड़े काम जैसे साफ-सफाई, दवाएं देना, खाना खिलाना आदि और कुछ जगहों पर संगीत और आध्यात्मिक सेशन भी आयोजित किए जाते हैं।
पैलिएटिव केयर प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को ऐसे मरीजों की देखभाल के लिए सक्षम बनाना है जो लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। एक से दो महीनों के भीतर प्रशिक्षण पुन: शुरू किया जाएगा।
-डॉ. प्रवीण चौधरी, सीएमओ, हमीरपुर
