{"_id":"6a402bfc9940fac40903e548","slug":"all-eligible-women-of-bara-bhangal-to-receive-1500-chief-minister-kangra-news-c-399-1-sml1042-489582-2026-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़ा भंगाल की सभी पात्र महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपये : मुख्यमंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़ा भंगाल की सभी पात्र महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपये : मुख्यमंत्री
Sun, 28 Jun 2026 01:31 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 28 Jun 2026 01:31 AM IST
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैजनाथ (कांगड़ा)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जिला कांगड़ा के अति दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल की सभी पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 1,500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा की है। शनिवार को बड़ा भंगाल पहुंचे मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद के दौरान यह बड़ी सौगात दी।
सुखविंद्र सिंह सुक्खू प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो इस अति दुर्गम क्षेत्र में रात्रि प्रवास कर रहे हैं। वर्ष 2011 के बाद किसी भी मुख्यमंत्री का यह पहला बड़ा भंगाल दौरा है। इस अवसर पर मुख्य रूप से स्थानीय विधायक किशोरी लाल भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान क्षेत्र के लिए कुल छह बड़ी घोषणाएं कीं।
उन्होंने कहा कि इस दुर्गम क्षेत्र में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जनरेटर सेट लगाए जाएंगे। इसके अलावा बड़ा भंगाल के स्कूली बच्चों को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए विशेष इंसेंटिव (प्रोत्साहन राशि) दी जाएगी। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए बीड़ इत्यादि नजदीकी क्षेत्रों के स्कूलों को नोडल स्कूल बनाया जाएगा, ताकि यहां के बच्चे वहां जाकर आसानी से स्कूली शिक्षा ग्रहण कर सकें।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को बड़ा भंगाल को इको टूरिज्म के तौर पर विकसित करने के निर्देश दिए और इसके लिए शीघ्र ही विस्तृत कार्य योजना बनाने को कहा। उन्होंने घोषणा की कि क्षेत्र में प्राकृतिक खेती से उगाए जाने वाले राजमाह पर सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रदान करेगी। कृषि विभाग को निर्देश दिए गए कि वे स्थानीय लोगों को प्राकृतिक खेती से जोड़ें और सुविधाएं दें। भेड़ पालकों के लिए बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उनसे उचित मूल्य पर मीट की खरीद करेगी। उन्होंने आपदा से हुए नुकसान का जायजा भी लिया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
विज्ञापन
सुखविंद्र सिंह सुक्खू प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो इस अति दुर्गम क्षेत्र में रात्रि प्रवास कर रहे हैं। वर्ष 2011 के बाद किसी भी मुख्यमंत्री का यह पहला बड़ा भंगाल दौरा है। इस अवसर पर मुख्य रूप से स्थानीय विधायक किशोरी लाल भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान क्षेत्र के लिए कुल छह बड़ी घोषणाएं कीं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस दुर्गम क्षेत्र में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जनरेटर सेट लगाए जाएंगे। इसके अलावा बड़ा भंगाल के स्कूली बच्चों को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए विशेष इंसेंटिव (प्रोत्साहन राशि) दी जाएगी। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए बीड़ इत्यादि नजदीकी क्षेत्रों के स्कूलों को नोडल स्कूल बनाया जाएगा, ताकि यहां के बच्चे वहां जाकर आसानी से स्कूली शिक्षा ग्रहण कर सकें।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को बड़ा भंगाल को इको टूरिज्म के तौर पर विकसित करने के निर्देश दिए और इसके लिए शीघ्र ही विस्तृत कार्य योजना बनाने को कहा। उन्होंने घोषणा की कि क्षेत्र में प्राकृतिक खेती से उगाए जाने वाले राजमाह पर सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रदान करेगी। कृषि विभाग को निर्देश दिए गए कि वे स्थानीय लोगों को प्राकृतिक खेती से जोड़ें और सुविधाएं दें। भेड़ पालकों के लिए बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उनसे उचित मूल्य पर मीट की खरीद करेगी। उन्होंने आपदा से हुए नुकसान का जायजा भी लिया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।