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Kangra News: बैंक के कर्जदारों को देना होगा 12 फीसदी ब्याज समेत बकाया
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 24 Mar 2026 07:33 AM IST
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धर्मशाला। सिविल जज कांगड़ा शुभांगी जोशी की अदालत ने ऋण वसूली मामले में कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (केसीसीबी) के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने बैंक को बकाया राशि पर 10 फीसदी वार्षिक ब्याज और 2 फीसदी दंडात्मक ब्याज वसूलने के आदेश जारी किए हैं।
मामले के अनुसार बैंक की गगल शाखा ने वर्ष 2010 में एक व्यक्ति को 75 हजार रुपये का हाउस लोन दिया था। किस्तें न चुकाने पर खाता अनियमित हो गया। बैंक की ओर से परिवार के तीन सदस्यों को नोटिस भेजे गए, मगर कोई जवाब नहीं मिला। इस पर बैंक की ओर से वर्ष 2017 में मुकदमा दायर किया गया।
सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के उपस्थित न होने पर मामला एकतरफा चला। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 17 दिसंबर 2016 तक बकाया 34,830 रुपये की वसूली के आदेश दिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऋण के लिए नामित तीनों प्रतिवादी संयुक्त रूप से इस भुगतान के लिए जिम्मेदार होंगे। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि बैंक को 34,830 रुपये की वसूली के साथ 10 फीसदी वार्षिक ब्याज और 2 फीसदी दंडात्मक ब्याज भी प्राप्त होगा, जो राशि की पूरी वसूली तक लागू रहेगा। संवाद
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मामले के अनुसार बैंक की गगल शाखा ने वर्ष 2010 में एक व्यक्ति को 75 हजार रुपये का हाउस लोन दिया था। किस्तें न चुकाने पर खाता अनियमित हो गया। बैंक की ओर से परिवार के तीन सदस्यों को नोटिस भेजे गए, मगर कोई जवाब नहीं मिला। इस पर बैंक की ओर से वर्ष 2017 में मुकदमा दायर किया गया।
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सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के उपस्थित न होने पर मामला एकतरफा चला। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 17 दिसंबर 2016 तक बकाया 34,830 रुपये की वसूली के आदेश दिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऋण के लिए नामित तीनों प्रतिवादी संयुक्त रूप से इस भुगतान के लिए जिम्मेदार होंगे। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि बैंक को 34,830 रुपये की वसूली के साथ 10 फीसदी वार्षिक ब्याज और 2 फीसदी दंडात्मक ब्याज भी प्राप्त होगा, जो राशि की पूरी वसूली तक लागू रहेगा। संवाद